पुणे के बहुचर्चित मुंढवा जमीन घोटाला मामले में जांच का दायरा तेजी से बढ़ता जा रहा है। आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने इस मामले में बड़ा कदम उठाते हुए उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के दो विशेष कार्य अधिकारियों (OSD) विकास पाटिल और राम चौबे को आधिकारिक नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए तलब किया है।
यह कार्रवाई ऐसे समय में सामने आई है जब पार्थ पवार से जुड़ी एक कंपनी और लगभग 40 एकड़ सरकारी जमीन के विवादास्पद सौदे की फाइलें और दस्तावेज जांच एजेंसियों के रडार पर हैं। प्रारंभिक जांच में इस बात के संदिग्ध प्रमाण मिले हैं कि इस पूरे सौदे के दौरान दस्तावेजों और सबूतों से कथित तौर पर छेड़छाड़ की गई थी, साथ ही प्रशासनिक स्तर पर मध्यस्थता की भूमिका भी निभाई गई थी।
राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज
आर्थिक अपराध शाखा द्वारा उपमुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े अधिकारियों को नोटिस थमाए जाने के बाद राज्य के राजनीतिक हलकों में सरगर्मी काफी बढ़ गई है। विपक्षी दल इस मामले में पहले से ही आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं और अब प्रशासनिक अधिकारियों की संलिप्तता सामने आने से सरकार पर दबाव और अधिक बढ़ सकता है।
जांच एजेंसी अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि मुंढवा जमीन के इस बड़े सौदे में इन दोनों अधिकारियों की भूमिका किस स्तर पर थी और क्या सरकारी दस्तावेजों को प्रभावित करने के लिए अपने पद का दुरुपयोग किया गया था। इस मामले में आने वाले दिनों में और भी लोगों से पूछताछ किए जाने की संभावना जताई जा रही है।