बीसीसीएल केंद्रीय अस्पताल धनबाद में कैंसर और हृदय रोग के इलाज के लिए आधुनिक सुविधाएं जल्द बहाल होने जा रही हैं। कंपनी प्रबंधन की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, अगले तीन से चार महीनों के भीतर केंद्रीय अस्पताल में कैंसर और कार्डियोलॉजी यूनिट का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। इस पहल से कोयला श्रमिकों के साथ-साथ स्थानीय और आसपास के जरूरतमंद मरीजों को भी गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए बड़े शहरों के चक्कर काटने से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
कमेटी की रिपोर्ट के बाद मिली हरी झंडी
धनबाद स्थित बीसीसीएल केंद्रीय अस्पताल में इन दोनों विशिष्ट चिकित्सा इकाइयों को स्थापित करने के लिए प्रबंधन द्वारा पहले ही एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया गया था। इस कमेटी ने कोलकाता के बीएम बिड़ला अस्पताल और टाटा कैंसर अस्पताल का दौरा कर वहां की व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया था। निरीक्षण के बाद कमेटी ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट बीसीसीएल के उच्च प्रबंधन को सौंप दी, जिसके आधार पर प्रबंधन ने इस महत्वाकांक्षी योजना को औपचारिक रूप से हरी झंडी दे दी है।
पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर होगा संचालन
केंद्रीय अस्पताल में प्रस्तावित कैंसर और कार्डियो यूनिट का संचालन पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप यानी पीपीपी मॉडल के आधार पर किया जाएगा। इस योजना को जमीन पर उतारने के लिए कंसल्टेंट की सहायता से एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा रही है, जिसके बाद समझौता ज्ञापन (एमओयू) को अंतिम रूप दिया जाएगा। इस व्यवस्था के तहत बीसीसीएल की तरफ से अस्पताल परिसर में जरूरी जमीन, भवन और अन्य बुनियादी संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे, जबकि निजी भागीदार चिकित्सा सेवाओं के संचालन, विशेषज्ञ डॉक्टरों और तकनीकी प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालेंगे।
बाहर भेजने पर होने वाले खर्च में आएगी कमी
वर्तमान स्थिति यह है कि गंभीर रूप से बीमार बीसीसीएल कर्मियों या उनके आश्रितों को बेहतर इलाज के लिए महानगरों या अन्य राज्यों के बड़े अस्पतालों में रेफर करना पड़ता है। इस प्रक्रिया में कंपनी को हर साल चिकित्सा प्रतिपूर्ति के रूप में लाखों रुपये खर्च करने होते हैं। साथ ही मरीजों और उनके परिजनों को लंबी दूरी तय करने की मानसिक और शारीरिक परेशानी भी उठानी पड़ती है। अस्पताल में ही इन दोनों यूनिट के शुरू हो जाने से कंपनी के चिकित्सा खर्च में उल्लेखनीय कमी आएगी और मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही उच्च स्तरीय चिकित्सा मिल सकेगी।
प्रबंधन की प्राथमिकता: सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल का बयान
इस पूरे घटनाक्रम पर बीसीसीएल के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि कंपनी के तमाम श्रमिक और उनके परिवार एक परिवार की तरह हैं। उन्हें सुलभ और उच्च कोटि की चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना प्रबंधन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने पुष्टि की है कि अगले तीन से चार महीनों के भीतर सभी आवश्यक प्रशासनिक और तकनीकी प्रक्रियाओं को पूरा कर इन यूनिटों को चालू कर दिया जाएगा। हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इस परियोजना की वास्तविक सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि अस्पताल में कितने कुशल विशेषज्ञ डॉक्टर तैनात होते हैं और मरीजों को कितनी किफायती दरों पर यह इलाज उपलब्ध कराया जाता है।