गुरुग्राम के सेक्टर-37 स्थित विश्व शांति केंद्र में राष्ट्रीय सैनिक संस्था के शीर्ष पदाधिकारियों की बैठक आयोजित की गई, जिसमें देश की रक्षा में जुटे सैनिकों के वेतन को आयकर मुक्त करने की पुरजोर मांग उठाई गई। संस्था के नेताओं ने तर्क दिया कि किसानों की कृषि आय की तरह देश की सरहदों पर तैनात जवानों को भी वेतन पर कर से पूरी तरह छूट मिलनी चाहिए।
गुरुग्राम में आयोजित इस बैठक में विभिन्न सैन्य और प्रशासनिक पृष्ठभूमि के दिग्गजों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि विषम और जानलेवा परिस्थितियों में देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले जवानों को आयकर के दायरे से बाहर रखा जाना चाहिए। यह मांग ऐसे समय में आई है जब देश के पूर्व सैन्य अधिकारियों ने सैनिकों के मनोबल को सर्वोपरि रखने की आवश्यकता जताई है।
जवानों का मनोबल और कठिन सेवा शर्तें
संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वीर चक्र प्राप्त कर्नल तेजेंद्र पाल त्यागी ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि देश की सीमाओं पर तैनात अधिकांश जवान साधारण और मध्यमवर्गीय परिवारों से आते हैं। उन्हें अत्यंत कठिन भौगोलिक और सामरिक परिस्थितियों में अपनी ड्यूटी निभानी पड़ती है। इसके अलावा, उन्हें अन्य सरकारी सेवाओं की तुलना में काफी कम उम्र में सेवानिवृत्ति का सामना करना पड़ता है, जिससे उनके भविष्य की चुनौतियां बढ़ जाती हैं।
कर्नल त्यागी ने आगे कहा कि देश के लिए अपनी जान जोखिम में डालने वाले जवानों के मन में अक्सर यह सवाल उठता है कि उन्हें अपनी देशसेवा के बदले मिलने वाले वेतन पर आयकर क्यों चुकाना पड़ता है। बैठक में मौजूद अन्य वरिष्ठ अधिकारियों जैसे कर्नल कवर माकेन और लेफ्टिनेंट कर्नल संतपाल राघव ने भी इस बात का समर्थन किया कि देश की सुरक्षा व्यवस्था में जवान और कृषि क्षेत्र को संभालने वाले किसान ही देश की मुख्य जीवनरेखा हैं।
किसान और जवान की तुलना और शास्त्री जी के विचार
बैठक में उपस्थित वक्ताओं ने देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के प्रसिद्ध नारे और उनके विचारों को याद किया। उन्होंने कहा कि शास्त्री जी ने हमेशा 'जय जवान, जय किसान' के जरिए दोनों के योगदान को देश के लिए समान रूप से महत्वपूर्ण माना था। जिस प्रकार देश के किसानों की कृषि आय को आयकर से मुक्त रखा गया है, उसी तर्ज पर सैनिकों के वेतन को भी कर के दायरे से बाहर लाने पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
कर्नल जय सिंह और कमांडर एनके सिंगला ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि वर्तमान भू-राजनीतिक और आंतरिक सुरक्षा की परिस्थितियों में सैनिकों का उच्च मनोबल बनाए रखना बेहद जरूरी है। वित्तीय राहत मिलने से जवानों का आत्मविश्वास और अधिक मजबूत होगा।
प्रमुख पदाधिकारियों का समर्थन
इस महत्वपूर्ण बैठक में राष्ट्रीय सैनिक संस्था के कई अन्य प्रमुख पदाधिकारी भी शामिल हुए। इनमें राजेंद्र प्रसाद त्रिपाठी, गणेश दत्त, महिला विंग की सक्रिय सदस्य उर्वशी वालिया, मोनिका गोयल, स्वाति बंसल और दिल्ली के युवा अध्यक्ष सुनील बंसल प्रमुख रूप से शामिल रहे। इन सभी ने एक स्वर में सैनिकों के वेतन को आयकर मुक्त करने की इस मांग का पूर्ण समर्थन किया और सरकार से इस पर सकारात्मक कदम उठाने की अपील की।