मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री समेत कई मंत्री भी पहुंचे राष्ट्रीय राजधानी
दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित होने वाली इंडिया गठबंधन की 'वोट बचाओ, देश बचाओ' महारैली में अपनी पूरी ताकत झोंकते हुए हिमाचल प्रदेश कांग्रेस के हजारों कार्यकर्ता शनिवार को विभिन्न वाहनों से राष्ट्रीय राजधानी के लिए रवाना हो गए। पार्टी संगठन ने इस महारैली के लिए अपने सभी प्रमुख पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति अनिवार्य कर दी थी, जिसके चलते सूबे से मंत्रियों, विधायकों और स्थानीय निकाय प्रमुखों का काफिला भी दिल्ली पहुंच चुका है।
जिलावार बसों और वाहनों की व्यापक व्यवस्था
कार्यकर्ताओं के आने-जाने और खानपान की सभी व्यवस्थाएं पार्टी स्तर पर की गई हैं। परिवहन प्रबंधन से जुड़े आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली भेजने के लिए कुल 156 बसें और 500 से अधिक छोटी गाड़ियां व टेम्पो ट्रैवलर बुक किए गए हैं। इस बार सरकारी उपक्रम एचआरटीसी की केवल 25 से 30 बसें ही इस यात्रा के लिए ली गई हैं, जबकि बाकी सभी बसें निजी ऑपरेटरों की हैं। एचआरटीसी के उपाध्यक्ष अजय वर्मा परिवहन व्यवस्था की तैयारियों की कमान संभाले हुए हैं।
जिलावार परिवहन योजना के तहत कांगड़ा जिला से सबसे अधिक 30 बसें रवाना की गई हैं। इसके अलावा सोलन और ऊना से 20-20, मंडी से 20, सिरमौर से 15, बिलासपुर से 16, शिमला से 16, हमीरपुर से 10, कुल्लू से आठ और चंबा जिला से एक बस के जरिए कार्यकर्ताओं को दिल्ली पहुंचाया गया है। कांग्रेस के अलावा वामपंथी दल सीपीआईएम के पूर्व विधायक राकेश सिंघा और पूर्व महापौर संजय चौहान समेत कई अन्य कार्यकर्ता तथा एटक से जुड़े लोग भी इस महारैली में शामिल होने के लिए दिल्ली गए हैं।
संगठन के सभी पदाधिकारियों के लिए निर्देश सख्त
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने महारैली से ठीक पहले एक औपचारिक पत्र जारी कर स्पष्ट कर दिया था कि संगठन के सभी स्तर के पदाधिकारियों का दिल्ली पहुंचना अनिवार्य है। निर्देश में कहा गया था कि यदि किसी पदाधिकारी का कोई पूर्व निर्धारित दौरा या कार्यक्रम भी तय हो, तो उसे तुरंत रद्द कर इस राष्ट्रीय स्तर के राजनीतिक आयोजन में अपनी भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
दिल्ली पहुंचने पर कार्यकर्ताओं और नेताओं के ठहरने के लिए पहाड़गंज, मुरथल और मंडी हाउस स्थित हिमाचल भवन समेत विभिन्न जगहों पर इंतजाम किए गए हैं। तय कार्यक्रम के मुताबिक, सभी कार्यकर्ता पहले हिमाचल भवन के पास एकत्र होंगे और फिर वहां से मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, प्रदेश मामलों की प्रभारी रजनी पाटिल और प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार के नेतृत्व में जुलूस के रूप में रामलीला मैदान पहुंचेंगे। इस महारैली के दौरान हिमाचल से पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ता एक खास और अलग वेशभूषा में नजर आएंगे।
शीर्ष नेतृत्व की बैठक और मुख्यमंत्री का संभावित आगे का दौरा
दिल्ली में पहुंचने के बाद कांग्रेस प्रदेश मामलों की प्रभारी रजनी पाटिल ने प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की, जिसमें विभिन्न जिलों से पहुंचे पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की संख्या का पूरा फीडबैक लिया गया। वहीं, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू शनिवार दोपहर तक शिमला में ही थे और उन्होंने युवा सेवाएं एवं खेल विभाग के एक कार्यक्रम में खिलाड़ियों को पुरस्कार राशि बांटी थी, जिसके तुरंत बाद वह सड़क या अन्य माध्यम से दिल्ली के लिए रवाना हुए।
उनके साथ उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल और खेल मंत्री यादविंद्र गोमा सहित मंत्रिमंडल के अन्य सहयोगी भी दिल्ली गए हैं। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, महारैली के बाद मुख्यमंत्री का तुरंत शिमला लौटने का कार्यक्रम तय नहीं है। वह दिल्ली से सीधे चंबा जिले के भरमौर दौरे पर जा सकते हैं, जिसके चलते उनकी शिमला वापसी छह नवंबर को संभावित है और सात नवंबर को शिमला में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक बुलाई जा सकती है।