परसदेपुर में दशहरा रामलीला मेले के दौरान जलपरी सर्कस में बिना टिकट प्रवेश करने को लेकर हुए विवाद में जमकर लात-घूंसे चले। इस घटना में दो युवक घायल हो गए, जिन्हें पुलिस ने अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, बाद में दोनों पक्षों ने स्थानीय लोगों और मेला कमेटी की मध्यस्थता से आपसी समझौता कर लिया।
उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले के छतोह क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले परसदेपुर कस्बे में इन दिनों दशहरा रामलीला मेले का आयोजन किया जा रहा है। इसी मेले में एक जलपरी सर्कस भी लगाया गया है, जहां बड़ी संख्या में दर्शक मनोरंजन के लिए पहुंच रहे हैं। मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और सुचारू संचालन के लिए आयोजक और पुलिस बल तैनात रहता है।
टेंट फाड़कर अंदर घुसने का आरोप
घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार, डीह ब्लॉक के महानंदपुर ग्राम सभा के रहने वाले दो युवक परसदेपुर में आयोजित दशहरा रामलीला मेला देखने के लिए आए थे। मेले घूमने के दौरान दोनों युवक जलपरी सर्कस देखने पहुंचे। आरोप है कि वैध टिकट खरीदने के बजाय वे सर्कस का टेंट फाड़कर जबरन अंदर घुस गए। अंदर सर्कस प्रबंधन द्वारा टिकट की जांच की जा रही थी। जांच के दौरान जब दोनों युवकों से टिकट मांगा गया, तो वे वैध टिकट नहीं दिखा सके।
कहासुनी से बढ़ा विवाद और मारपीट
सर्कस के अंदर टिकट न मिलने पर प्रबंधन और युवकों के बीच पहले कहासुनी शुरू हुई, जो कुछ ही देर में तीखी नोकझोंक में बदल गई। बात बढ़ने पर वहां माहौल तनावपूर्ण हो गया और दोनों पक्षों के बीच जमकर लात-घूंसे तथा मारपीट शुरू हो गई। इस हिंसक झड़प में दोनों युवक घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया।
मेला कमेटी और पुलिस का बयान
घटना के बाद मौके पर स्थानीय लोग और मेला कमेटी के पदाधिकारी एकत्र हो गए। मेला कमेटी के अध्यक्ष घनश्याम मिश्रा ने इस पूरे घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए बताया कि दोनों पक्षों के बीच हुए विवाद को आपसी बातचीत से सुलझा लिया गया है। कमेटी के सदस्यों और गणमान्य लोगों की मौजूदगी में दोनों पक्षों ने आपस में समझौता कर लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में किसी भी पक्ष की ओर से पुलिस को कोई लिखित प्रार्थना पत्र नहीं दिया गया है।
परसदेपुर चौकी इंचार्ज मोहित कुमार ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि सर्कस में टिकट को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हुआ था और मारपीट की सूचना पर पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचा था। पुलिस ने घायलों को अस्पताल भेजकर चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराई। चौकी इंचार्ज के अनुसार, मौके पर ही दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति से समझौता हो गया और पुलिस को इस संबंध में किसी भी पक्ष की तरफ से कोई औपचारिक शिकायत या प्रार्थना पत्र प्राप्त नहीं हुआ है, जिसके कारण आगे की कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई है।