बिहार के भागलपुर जिले के पीरपैंती से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। इशीपुर थाना क्षेत्र से 21 दिन पहले संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हुई तीन बच्चों की एक मां को पुलिस ने तकनीकी और मानवीय अनुसंधान के आधार पर मुंबई से सकुशल ढूंढ निकाला है। महिला ने खुद अपनी हत्या का झूठा नाटक रचा था, जिसके लिए उसने घर में मुर्गे का खून और टूटी चूड़ियां बिखेर दी थीं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इशीपुर थाना क्षेत्र के मूवी गांव से गत 5 अक्टूबर की रात तीन बच्चों की यह मां अचानक लापता हो गई थी। इसके अगले दिन यानी 6 अक्टूबर की सुबह पुलिस को सूचना मिली कि उक्त महिला की हत्या कर दी गई है और उसके शव को गायब कर दिया गया है। इस सूचना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और सनसनी फैल गई।
पुलिस जांच और फॉरेंसिक टीम की पड़ताल
घटना की गंभीरता को देखते हुए थानाध्यक्ष मनीष कुमार ने तुरंत पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर गहन छानबीन शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को घटनास्थल पर खून की कुछ बूंदें, एक चाकू, बिखरे हुए बाल और टूटी हुई चूड़ियां बरामद हुईं। मामले की नजाकत को भांपते हुए एसडीपीओ-2 स्नेह सेतु ने डॉग स्क्वायड और एफएसएल (फॉरेसिंक साइंस लैबोरेटरी) की टीम को भी मौके पर बुलाया और वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाए गए। हालांकि, पुलिस के मानवीय और तकनीकी अनुसंधान ने इस पूरी गुत्थी को सुलझा लिया और यह स्पष्ट हो गया कि महिला जीवित है और मुंबई में है। इसके बाद परिजन मुंबई पहुंचे और उसे वापस घर ले आए।
इस तरह रचा गया था सुनियोजित षड्यंत्र
पुलिस पूछताछ में महिला ने स्वीकार किया कि उसने एक सोची-समझी साजिश के तहत यह पूरा ड्रामा रचा था। महिला ने बताया कि उसने बाजार से एक मुर्गा खरीदा और उसे चाकू से काटकर उसका खून घर में गिरा दिया। इसके अलावा, लोगों को यह विश्वास दिलाने के लिए कि उसके साथ कोई अनहोनी या हिंसक घटना घटी है, उसने घर में टूटी हुई चूड़ियां और बाल भी बिखेर दिए थे।
महिला ने पुलिस को यह भी बताया कि उसने अपने देवर के कहने पर घर छोड़ा था। योजना के मुताबिक, पड़ोस के एक युवक ने उसे स्टेशन तक छोड़ा था, जहां से वह ट्रेन पकड़कर पटना पहुंची। पटना में देवर के नहीं मिलने पर उसने अकेले ही मुंबई की ट्रेन पकड़ी और वहां चली गई।
पिता ने देवर के खिलाफ दर्ज कराई प्राथमिकी
इस पूरे घटनाक्रम के सामने आने के बाद महिला के पिता ने उसके देवर के खिलाफ थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि परिवार के विरोध के बावजूद महिला पिछले एक साल से अपने देवर से लगातार बात कर रही थी और बातचीत बंद करने को तैयार नहीं थी। फिलहाल पुलिस मामले के सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।