बिजली कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के चलते हरियाणा के कई हिस्सों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। बिजली गुल रहने से पानी की आपूर्ति भी ठप हो गई है, जिससे आम नागरिकों को रोजमर्रा की बुनियादी जरूरतों के लिए भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ताजा मामला पानीपत शहर का है, जहां बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण पेयजल संकट गंभीर रूप ले चुका है। स्थिति इतनी विकट हो गई कि शुक्रवार को शहर के फ्लोरा चौक के स्थानीय निवासियों को पानी का इंतजाम करने के लिए खुद ही आगे आना पड़ा। घरों में पीने का पानी न पहुंचने पर लोगों ने आपसी सहयोग से चंदा इकट्ठा किया और एक जनरेटर किराए पर मंगवाया।
जनरेटर के सहारे चलाया गया ट्यूबवेल
बिजली न होने के कारण सार्वजनिक और निजी ट्यूबवेल बंद पड़े थे। ऐसे में निवासियों द्वारा मंगाए गए जनरेटर की मदद से समरसेबल पंप और ट्यूबवेल को चालू किया गया। जैसे ही ट्यूबवेल से पानी की धारा फूटी, आसपास के लोग तुरंत बाल्टियां, डिब्बे और पानी की टंकियां लेकर मौके पर इकट्ठा हो गए। हर कोई अपने परिवार के लिए पीने का पानी जुटाने की जद्दोजहद में लगा दिखाई दिया।
40 हजार कर्मचारियों की हड़ताल से व्यापक असर
राज्यभर में करीब 40 हजार बिजली कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। पिछले 48 घंटों से कई इलाकों में बत्ती गुल है। बिजली के साथ-साथ जलापूर्ति ठप होने से घरों में लगे इनवर्टर भी जवाब दे चुके हैं। फरीदाबाद जैसे औद्योगिक शहरों में इस ब्लैकआउट के कारण बड़े पैमाने पर कामकाज प्रभावित हुआ है, जिससे व्यापारिक जगत को भी भारी नुकसान की खबरें सामने आ रही हैं। प्रशासन और संबंधित विभागों द्वारा स्थिति को सामान्य करने के प्रयास जारी हैं, लेकिन तब तक आम जनता को वैकल्पिक साधनों पर ही निर्भर रहना पड़ रहा है।