झारखंड भाजपा ने सांगठनिक विस्तार के तहत अपनी नई प्रदेश टीम की घोषणा कर दी है। इसके साथ ही पार्टी ने जमीनी स्तर पर गतिविधियों को गति देने के लिए आगामी 10 नवंबर तक सभी जिला और मंडल कमेटियों का गठन अनिवार्य रूप से पूरा करने का निर्देश दिया है।
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं झारखंड प्रदेश प्रभारी सांसद गजेंद्र सिंह पटेल ने प्रदेश टीम का विस्तार करते हुए राज्य के पांचों प्रमंडलों के साथ विभिन्न मोर्चों, प्रकोष्ठों और विभागों के प्रभारियों की जिम्मेदारियां तय कर दी हैं। इसके अलावा पार्टी के दोनों सह-प्रभारियों के बीच भी कार्यों का स्पष्ट बंटवारा किया गया है। नई व्यवस्था के तहत सह-प्रभारी सौरभ सिंह को सभी मोर्चों और विभागों का दायित्व सौंपा गया है, जबकि सह-प्रभारी निवेदिता सिंह प्रकोष्ठों के कामकाज और आपसी समन्वय की जिम्मेदारी संभालेंगी। संगठन को जिला और मंडल स्तर तक पूरी तरह सक्रिय बनाने के उद्देश्य से प्रदेश नेतृत्व ने पदाधिकारियों की जवाबदेही भी तय की है।
नियमित प्रवास और मासिक रिपोर्टिंग हुई अनिवार्य
संगठन को मजबूत और गतिशील बनाए रखने के लिए प्रदेश प्रभारी गजेंद्र सिंह पटेल ने सभी प्रदेश पदाधिकारियों को पूरे राज्य में नियमित रूप से प्रवास करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही सभी जिलाध्यक्षों, जिला प्रभारियों और राज्य के सभी 30 सांगठनिक जिलों के मोर्चा अध्यक्षों को अपने-अपने क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाले मंडलों का नियमित दौरा करने को कहा गया है।
तय कार्ययोजना के अनुसार, प्रवास के दौरान पदाधिकारियों को संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा करनी होगी, कार्यकर्ताओं के साथ सीधा संवाद स्थापित करना होगा और जमीनी स्तर पर पार्टी के कामकाज की पूरी जानकारी जुटानी होगी। इसके अतिरिक्त, सभी संबंधित पदाधिकारियों को हर महीने अपनी विस्तृत रिपोर्ट प्रदेश नेतृत्व को सौंपनी होगी। इस व्यवस्था के माध्यम से संगठनात्मक कार्यों की नियमित समीक्षा करने और सौंपी गई जिम्मेदारियों के सही निर्वहन पर कड़ी नजर रखी जाएगी।
वरिष्ठ नेताओं से संवाद और 10 नवंबर की समयसीमा
जिला और मंडल स्तर पर संगठनात्मक ढांचे को निर्धारित समय में पूरा करने के लिए प्रदेश नेतृत्व ने एक सख्त समयसीमा तय की है। क्षेत्र भ्रमण के दौरान सभी पदाधिकारियों को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और समर्पित कार्यकर्ताओं के साथ सीधा संवाद करने का निर्देश दिया गया है। नेतृत्व का कहना है कि वरिष्ठ नेताओं के बहुमूल्य सुझावों और जमीनी कार्यकर्ताओं से मिलने वाले फीडबैक के आधार पर ही योग्य कार्यकर्ताओं का चयन किया जाना चाहिए। इन सभी प्रक्रियाओं को पूरा करते हुए आगामी 10 नवंबर तक हर हाल में जिला एवं मंडल कार्यकारिणी का गठन पूरा करने को कहा गया है। इस निर्देश से स्पष्ट है कि संगठन विस्तार की प्रक्रिया को पूरी तरह समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।
झामुमो सरकार के खिलाफ मंडल स्तर पर आंदोलन की तैयारी
संगठन विस्तार और सुदृढ़ीकरण के साथ-साथ भाजपा ने राज्य की वर्तमान झामुमो सरकार के खिलाफ आक्रामक राजनीतिक आंदोलन की रणनीति भी स्पष्ट कर दी है। प्रदेश प्रभारी गजेंद्र सिंह पटेल ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया है कि वे वर्तमान झामुमो सरकार की जनविरोधी नीतियों, झूठे वादों और कार्यप्रणाली से जुड़े मामलों को प्रमुखता से जनता के बीच उठाएं।
पार्टी की ओर से राज्य सरकार पर गंभीर वादाखिलाफी और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं। इन मुद्दों को आधार बनाते हुए प्रदेशभर में व्यापक स्तर पर आंदोलन करने का निर्णय लिया गया है। इस रणनीति के तहत मंडल स्तर पर धरना और प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे, जिनका मुख्य उद्देश्य राज्य सरकार की नाकामियों को जनता के बीच पूरी तरह उजागर करना है। नई कार्ययोजना के जरिए भाजपा ने एक तरफ जहां सांगठनिक कसावट पर ध्यान केंद्रित किया है, वहीं दूसरी तरफ आक्रामक तेवर दिखाते हुए चुनावी और राजनीतिक मोर्चे पर भी अपनी सक्रियता बढ़ा दी है।