मुंबई ने हरियाणा को 10 विकेट से हराया, तनुश कोटियान का शानदार प्रदर्शन
मुंबई की क्रिकेट टीम ने रणजी ट्रॉफी मुकाबले में अपने विजयी अभियान को जारी रखते ہوئے हरियाणा को 10 विकेट से करारी शिकस्त दी है। एमसीए-बीकेसी ग्राउंड पर खेले गए इस मुकाबले में मुंबई ने बोनस अंक के साथ जीत दर्ज की। इस मैच के मुख्य आकर्षण ऑफ स्पिनर तनुश कोटियान रहे, जिन्होंने अपने घरेलू प्रथम श्रेणी करियर में पहली बार मैच में 10 विकेट लेने का कारनामा किया। कोटियान के बेहतरीन गेंदबाजी प्रदर्शन के आगे हरियाणा की पूरी टीम दबाव में नजर आई और मैच का पासा मुंबई के पक्ष में झुक गया।
मैच का हाल और हरियाणा की दूसरी पारी
मैच में फॉलोऑन खेलते हुए हरियाणा की टीम ने अपनी दूसरी पारी में 256 रन बनाए। इससे पहले हरियाणा ने अपनी पहली पारी में 270 रन बनाए थे, जिसके जवाब में मुंबई ने अपनी पहली पारी में 430 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया था। हरियाणा की तरफ से दूसरी पारी में हिमांशु राणा ने 46 रन और निशांत सिंधु ने 44 रनों का योगदान दिया, लेकिन वे मुंबई के गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सके। तनुश कोटियान ने पहली पारी में 70 रन देकर 3 विकेट लिए थे और दूसरी पारी में शानदार गेंदबाजी करते हुए 81 रन देकर 8 विकेट झटके। उनके इस घातक प्रदर्शन के चलते हरियाणा की टीम दूसरी पारी में 85.5 ओवरों में सिमट गई।
मुंबई की आसान लक्ष्य प्राप्ति
हरियाणा द्वारा दिए गए महज 97 रनों के छोटे से लक्ष्य का पीछा करने उतरी मुंबई की टीम ने बिना कोई विकेट गंवाए आसानी से मैच अपने नाम कर लिया। सलामी बल्लेबाज अंगकृष रघुवंशी और दिव्यांश सक्सेना ने महज 10.4 ओवरों में ही लक्ष्य हासिल कर लिया। अंगकृष रघुवंशी ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए मात्र 39 गेंदों में 3 छक्कों और 7 चौकों की मदद से नाबाद 67 रन बनाए। वहीं, दूसरे छोर पर दिव्यांश सक्सेना ने भी सधी हुई पारी खेलते हुए 25 गेंदों में नाबाद 30 रन बनाए। इस शानदार जीत के साथ मुंबई को मैच से 7 अंक मिले, जबकि हरियाणा को कोई अंक नहीं मिला।
चयनकर्ताओं की नजरों में आने की कोशिश और कोटियान का बयान
तनुश कोटियान का यह 10 विकेट हॉल ऐसे समय में आया है जब वह भारतीय राष्ट्रीय टीम के चयनकर्ताओं का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्हें दिसंबर 2024 में तब भारतीय टेस्ट टीम में शामिल किया गया था जब रविचंद्रन अश्विन ने ऑस्ट्रेलिया दौरे के बीच में संन्यास ले लिया था। हालांकि, कोटियान वर्तमान में भारत ए टीम का हिस्सा हैं, लेकिन वरिष्ठ टीम में जगह बनाना उनके लिए फिलहाल एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। उन्होंने इस साल की शुरुआत में श्रीलंका दौरे के दौरान कोलंबो में एक अन्य ऑफ स्पिनर सारांश जैन को भारत के लिए टेस्ट पदार्पण करते हुए देखा था।
मैच के बाद बात करते हुए तनुश कोटियान ने कहा कि वह लगातार अपने खेल को बेहतर बनाने पर काम कर रहे हैं और इसका परिणाम इस सीजन में दिखाई दे रहा है। रणजी ट्रॉफी सीजन की शुरुआत से पहले उन्होंने ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ अभ्यास मैच में अर्धशतक लगाया था और सात विकेट भी लिए थे। कोटियान ने कहा, 'मैंने अपनी लाइन और लेंथ में सुधार किया है। मैंने दो-तीन नई विविधताएं जोड़ी हैं, जो मेरी मदद कर रही हैं। मैं अपनी सटीकता पर काम करने की कोशिश कर रहा हूं। आज की तरह, मैं अपनी लय के अनुसार गेंदबाजी करने की कोशिश कर रहा था। मैं उतनी तेजी से गेंदबाजी करने की कोशिश कर रहा था जितनी तेजी से मैं कर सकता था।'
दिग्गजों से मिले अनुभव और आगे की राह
अपने छोटे से भारतीय टेस्ट टीम के कार्यकाल के दौरान, कोटियान को अनुभवी ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा और ऑस्ट्रेलिया के ऑफ स्पिनर नाथन लियोन से बातचीत करने का अवसर मिला था। अपने उन अनुभवों को याद करते हुए उन्होंने बताया कि उन्होंने लियोन से रन-अप और गेंद में अधिक स्पिन डालने के गुर सीखे थे। चयन के सवाल पर कोटियान का कहना है कि वह केवल उन चीजों पर ध्यान केंद्रित करते हैं जो उनके नियंत्रण में हैं। उनका मुख्य लक्ष्य बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देना है, बाकी काम चयनकर्ताओं पर छोड़ना है।