Breaking
► राहुल गांधी का आरोप, अंकिता भंडारी के माता-पिता को इंडिया गेट से हिरासत में लिया गया ► उत्तर प्रदेश में तीन महीने के भीतर पंचायत चुनाव कराना हुआ मुश्किल ► पूर्णिया में दुर्गा पूजा और रावण वध को लेकर पुलिस अलर्ट, SSP ने किया पंडालों का निरीक्षण ► बाराबंकी: एमएलसी चुनाव और सीएम योगी की रैली को लेकर भाजपा ने कसी कमर ► विकसित महाराष्ट्र 2047: परिवहन विस्तार के लिए उच्च स्तरीय टास्क फोर्स गठित ► देवप्रयाग में बड़ा हादसा: खाई में गिरी कार, चालक समेत दो की मौत ► IVRI में इंटर्न डॉक्टरों का 10 दिन का आंदोलन खत्म, 13 हजार स्टाइपेंड पर बनी सहमति ► बिहार: गलत अनुसंधान और फर्जी मुकदमे पर कोर्ट सख्त, डीएसपी और थानाध्यक्ष पर कार्रवाई का आदेश ► बरेली की रश्मि छाबड़ा ने घटाया 95 किलो वजन, जीता 'मिस एशिया' और 'मिस इंडिया' का खिताब ► धर्म बदलने पर नहीं मिलेगा आरक्षण का लाभ, सुप्रीम कोर्ट का महत्वपूर्ण फैसला ► राहुल गांधी का आरोप, अंकिता भंडारी के माता-पिता को इंडिया गेट से हिरासत में लिया गया ► उत्तर प्रदेश में तीन महीने के भीतर पंचायत चुनाव कराना हुआ मुश्किल ► पूर्णिया में दुर्गा पूजा और रावण वध को लेकर पुलिस अलर्ट, SSP ने किया पंडालों का निरीक्षण ► बाराबंकी: एमएलसी चुनाव और सीएम योगी की रैली को लेकर भाजपा ने कसी कमर ► विकसित महाराष्ट्र 2047: परिवहन विस्तार के लिए उच्च स्तरीय टास्क फोर्स गठित ► देवप्रयाग में बड़ा हादसा: खाई में गिरी कार, चालक समेत दो की मौत ► IVRI में इंटर्न डॉक्टरों का 10 दिन का आंदोलन खत्म, 13 हजार स्टाइपेंड पर बनी सहमति ► बिहार: गलत अनुसंधान और फर्जी मुकदमे पर कोर्ट सख्त, डीएसपी और थानाध्यक्ष पर कार्रवाई का आदेश ► बरेली की रश्मि छाबड़ा ने घटाया 95 किलो वजन, जीता 'मिस एशिया' और 'मिस इंडिया' का खिताब ► धर्म बदलने पर नहीं मिलेगा आरक्षण का लाभ, सुप्रीम कोर्ट का महत्वपूर्ण फैसला

रांची में पिछड़ी जाति संघर्ष समिति का जोरदार प्रदर्शन, अरगोड़ा चौक जाम से थमी शहर की रफ्तार

रांची में पिछड़ी जाति संघर्ष समिति का जोरदार प्रदर्शन, अरगोड़ा चौक जाम से थमी शहर की रफ्तार

राजधानी रांची में मंगलवार का दिन आम नागरिकों और नौकरीपेशा लोगों के लिए काफी भागदौड़ और परेशानियों से भरा रहा। सरकारी नौकरियों में आरक्षण, राजनीति में उचित हिस्सेदारी, पेसा कानून के तहत स्थानीय अधिकारों को लागू करने और आगामी जनगणना में अलग कॉलम की सुस्पष्ट मांग को लेकर केंद्रीय पिछड़ी जाति संघर्ष समिति द्वारा पांच जिलों में बंद का ऐलान किया गया था। इस दौरान राजधानी के व्यस्तम इलाकों में शुमार अरगोड़ा चौक पर प्रदर्शनकारियों ने अचानक सड़क जाम कर दिया, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था कुछ समय के लिए पूरी तरह चरमरा गई।

सुबह-सुबह सड़कों पर उतरा विरोध, यातायात हुआ प्रभावित

सुबह के वक्त जब लोग अपने दफ्तरों और जरूरी कामों के लिए घरों से निकल रहे थे, ठीक उसी दौरान अरगोड़ा चौक पर बंद समर्थकों ने डेरा डाल दिया। सड़क के बीचों-बीच बैठकर नारेबाजी करने के कारण वाहनों के पहिए थम गए। स्थिति यह हो गई कि देखते ही देखते सड़क के दोनों छोर पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं। सचिवालय जाने वाले सरकारी कर्मचारी, स्कूल जाने वाले बच्चे और आम जनता इस अचानक हुए जाम के बीच बुरी तरह फंस गए।

