शराब के नशे में हुए विवाद के बाद दोस्त ने सिर पर ईंट से वार कर 32 वर्षीय विक्रम की जान ली, शव को पानी में डुबोने के लिए बांधी गई थीं ईंटें
राजधानी दिल्ली के द्वारका जिले के छावला थाना क्षेत्र में एक सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा हुआ है। पुलिस ने बादुसराय गांव के पास नजफगढ़ नाले में मिले 32 वर्षीय युवक विक्रम के शव की गुत्थी सुलझाते हुए महज 12 घंटे के भीतर दो आरोपियों को दबोच लिया है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि पुरानी रंजिश और शराब के नशे में हुए मामूली विवाद के बाद मृतक के ही जिगरी दोस्त ने इस वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस इस मामले के हर पहलू की गहराई से छानबीन कर रही है।
शाम को घर लौटते समय राहगीर ने दी थी सूचना
द्वारका जिले के पुलिस उपायुक्त कुशल पाल सिंह ने इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि 28 अक्टूबर की शाम को पुलिस को सूचना मिली थी कि नजफगढ़ नाले में एक शव पड़ा हुआ है। गुरुग्राम में बतौर चालक काम करने वाले 53 वर्षीय विजय भारद्वाज जब अपना काम खत्म कर शाम को घर लौट रहे थे, तब उन्होंने नाले में शव को देखा और तुरंत पुलिस को इसकी जानकारी दी। पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और शव को बाहर निकाला।
मृतक की शिनाख्त बादुसराय निवासी 32 वर्षीय विक्रम के रूप में हुई। पुलिस तफ्तीश में पता चला कि विक्रम गत 25 अक्टूबर से अपने घर से लापता था। उसके परिजनों ने किसी अनहोनी की आशंका के चलते 27 अक्टूबर की शाम छावला थाने में उसकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने तुरंत प्राथमिकी दर्ज कर ली थी और मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष टीम का गठन किया गया था।
विशेष टीम का गठन और तकनीकी जांच
गुमशुदगी से लेकर हत्या में तब्दील हुए इस मामले की जांच के लिए अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त-1 विकास मीणा और एसीपी छावला जसवंत सिंह की देखरेख में छावला थाना प्रभारी दलीप कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई थी। अपराध जांच टीम और फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) की टीमों ने संयुक्त रूप से घटनास्थल का मुआयना किया और मौके से साक्ष्य जुटाए।
जांच टीम ने मैनुअल सर्विलांस और तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लिया। इसके जरिए यह अहम सुराग हाथ लगा कि विक्रम को आखिरी बार बादुसराय इलाके के ही रहने वाले दो युवकों—सागर (26) और प्रवीण उर्फ भोलू (30)—के साथ देखा गया था। इस कड़ी के आधार पर पुलिस ने दोनों संदिग्धों को 29 अक्टूबर को हिरासत में ले लिया और उनसे कड़ाई से पूछताछ शुरू की।
पुराने विवाद और नशे ने ली जान
पुलिस पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपी सागर का विक्रम के साथ पहले से ही पुराना विवाद चल रहा था। वारदात की रात जब तीनों शराब के नशे में थे, तब इसी पुराने विवाद को लेकर विक्रम और सागर के बीच फिर से तीखी बहस शुरू हो गई। विवाद इतना बढ़ा कि गुस्से में आकर सागर ने विक्रम के सिर पर भारी वस्तु यानी ईंट से जोरदार वार कर दिया। इस हमले में विक्रम की मौके पर ही मौत हो गई।
हत्या को छुपाने के लिए आरोपियों ने शातिर तरीका अपनाया। उन्होंने विक्रम के शव के साथ ईंटें बांध दीं ताकि शव पानी की सतह पर तैरकर ऊपर न आए और नीचे नाले के पानी में ही डूबा रहे। मृतक के सिर के पिछले हिस्से पर गंभीर चोट के निशान साफ तौर पर देखे गए थे। पुलिस अब इस बात की भी गहनता से जांच कर रही है कि इस पूरी साजिश में आरोपी प्रवीण उर्फ भोलू की क्या और कितनी भूमिका रही है तथा हत्या के पीछे अन्य क्या कारण रहे होंगे।