Breaking
► झारखंड में 10 साल बाद जेटेट परीक्षा: 22 से 27 साल पहले नियुक्त शिक्षक भी होंगे शामिल ► दिल्ली महारैली के लिए हिमाचल से रवाना हुए हजारों कांग्रेस कार्यकर्ता ► JSW Combat SUV की नई तस्वीरें आईं सामने, 4 दिसंबर को उठेगा पर्दा ► बलूच विद्रोही संगठन BRG ने बनाई नई ड्रोन यूनिट, पाकिस्तानी सैन्य शिविर पर हमला ► ब्रिटिश सांसद बॉब ब्लैकमैन ने पाकिस्तान में हिंदुओं के उत्पीड़न पर जताई चिंता ► राष्ट्रीय एकता दिवस 2026: भारत अब रुकने वाला नहीं, पीएम मोदी ने विपक्ष और नक्सलवाद पर रखी बेबाक राय ► जयपुर: पूर्णिमा यूनिवर्सिटी की छठी मंजिल से कूदकर एमबीए छात्र की मौत ► हरियाणा कैबिनेट की बैठक 3 नवंबर को, 25 हजार करोड़ के निवेश प्रस्तावों पर लगेगी मुहर ► मुकेश कुमार शर्मा ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर विधानसभा में किया जनसंपर्क ► जियो ने उतारे वॉयस-ओनली प्लान, एयरटेल और वीआई को कड़ी टक्कर ► झारखंड में 10 साल बाद जेटेट परीक्षा: 22 से 27 साल पहले नियुक्त शिक्षक भी होंगे शामिल ► दिल्ली महारैली के लिए हिमाचल से रवाना हुए हजारों कांग्रेस कार्यकर्ता ► JSW Combat SUV की नई तस्वीरें आईं सामने, 4 दिसंबर को उठेगा पर्दा ► बलूच विद्रोही संगठन BRG ने बनाई नई ड्रोन यूनिट, पाकिस्तानी सैन्य शिविर पर हमला ► ब्रिटिश सांसद बॉब ब्लैकमैन ने पाकिस्तान में हिंदुओं के उत्पीड़न पर जताई चिंता ► राष्ट्रीय एकता दिवस 2026: भारत अब रुकने वाला नहीं, पीएम मोदी ने विपक्ष और नक्सलवाद पर रखी बेबाक राय ► जयपुर: पूर्णिमा यूनिवर्सिटी की छठी मंजिल से कूदकर एमबीए छात्र की मौत ► हरियाणा कैबिनेट की बैठक 3 नवंबर को, 25 हजार करोड़ के निवेश प्रस्तावों पर लगेगी मुहर ► मुकेश कुमार शर्मा ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर विधानसभा में किया जनसंपर्क ► जियो ने उतारे वॉयस-ओनली प्लान, एयरटेल और वीआई को कड़ी टक्कर

झारखंड में 10 साल बाद जेटेट परीक्षा: 22 से 27 साल पहले नियुक्त शिक्षक भी होंगे शामिल

झारखंड में 10 साल बाद जेटेट परीक्षा: 22 से 27 साल पहले नियुक्त शिक्षक भी होंगे शामिल

10 साल बाद हो रही परीक्षा में पुराने शिक्षकों की अनिवार्य भागीदारी और सुप्रीम कोर्ट के फैसले की पूरी जानकारी

झारखंड में एक दशक के लंबे अंतराल के बाद रविवार को आयोजित होने जा रही झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट) इस बार कई मायनों में बेहद खास है। इस परीक्षा में केवल नए शिक्षक नियुक्ति की तैयारी कर रहे युवा अभ्यर्थी ही नहीं, बल्कि वे प्राथमिक शिक्षक भी शामिल हो रहे हैं जो आज से 22 से 27 वर्ष पूर्व सरकारी विद्यालयों में नियुक्त हुए थे और वर्तमान में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ये वरिष्ठ शिक्षक भी शिक्षक नियुक्ति की अनिवार्य पात्रता हासिल करने के लिए परीक्षा में सम्मिलित हो रहे हैं।

एक अनुमान के अनुसार, राज्य में पूर्व से कार्यरत लगभग 12 हजार ऐसे शिक्षकों ने इस पात्रता परीक्षा में शामिल होने के लिए आवेदन किया है। हालांकि, विभागीय आंकड़ों के मुताबिक लगभग 20 हजार शिक्षक ऐसे भी हैं जिनके पास वर्तमान में यह पात्रता नहीं है।

