गर्मी का मौसम हो या फिर सर्दियों की रातें, मीठे के शौकीनों के लिए आइसक्रीम का नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है। भारत में पिछले कुछ वर्षों में खान-पान की आदतों में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। डेजर्ट मार्केट में अब सिर्फ पारंपरिक कुल्फी या वैनिला तक सीमित रहना लोगों को पसंद नहीं आ रहा है। लोग नए और अलग स्वादों की तलाश में रहते हैं। इसी बीच मार्केट रिसर्च फर्म आईएमएआरसी (IMARC) की एक बेहद दिलचस्प रिपोर्ट सामने आई है, जिसने भारतीय आइसक्रीम बाजार के भविष्य की एक बेहद स्पष्ट तस्वीर पेश की है। इस रिपोर्ट के आंकड़ों पर अगर गौर करें तो यह साफ हो जाता है कि भारतीय कंज्यूमर्स की पसंद तेजी से बदल रही है और आने वाले सात सालों में यह बाजार एक नए मुकाम पर पहुंचने वाला है।
चॉकलेट फ्लेवर का जलवा: भारत की पहली पसंद
आइसक्रीम की दुनिया में बादशाहत किसकी है, यह सवाल जब भी किसी के सामने आता है, तो कई तरह के नाम जेहन में आते हैं। लेकिन IMARC की रिपोर्ट के मुताबिक, फिलहाल भारतीय बाजार में चॉकलेट फ्लेवर ने अपना दबदबा पूरी तरह कायम रखा है। बच्चे हों या युवा, या फिर अधिक उम्र के लोग- चॉकलेट हर आयु वर्ग के बीच समान रूप से लोकप्रिय है।
चॉकलेट फ्लेवर की इस बेजोड़ लोकप्रियता के पीछे कई वजहें हैं:
- यूनिवर्सल अपील: चॉकलेट का स्वाद ऐसा है जो लगभग हर भारतीय की जुबान पर आसानी से भा जाता है।
- विभिन्न वैरायटी: डार्क चॉकलेट से लेकर चॉकलेट चिप्स और फज ब्राउनी तक, इसमें मिलने वाले विकल्प ग्राहकों को बार-बार आकर्षित करते हैं।
- बदलती लाइफस्टाइल: शहरीकरण और पश्चिमी संस्कृति के बढ़ते प्रभाव के कारण चॉकलेट आधारित डेजर्ट्स की मांग में लगातार उछाल आया है।
यही कारण है कि आज देश के किसी भी कोने में चले जाइए, आइसक्रीम पार्लर के फ्रीजर में चॉकलेट फ्लेवर की मांग सबसे ऊपर नजर आती है।
अगले सात सालों में कौन मारेगा बाजी? प्रीमियम फ्लेवर्स का दौर
चॉकलेट भले ही आज नंबर वन की कुर्सी पर काबिज हो, लेकिन आने वाले सात वर्षों यानी 2033 तक भारतीय आइसक्रीम बाजार का परिदृश्य काफी हद तक बदलने की संभावना है। रिपोर्ट संकेत देती है कि पारंपरिक और सामान्य स्वादों से आगे बढ़कर भारतीय अब 'प्रीमियम' और 'एक्सोटिक' अनुभवों की तरफ तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं।
खासतौर पर तीन ऐसे फ्लेवर हैं जो आने वाले समय में बाजार में तहलका मचाने और चॉकलेट को कड़ी टक्कर देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं:
1. आम (Mango): राजा का जलवा डेजर्ट में भी
भारत में आम को फलों का राजा कहा जाता है और गर्मियों के सीजन में इसकी दीवानगी किसी से छिपी नहीं है। लेकिन अब तकनीक और कोल्ड चेन लॉजिस्टिक्स के बेहतर होने के कारण आम के स्वाद वाली आइसक्रीम सिर्फ गर्मियों तक सीमित नहीं रह गई है। लोग साल भर मैंगो फ्लेवर को पसंद कर रहे हैं। आने वाले सालों में नेचुरल मैंगो पल्प और अल्फांसो फ्लेवर वाली आइसक्रीम्स की मांग में भारी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।
2. पान (Pala/Paan): देसी स्वाद का नया अवतार
पिछले कुछ समय से भारतीय फूड मार्केट में 'पान' फ्लेवर ने एक अलग ही पहचान बनाई है। माउथ फ्रेशनर के रूप में खाया जाने वाला पान अब आइसक्रीम के रूप में लोगों की पहली पसंद बनता जा रहा है। गुलकंद, सौंफ और पान के पत्तों का वह अनूठा मिश्रण, जो ठंडक के साथ ताजगी देता है, शहरी युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। ये प्रीमियम सेगमेंट का एक ऐसा उत्पाद बन चुका है जो डिनर के बाद डेजर्ट के तौर पर सबसे ज्यादा पसंद किया जा रहा है.
