भारतीय क्रिकेट इतिहास में आगामी 13 सितंबर 2026 से शुरू होने वाली भारत और अफगानिस्तान T20 सीरीज के दौरान एक बेहद दिलचस्प और अनोखा वाकया देखने को मिलने वाला है। क्रिकेट के गलियारों में इस बात की चर्चा जोरों पर है कि कैसे टीम इंडिया अपने ही देश में खेलते हुए 'मेहमान' की भूमिका में नजर आएगी। आमतौर पर घरेलू मैदानों पर खेलने वाली भारतीय टीम इस बार दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में उस ड्रेसिंग रूम का इस्तेमाल करेगी, जो अमूनन विदेशी या मेहमान टीमों के लिए आरक्षित होता है।
क्यों हो रहा है यह ऐतिहासिक बदलाव?
क्रिकेट जगत में यह नियम सर्वविदित है कि सीरीज का जो बोर्ड आधिकारिक मेजबान (Official Host) होता है, लॉजिस्टिक्स और व्यवस्थाएं उसी के नियंत्रण में होती हैं। इस तीन मैचों की T20 सीरीज के आधिकारिक मेजबान की जिम्मेदारी अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (ACB) के पास है। यही कारण है कि मैदान की व्यवस्थाओं से लेकर ड्रेसिंग रूम के आवंटन तक, हर चीज आधिकारिक प्रोटोकॉल के तहत तय की गई है।
अफगानिस्तान में पिछले कई वर्षों से सुरक्षा कारणों और बुनियादी ढांचे की कमी के चलते अंतरराष्ट्रीय स्तर के मैचों का नियमित आयोजन करना संभव नहीं हो पा रहा है। इसी मजबूरी और वैश्विक क्रिकेट ढांचे के तहत, अफगानिस्तान बोर्ड न्यूट्रल वेन्यू या भारत जैसे मित्र देशों के सहयोग से अपने घरेलू मैच आयोजित करता आया है। लेकिन इस बार तकनीकी रूप से सीरीज के आयोजक वे खुद हैं, जिसका सीधा असर मैदान की व्यवस्थाओं पर पड़ा है।
होम और अवे ड्रेसिंग रूम का दिलचस्प गणित
दिल्ली के प्रतिष्ठित अरुण जेटली स्टेडियम (जिसे पहले फिरोज शाह कोटला मैदान के नाम से जाना जाता था) के ड्रेसिंग रूम से जुड़ी अपनी ही एक ऐतिहासिक पहचान है। स्टेडियम में आमतौर पर जब भी भारतीय टीम खेलती है, तो वे उस ड्रेसिंग रूम का उपयोग करते हैं जिसे पूर्व भारतीय क्रिकेटर रमन लांबा के नाम पर समर्पित किया गया है। यह कमरा पारंपरिक रूप से 'होम टीम' के लिए फिक्स माना जाता है।
हालाँकि, यह बार स्थिति बिल्कुल उलट है। इस आगामी सीरीज में:
- अफगानिस्तान टीम (मेजबान): रमन लांबा के नाम वाले पारंपरिक होम ड्रेसिंग रूम का इस्तेमाल करेगी।
- भारतीय टीम (मेहमान): प्रकाश भंडारी के नाम वाले ड्रेसिंग रूम का उपयोग करेगी, जो आमतौर पर मेहमान टीमों को दिया जाता है।
यानी, विराट कोहली, रोहित शर्मा या अन्य भारतीय धुरंधर जब दिल्ली के मैदान पर उतरेंगे, तो वे अपनी घरेलू सरजमीं पर होने के बावजूद 'अवे' (Away) ड्रेसिंग रूम से मैदान की ओर कदम बढ़ाएंगे।
मैदान के बाहर की व्यवस्थाओं पर भी असर
क्रिकेट में मेजबान टीम का दर्जा सिर्फ ड्रेसिंग रूम तक सीमित नहीं रहता है। इसमें प्रैक्टिस सेशन के स्लॉट, प्रेस कॉन्फ्रेंस की टाइमिंग, मीडिया सेंटर्स का प्राथमिकता के आधार पर उपयोग और अन्य तमाम प्रशासनिक अधिकार मेजबान बोर्ड के पास होते हैं। अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड इस सीरीज का संचालन कर रहा है, इसलिए मैच से जुड़े कई अन्य प्रोटोकॉल में भी मेहमाननवाज और मेजबान की भूमिकाओं अदला-बदली देखी जा सकती है। हालांकि, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) इस पूरी व्यवस्था में अफगानिस्तान बोर्ड को पूरा सहयोग दे रहा है ताकि सीरीज का आयोजन सुचारू रूप से हो सके।
13 सितंबर से शुरू होगी रोमांचक जंग
भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की इस बहुप्रतीक्षित T20 सीरीज का आगाज 13 सितंबर 2026 को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में होने वाले पहले मुकाबले से होगा। दोनों ही टीमों के पास युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का बेहतरीन मिश्रण है। एक तरफ जहां भारतीय टीम घरेलू दर्शकों के सामने अपनी बादशाहत कायम रखना चाहेगी, वहीं अफगानिस्तान की टीम इस ऐतिहासिक सीरीज को यादगार बनाने के लिए पूरी ताकत झोंक देगी।
भले ही ड्रेसिंग रूम के लिहाज से टीम इंडिया को तकनीकी रूप से 'अवे' टीम माना जा रहा हो, लेकिन दिल्ली के इस मैदान पर जब मुकाबला शुरू होगा, तो दर्शकों का भारी समर्थन निश्चित तौर पर भारतीय टीम के साथ ही होगा। क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह सीरीज केवल चौकों-छक्कों की बरसात ही नहीं, बल्कि खेल के नियमों और व्यवस्थाओं के लिहाज से भी एक यादगार और अनोखा अनुभव साबित होने वाली है।