भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन के बेटे अरबाज हुसैन का निकाह हरियाणा के यमुनानगर जिले के जगाधरी से कांग्रेस विधायक अकरम खान की बेटी अफशां खान के साथ संपन्न हुआ है। इस वैवाहिक बंधन में राजनीतिक दलों की वैचारिक सीमाओं से परे जाकर भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के दिग्गज नेता शामिल हुए, जो चर्चा का विषय बना हुआ है।
नई दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित पीएसओआइ क्लब में 25 अक्टूबर को दोनों का निकाह हुआ था। इसके पश्चात, गत सोमवार रात को दिल्ली में एक भव्य रिसेप्शन समारोह का आयोजन किया गया। इस रिसेप्शन में देश और राज्य के कई प्रमुख राजनेता पहुंचे और नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद दिया। समारोह में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा सहित विभिन्न दलों के कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।
कौन हैं दुल्हन अफशां खान और उनका राजनीतिक परिवार?
शाहनवाज हुसैन की बहू बनीं अफशां खान ने मास कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री प्राप्त की है। उनका परिवार पिछले तीन दशकों से अधिक समय से राजनीति में सक्रिय रहा है। उनके पिता अकरम खान यमुनानगर जिले के खिजरी गांव के रहने वाले हैं और वर्तमान में जगाधरी विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक हैं। अकरम खान ने वर्ष 2024 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़कर 67,403 वोट हासिल कर जीत दर्ज की थी।
अफशां खान का राजनीतिक इतिहास तीन पीढ़ियों पुराना है। उनके परदादा और दादा के बाद उनके पिता अकरम खान ने राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई। अकरम खान के पिता चौधरी मोहम्मद असलम खान वर्ष 1987 और 1991 में छछरौली विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए थे। इसके अलावा उनके दादा चौधरी अब्दुल रशीद खान भी स्थानीय राजनीति में सक्रिय रहे थे। अकरम खान वर्ष 1996 में निर्दलीय विधायक बने थे और वर्ष 1999 में ओमप्रकाश चौटाला के नेतृत्व वाली सरकार में गृह राज्य मंत्री रहने के साथ-साथ विधानसभा उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। वर्ष 2009 में वह बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के टिकट पर जगाधरी से जीते थे और बाद में कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए थे।
शाहनवाज हुसैन का राजनीतिक सफर
भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख नेताओं में शुमार शाहनवाज हुसैन का जन्म 12 दिसंबर 1968 को बिहार के सुपौल में हुआ था। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया है। वर्ष 1999 में बिहार के किशनगंज से सांसद चुने जाने के बाद उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली थी। उन्होंने खाद्य प्रसंस्करण, कोयला, कपड़ा और नागरिक उड्डयन मंत्रालयों का कार्यभार संभाला। सितंबर 2001 में वह देश के सबसे युवा केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रियों में शामिल रहे। इसके बाद उन्होंने वर्ष 2006 और 2009 में भागलपुर संसदीय सीट से भी जीत दर्ज की।
केंद्र की राजनीति के बाद उन्होंने बिहार की प्रांतीय राजनीति में भी सक्रिय भूमिका निभाई। फरवरी 2021 में वह बिहार की नीतीश कुमार सरकार में उद्योग मंत्री बने और अगस्त 2022 तक इस पद पर कार्यरत रहे। वर्तमान में वह भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता के रूप में पार्टी का पक्ष रखते रहे हैं।