केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर चुनाव आयोग और देश की अन्य संवैधानिक संस्थाओं के प्रति जनता में अविश्वास पैदा करने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने जमशेदपुर में एक प्रेस वार्ता के दौरान राहुल गांधी को चुनौती दी कि यदि उन्हें चुनाव प्रक्रिया पर भरोसा नहीं है, तो वे पहले अपने 99 सांसदों से इस्तीफा दिलाएं।
झारखंड के जमशेदपुर में स्थित निर्मल गेस्ट हाउस में शुक्रवार को आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के हालिया बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जब चुनाव में कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार या सांसद जीत हासिल करते हैं, तब चुनावी प्रक्रिया पर कोई सवाल नहीं उठाया जाता है, लेकिन हार का सामना करते ही चुनाव आयोग और पूरी चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर संदेह जताया जाने लगता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी ऐसे बयानों और हरकतों का लोकतांत्रिक तरीकों से पुरजोर विरोध करेगी।
संविधान के उल्लंघन और राजनीतिक बयानों पर घेरा
केंद्रीय मंत्री ने राहुल गांधी के उस रवैये पर भी सवाल उठाया जिसमें वे अक्सर सार्वजनिक मंचों पर संविधान की प्रति लेकर चलते हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग आज संविधान बचाने की बात करते हैं, उन्हें यह नहीं भूलना चाहिए कि देश के इतिहास में संविधान का सबसे बड़ा उल्लंघन पूर्व प्रधानमंत्री और उनकी दादी इंदिरा गांधी के कार्यकाल के दौरान हुआ था। अन्नपूर्णा देवी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता के बयानों का मुख्य उद्देश्य देश की जनता के बीच भ्रम और अराजकता का माहौल तैयार करना है, जिसे भाजपा कभी कामयाब नहीं होने देगी।
मतदाता सूची और घुसपैठियों के मुद्दों पर बयान
प्रेस वार्ता के दौरान एसआईआर (SIR) के विरोध का जिक्र करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इसका विरोध करने के पीछे सोची-समझी रणनीति है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस विरोध का असली मकसद बांग्लादेशी घुसपैठियों के नाम अवैध रूप से मतदाता सूची में शामिल कराना है ताकि राजनीतिक लाभ लिया जा सके। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि भारतीय जनता पार्टी और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऐसा कभी नहीं होने देंगे। इस अवसर पर उनके साथ स्थानीय सांसद बिद्युत बरण महतो, विधायक पूर्णिमा साहू, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अभय सिंह, महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा और अन्य प्रमुख नेता भी मौजूद रहे।