3. केसर पिस्ता (Kesar Pistachio): शाही परंपरा और स्वाद
केसर और पिस्ता का मेल हमेशा से शाही खान-पान का प्रतीक रहा है। भारतीय उपभोक्ताओं की सांस्कृतिक जड़ों में यह स्वाद गहराई से बसा हुआ है। जब बात प्रीमियम आइसक्रीम की आती है, तो लोग स्वाद के साथ-साथ उसकी क्वालिटी और रिचनेस पर भी ध्यान देते हैं। केसर पिस्ता का यह कॉम्बिनेशन ग्राहकों को एक क्लासिक और रिच एक्सपीरियंस देता है, जिसकी डिमांड आने वाले सात सालों में और अधिक तेजी से बढ़ने का अनुमान लगाया गया है।
बाजार में क्यों आ रहा है यह बदलाव?
इस बदलाव के पीछे कई आर्थिक और सामाजिक कारक जिम्मेदार हैं। भारत में डिस्पोजेबल इनकम (खर्च करने योग्य आय) बढ़ रही है। टियर-2 और टियर-3 शहरों में भी लोग अब लोकल आइसक्रीम के बजाय ब्रांडेड और प्रीमियम प्रोडक्ट्स पर पैसे खर्च करने से पीछे नहीं हट रहे हैं। इसके अलावा:
- बढ़ता रिटेल और ई-कॉमर्स नेटवर्क, जिससे घर बैठे मनपसंद फ्लेवर आसानी से मिल जाते हैं।
- क्विक कॉमर्स ऐप्स (जैसे ब्लिंकिट, इंस्टामार्ट आदि) के जरिए 10 मिनट में आइसक्रीम की होम डिलीवरी।
- ग्राहकों की बदलती प्राथमिकताएं जो अब कुछ नया और एक्सपेरिमेंटल आजमाने से डरती नहीं हैं।
निष्कर्ष: आने वाला कल किसके नाम?
इसमें कोई दो राय नहीं है कि आज चॉकलेट फ्लेवर भारतीय आइसक्रीम इंडस्ट्री का बेताज बादशाह है। यह अपनी जगह मजबूत बनाए रखेगा, लेकिन आने वाले सात वर्षों में बाजार की चाल तय करने में 'आम', 'पान' और 'केसर पिस्ता' जैसे प्रीमियम फ्लेवर्स की भूमिका निर्णायक होगी। कंपनियां भी इस ट्रेंड को भांपते हुए अपने रिसर्च और डेवलपमेंट (R&D) डिपार्टमेंट को मजबूत कर रही हैं ताकि वे ग्राहकों को कुछ नया और बेहतरीन परोस सकें। यदि आप भी आइसक्रीम के शौकीन हैं, तो आने वाले दिनों में आपके लिए स्वाद के कई नए और शानदार विकल्प बाजार में दस्तक देने वाले हैं।