राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा के संभावित नासिक दौरे तथा आगामी सिंहस्थ कुंभ मेले की तैयारियों के मद्देनजर स्थानीय प्रशासन ने अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं। महानगरपालिका आयुक्त मनीषा खत्री ने हाल ही में गोदाघाट परिसर का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया और सुरक्षा, सुगम आवाजाही तथा स्वच्छता के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए।
आयुक्त मनीषा खत्री ने प्रशासनिक अमले के साथ गोदाघाट और उससे जुड़े प्रमुख मार्गों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने स्व. उत्तमराव ढिकले वाचनालय मार्ग पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए सड़क और फुटपाथ से सभी प्रकार के अतिक्रमण को हटाने के आदेश दिए। मार्ग के दोनों ओर पसरा अतिक्रमण, अनुपयोगी सामग्री, पुरानी और जर्जर रेलिंग तथा जगह-जगह फैले बेतरतीब केबल तारों के जाल को तुरंत हटाने पर जोर दिया गया, ताकि वीवीआईपी दौरे और सिंहस्थ कुंभ के दौरान आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
यातायात सुगम बनाने और गड्ढे भरने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान सड़कों पर बने गड्ढों को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त करने के निर्देश भी दिए गए। सिंहस्थ कुंभ मेला 2027 के महा ध्वजारोहण समारोह और पारंपरिक ध्वज परिक्रमा जुलूस के दौरान इस क्षेत्र में भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए रास्तों को चौड़ा, साफ और बाधा रहित रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इस उच्च स्तरीय निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त आयुक्त प्रदीप चौधरी और आवेश पलोड, सहायक पुलिस आयुक्त माध्य रेड्डी, पंचवटी पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक गजेंद्र पाटिल समेत महानगरपालिका के विभिन्न विभागों के प्रमुख अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
श्रद्धालुओं के लिए स्थापित होगा नया जलकुंभ और फिल्ट्रेशन प्लांट
आगामी सिंहस्थ कुंभ के दौरान गोदाघाट आने वाले देश-विदेश के श्रद्धालुओं को शुद्ध और शीतल पेयजल उपलब्ध कराने के लिए एक नया जलकुंभ स्थापित करने की योजना बनाई गई है। परमहंस गणेश जी चैरिटेबल ट्रस्ट (श्री गणेश भंडार, मुंबई) की पहल पर यह वाटर कूलर और वॉटर फिल्ट्रेशन प्लांट लगाया जाएगा। ट्रस्ट के प्रतिनिधियों ने इस सिलसिले में आयुक्त मनीषा खत्री से भेंट की थी, जिस पर आयुक्त ने गोदाघाट स्थित गोसावी समाज मंदिर के पास इसके लिए उचित स्थान उपलब्ध कराने का सकारात्मक आश्वासन दिया है।
संस्था के प्रतिनिधियों के अनुसार, वर्ष 1968 से रामकुंड क्षेत्र में संचालित पुराने जलकुंभ के जरिए रोजाना 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को पेयजल की सुविधा मिलती थी। पुराना जलकुंभ ढाए जाने के बाद श्रद्धालुओं की जरूरत को देखते हुए नए प्लांट का निर्णय लिया गया है। यह संस्था देश भर में 11 स्थानों पर इस तरह की धर्मार्थ पेयजल सेवाएं चलाती है और बिजली, पानी तथा रखरखाव का पूरा खर्च स्वयं वहन करती है। इस नई सुविधा के शुरू होने से कुंभ मेले के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।