3.50 करोड़ रुपये के फर्जी प्रोजेक्ट खुलासे के बाद सदमे में छात्र, पीजीआई चंडीगढ़ में इलाज जारी
हिमाचल प्रदेश के सरकारी पॉलीटेक्निक कॉलेज हमीरपुर का एक छात्र गंभीर साइबर फ्रॉड का शिकार हो गया है। कंप्यूटर इंजीनियरिंग के पांचवें सेमेस्टर के छात्र सर्वेश शर्मा को सेना के लिए ड्रोन तैयार करने का 3.50 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट मिलने का दावा किया गया था, जो बाद में पूरी तरह फर्जी साबित हुआ। इस खुलासे के बाद उपजे मानसिक तनाव और घटनाक्रम के बीच छात्र संदिग्ध परिस्थितियों में हॉस्टल की तीसरी मंजिल से नीचे गिर गया। गंभीर हालत में उसे पीजीआई चंडीगढ़ में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है।
फर्जी पत्र और मीडिया में सुर्खियां
बीते सितंबर महीने में यह मामला सामने आया था जब देशभर के मीडिया में यह खबर प्रमुखता से चली थी। छात्र सर्वेश शर्मा को भारतीय सेना का लोगो लगा हुआ एक पत्र मिला था, जिसमें उसे सेना के वास्ते ड्रोन विकसित करने के लिए 3.50 करोड़ रुपये का भारी-भरकम प्रोजेक्ट मिलने का दावा किया गया था। इस फर्जी दावे के आधार पर कॉलेज प्रबंधन ने भी आगे की प्रक्रिया शुरू की और इसे बड़ी उपलब्धि बताते हुए प्रचारित किया। स्थिति यहां तक पहुंच गई कि हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल ने भी छात्र को सम्मानित कर दिया था।
रक्षा संगठन ने पोल खोली और सेना की कॉल
इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब आईडेक्स डीआईओ (डिफेंस इनोवेशन ऑर्गेनाइजेशन) ने सोशल मीडिया पर आधिकारिक पोस्ट कर इस प्रोजेक्ट को पूरी तरह से फेक करार दिया। पॉलीटेक्निक कॉलेज के प्रिंसिपल चंद्रशेखर को 15 अक्टूबर को सेना की तरफ से फोन आया, जिसके बाद मामले की आंतरिक जांच शुरू की गई। इसके बाद 27 अक्टूबर को सेना ने छात्र का पूरा रिकॉर्ड मांगा और अधिकारियों ने सीधे छात्र से बातचीत की।
हॉस्टल की तीसरी मंजिल से गिरने की घटना
सेना और रक्षा संगठन द्वारा प्रोजेक्ट के फर्जी होने की पुष्टि किए जाने के बाद 28 अक्टूबर को छात्र सर्वेश शर्मा हॉस्टल की तीसरी मंजिल से नीचे गिर गया। छात्र के पिता मजदूरी करते हैं और सर्वेश अपनी पढ़ाई में काफी प्रतिभाशाली माना जाता है, जो ड्रोन तकनीक पर काम कर रहा था। घटना की सूचना मिलते ही हमीरपुर पुलिस की टीम कॉलेज के हॉस्टल के कमरा नंबर 302 में पहुंची।
पुलिस जांच और दर्ज मामले
पुलिस के अनुसार घटना के समय कमरे की कुंडी अंदर से बंद थी और छात्र बालकनी से नीचे गिरा है। पुलिस इस मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है, जिसमें आत्महत्या के एंगल के साथ-साथ चक्कर आने जैसी संभावनाओं को भी परखा जा रहा है। कॉलेज के प्रिंसिपल की औपचारिक शिकायत के आधार पर हमीरपुर पुलिस थाना में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(2), 319 और 336(3) के साथ-साथ सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम, 2000 की धारा 66C और 66D के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की गहनता से छानबीन कर रही है।