टाटा संस और टाटा ट्रस्ट्स के बीच चल रही अंदरूनी चर्चाओं और खींचतान के बीच टाटा समूह की प्रमुख रिटेल कंपनी ट्रेंट लिमिटेड (Trent Limited) में बड़ा नेतृत्व परिवर्तन होने जा रहा है। कंपनी ने बहराम वकील को अपना नया चेयरमैन नियुक्त करने की आधिकारिक घोषणा की है, जो आगामी 12 नवंबर से कार्यभार संभालेंगे।
इस बदलाव के साथ ही ट्रेंट लिमिटेड के साथ नोएल एन. टाटा का लगभग तीन दशकों लंबा कार्यकाल समाप्त हो रहा है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, नोएल टाटा आगामी 11 नवंबर को कंपनी के चेयरमैन और डायरेक्टर के पद से औपचारिक रूप से हट जाएंगे। उनके जाने से कंपनी में एक महत्वपूर्ण नेतृत्व का दौर पूरा हो रहा है, जिसके बाद कमान बहराम वकील के हाथों में सौंपी जाएगी।
कौन हैं बहराम वकील?
ट्रेंट लिमिटेड के नए चेयरमैन बनने जा रहे बहराम वकील देश के जाने-माने कानूनी दिग्गजों में शामिल हैं। वे प्रतिष्ठित लॉ फर्म 'AZB एंड पार्टनर्स' के सह-संस्थापक (Co-founder) और सीनियर पार्टनर हैं। कॉरपोरेट जगत और कानूनी हलकों में उनकी गहरी पैठ है।
कानूनी क्षेत्र में उनकी विशेषज्ञता मुख्य रूप से रीस्ट्रक्चरिंग (पुनर्गठन), इन्सॉल्वेंसी (दिवालियापन से जुड़े मामले), इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रोजेक्ट फाइनेंस के मामलों में रही है। इस क्षेत्र में उन्हें भारत के प्रमुख वकीलों में गिना जाता है। कंपनी के बोर्ड को उम्मीद है कि उनके कॉरपोरेट मामलों के लंबे अनुभव से ट्रेंट लिमिटेड को रणनीतिक स्तर पर बड़ा लाभ मिलेगा।
टाटा समूह में बदलाव का दौर
यह नेतृत्व परिवर्तन ऐसे समय में हो रहा है जब टाटा समूह के भीतर के घटनाक्रमों पर बाजार और निवेशकों की पैनी नजर बनी हुई है। टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा और टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन के बीच कथित अनबन और अंदरूनी कलह की खबरों के बीच ट्रेंट लिमिटेड का यह फैसला कॉर्पोरेट गलियारों में काफी अहम माना जा रहा है। हालांकि, ट्रेंट का यह नेतृत्व बदलाव कंपनी की नियमित कॉर्पोरेट गवर्नेंस और उत्तराधिकार योजना का हिस्सा बताया गया है, जो तय समयसीमा के तहत लागू हो रहा है।