विरोध प्रदर्शन की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसका असर सिर्फ अरगोड़ा चौक तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके आसपास के वैकल्पिक मार्गों पर भी भारी दबाव देखने को मिला।

वैकल्पिक रास्तों पर भी लगा भारी जाम

अरगोड़ा चौक पर मुख्य मार्ग के बाधित होने की खबर जैसे ही वाहन चालकों तक पहुँची, उन्होंने अपनी गाड़ियां दूसरे रास्तों की तरफ मोड़ लीं। स्थिति से बचने के लिए लोगों ने कटहल मोड़ और डोरंडा के रास्तों का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। नतीजतन, इन दोनों ही वैकल्पिक मार्गों पर अचानक वाहनों का दबाव अप्रत्याशित रूप से बढ़ गया। कटहल मोड़ और डोरंडा क्षेत्र में भी भीषण जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई, जिससे शहर के एक बड़े हिस्से में आवागमन प्रभावित हो गया। लोगों को अपने गंतव्य तक पहुँचने में सामान्य से दोगुना समय लगा।

प्रमुख मांगें: आखिर क्यों सड़कों पर उतरे लोग?

केंद्रीय पिछड़ी जाति संघर्ष समिति के बैनर तले आयोजित इस पांच-जिलाव्यापी बंद और प्रदर्शन के पीछे कई गंभीर और लंबे समय से चली आ रही मांगें शामिल हैं। समिति के प्रतिनिधियों का कहना है कि समाज के एक बड़े वर्ग को आज भी उसका वास्तविक हक और प्रतिनिधित्व नहीं मिल पा रहा है। उनकी मुख्य मांगों में निम्नलिखित बिंदु शामिल हैं:

  • सरकारी नौकरियों में आरक्षण: राज्य और केंद्र स्तर पर पिछड़ी जातियों के लिए जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण का कोटा सुनिश्चित किया जाए।
  • राजनीति में हिस्सेदारी: विधायी निकायों और अन्य राजनीतिक मंचों पर उचित प्रतिनिधित्व प्रदान किया जाए।
  • पेसा कानून (PESA Act): ग्रामीण क्षेत्रों और आदिवासी-बहुल इलाकों में पेसा कानून के प्रावधानों को पूरी सख्ती और पारदर्शिता के साथ लागू किया जाए।
  • जनगणना में अलग कॉलम: आगामी राष्ट्रव्यापी जनगणना में पिछड़ी जातियों के लिए एक अलग और स्पष्ट कॉलम का प्रावधान किया जाए।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई, आधे घंटे बाद खुला रास्ता

घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही अरगोड़ा थाना प्रभारी समेत भारी संख्या में पुलिस बल और अधिकारी तुरंत मौके पर पहुँचे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों और बंद समर्थकों से संवाद स्थापित किया और उन्हें कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की।

मौके पर मौजूद अरगोड़ा थाना प्रभारी सतीश कुमार गोराई ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत की गई और उन्हें समझाया गया कि इस तरह आम रास्ता रोकने से आम जनता को भारी असुविधा हो रही है। पुलिस की समझाइश के बाद प्रदर्शनकारियों ने सहयोग किया और करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद सड़क जाम हटा लिया गया।

धीरे-धीरे सामान्य हुई स्थिति

जाम हटने के बाद पुलिस की देखरेख में यातायात को धीरे-धीरे सुचारू किया गया। हालाँकि, वाहनों का दबाव अधिक होने के कारण अरगोड़ा चौक और उसके आसपास की सड़कों पर पूरी तरह से स्थिति सामान्य होने में थोड़ा वक्त जरूर लगा। ट्रैफिक पुलिस के जवानों ने मोर्चा संभालते हुए गाड़ियों की आवाजाही को नियंत्रित किया, जिसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली।

इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि जब भी शहर में इस तरह के बड़े विरोध प्रदर्शन या सड़क जाम होते हैं, तो इसका सीधा असर आम आदमी के दैनिक जीवन पर पड़ता है। प्रशासन लगातार ऐसी स्थितियों से निपटने के लिए सतर्कता बरत रहा है ताकि प्रदर्शनकारियों के लोकतांत्रिक अधिकारों का भी सम्मान हो और आम जनता को भी अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

About the Author

रोली सिंह

रोली सिंह

Writer

रोली सिंह पिछले 2 सालों से पत्रकारिता और न्यूज़ रिपोर्टिंग से जुड़ी हैं। वह लोकल न्यूज़ और लोगों से जुड़े मुद्दों को पढ़ने वालों तक पहुंचाने का काम...

Read More

अगली खबर पढ़ें:

आगे पढ़ें →