आरटीई अधिनियम लागू होने से पहले हुई थी नियुक्ति

ये सभी प्राथमिक शिक्षक निश्शुल्क एवं अनिवार्य बाल अधिकार शिक्षा के अधिकार अधिनियम, 2009 (आरटीई) के लागू होने से पहले यानी वर्ष 2000 और 2004 के दौरान नियुक्त किए गए थे। चूंकि उस समय यह अधिनियम लागू नहीं था, इसलिए उस दौर में शिक्षक नियुक्ति के लिए यह पात्रता परीक्षा पास करना अनिवार्य नहीं माना जाता था। यही कारण है कि ये सभी शिक्षक अभी तक जेटेट उत्तीर्ण नहीं थे।

राज्य में वर्ष 2004 के बाद सीधे वर्ष 2015-16 में प्राथमिक शिक्षकों की नियमित नियुक्तियां हुईं, जिनमें टेट पास होना अनिवार्य कर दिया गया था। इससे पहले वर्ष 2012 और 2016 में आयोजित हुई जेटेट परीक्षाओं में सामान्य अभ्यर्थियों के अलावा मुख्य रूप से पारा शिक्षक ही हिस्सा लेते रहे हैं।

सर्वोच्च न्यायालय का क्या है आदेश

यह पूरी स्थिति सर्वोच्च न्यायालय के एक महत्वपूर्ण आदेश के बाद बदली है। सुप्रीम कोर्ट ने एक सितंबर 2025 को पारित अपने फैसले में स्पष्ट किया है कि कक्षा एक से आठवीं तक पढ़ाने वाले सभी शिक्षकों के लिए टेट परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य है, भले ही उनकी नियुक्ति आरटीई लागू होने से पहले ही क्यों न हुई हो।

अदालत के इस निर्देश के मुताबिक, जिन शिक्षकों की सेवा पांच साल से अधिक बची है, उन्हें दो वर्ष के भीतर यह परीक्षा पास करनी होगी। वहीं, जिन शिक्षकों की नौकरी पांच साल से कम बची है, उन्हें टेट से तो छूट दी गई है, लेकिन यदि उन्हें भविष्य में प्रोन्नति चाहिए तो उनके लिए भी टेट उत्तीर्ण करना आवश्यक होगा। तय सीमा के भीतर परीक्षा पास न कर पाने वाले शिक्षकों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने या सेवा से हटाने तक का अधिकार सरकारों को दिया गया है। हालांकि, इस आदेश को लेकर विभिन्न शिक्षक संघों में विरोध भी देखने को मिल रहा है, जिनका तर्क है कि पुरानी नियुक्तियों पर यह अनिवार्यता लागू नहीं होनी चाहिए।

नियमावली में किया गया ऐच्छिक प्रावधान

सर्वोच्च न्यायालय के इस सख्त निर्देश के आने के बाद स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा नियमावली, 2026 में विशेष प्रावधान जोड़ा। इसके तहत कार्यरत शिक्षकों के लिए परीक्षा में शामिल होने के रास्ते खोले गए, जिसे फिलहाल ऐच्छिक रखा गया है।

विभाग और विशेषज्ञों का मानना है कि आरटीई लागू होने से पूर्व नियुक्त प्राथमिक शिक्षक यदि चाहें तो इस परीक्षा में बैठकर अपनी पात्रता सुनिश्चित कर सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट के किसी भी प्रतिकूल प्रशासनिक कदम से बचने की सोच के साथ ही राज्य के अधिसंख्य पुराने प्राथमिक शिक्षकों ने इस परीक्षा में शामिल होने का व्यावहारिक निर्णय लिया है।

About the Author

रोशनी गुप्ता

रोशनी गुप्ता

Writer

रोशनी गुप्ता जमीनी पत्रकारिता के मजबूत स्तंभ हैं। वे स्थानीय स्तर की उन खबरों को सामने लाते हैं, जो अक्सर बड़े प्लेटफॉर्म पर नजर अंदाज हो जाती हैं।...

Read More

ज़रूर पढ़ें (You May Also Like)

अगली खबर पढ़ें:

आगे पढ़ें →