हमीरपुर जिले के युवाओं में खेलकूद के प्रति उत्साह को और अधिक बढ़ाने के उद्देश्य से एक नए और रोमांचक आयोजन का आगाज हो चुका है। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बोहणी के प्रांगण में वीरवार को अंडर-14 छात्र जिला स्तरीय मेजर और माइनर खेलकूद प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ हुआ। इस प्रतियोगिता में जिले भर के विभिन्न स्कूलों से आए प्रतिभाशाली छात्र अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन करने के लिए पहुंचे हैं।
भव्य शुभारंभ और मुख्य अतिथि की गरिमामयी उपस्थिति
इस प्रतिष्ठित खेल महाकुंभ के शुभारंभ अवसर पर हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार, सुनील शर्मा बिट्टू ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। उनके आगमन पर स्कूल प्रशासन और उपस्थित छात्रों ने गर्मजोशी के साथ उनका स्वागत किया। मुख्य अतिथि ने दीप प्रज्वलित कर और खेल ध्वज फहराकर प्रतियोगिता का आधिकारिक रूप से शुभारंभ किया। उनके साथ स्थानीय शिक्षा विभाग के अधिकारी और कई गणमान्य लोग भी इस अवसर पर मौजूद रहे।
मुख्य अतिथि सुनील शर्मा बिट्टू ने अपने संबोधन में कहा कि खेल केवल शारीरिक विकास का माध्यम नहीं है, बल्कि यह मानसिक मजबूती और अनुशासन का भी सबसे बड़ा साधन है। उन्होंने छात्रों से आह्वान किया कि वे प्रतिस्पर्धा में भाग लेते समय खेल भावना को सर्वोपरि रखें।
खिलाड़ियों को नशे से दूर रहने का कड़ा संदेश
वर्तमान समय में युवा पीढ़ी के सामने मंडरा रहे सबसे बड़े खतरे यानी नशे की लत पर चिंता व्यक्त करते हुए, मुख्य अतिथि ने एक बेहद महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने बच्चों और युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से समझाया।
- शारीरिक और मानसिक बर्बादी: नशे से न केवल शरीर कमजोर होता है, बल्कि मानसिक स्थिति भी असंतुलित हो जाती है।
- लक्ष्य से भटकाव: नशे की गिरफ्त में आने वाला युवा अपने जीवन के बड़े लक्ष्यों से भटक जाता है।
- खेलों का विकल्प: नशे जैसी बुरी आदतों से दूर रहने का सबसे बेहतरीन उपाय खेलों से जुड़ना है।
उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपना अधिक से अधिक समय खेल के मैदान में बिताएं। जब युवा अपना ध्यान खेलकूद, पठन-पाठन और रचनात्मक गतिविधियों में लगाते हैं, तो बुरी संगत और नशीले पदार्थों के लिए उनके जीवन में कोई जगह नहीं बचती है।
जिला स्तर पर कड़ी टक्कर की उम्मीद
अंडर-14 आयु वर्ग के इन मुकाबलों में कबड्डी, वॉलीबॉल, एथलेटिक्स और अन्य माइनर खेलों में जिले की विभिन्न टीमों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा। इस प्रकार के आयोजनों से न केवल ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की छुपी हुई प्रतिभाएं बाहर आती हैं, बल्कि उन्हें राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने का सुनहरा अवसर भी प्राप्त होता है।
प्रतियोगिता के पहले दिन विभिन्न स्कूलों के छात्रों के बीच उत्साह चरम पर दिखा। मैदान पर खिलाड़ियों का जोश और दर्शकों की चीख-पुकार यह साबित कर रही थी कि आने वाले दिनों में मुकाबले बेहद रोमांचक होने वाले हैं। स्थानीय प्रबंधन समिति और शिक्षकों ने भी इस आयोजन को सफल बनाने के लिए पूरी तैयारी कर ली है।