जोधपुर की धरती पर एक बार फिर से अनुशासन, कर्तव्यपरायणता और जोश का अनूठा संगम देखने को मिलने वाला है। राजस्थान पुलिस प्रशिक्षण केंद्र (RPTC) जोधपुर के सुल्तान सिंह स्टेडियम में कल यानी मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 को एक भव्य और ऐतिहासिक आयोजन होने जा रहा है। यह दिन उन युवाओं के लिए बेहद खास है जो कड़ी मेहनत और लंबे प्रशिक्षण के बाद आखिरकार 'खाकी' पहनकर देश और समाज की सेवा में कदम रखने जा रहे हैं।
भव्य दीक्षान्त परेड का मंच सजकर तैयार
मिली जानकारी के अनुसार, इस संयुक्त दीक्षान्त परेड समारोह में राजस्थान पुलिस प्रशिक्षण केंद्र, जोधपुर के बैच संख्या 92/26 और पुलिस ट्रेनिंग स्कूल (PTS) जोधपुर के बैच संख्या 41/26 के नव आरक्षक अपनी ट्रेनिंग पूरी करने के बाद औपचारिक रूप से पुलिस बेड़े में शामिल होंगे। सुबह ठीक 7:30 बजे शुरू होने वाले इस दीक्षान्त समारोह को लेकर प्रशिक्षणार्थियों और उनके परिजनों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
इस बार का यह आयोजन सिर्फ एक सामान्य पासिंग आउट परेड नहीं है, बल्कि यह उन तमाम युवाओं के सपनों की उड़ान है जिन्होंने महीनों तक पसीना बहाकर इस मुकाम को हासिल किया है। स्टेडियम के चप्पे-चप्पे पर अनुशासन और गर्व का माहौल साफ तौर पर महसूस किया जा सकता है।
दिग्गज हस्तियों की मौजूदगी
इस गरिमामयी समारोह की शोभा बढ़ाने के लिए कई बड़े पुलिस अधिकारी जोधपुर पहुंच रहे हैं। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (प्रशिक्षण), राजस्थान, जयपुर, एचजीआर सुहास होंगे। वे न केवल इस भव्य परेड की सलामी लेंगे, बल्कि नव आरक्षकों का हौसला भी बढ़ाएंगे।
इसके साथ ही, समारोह में उप महानिरीक्षक पुलिस एवं सरदार पटेल यूनिवर्सिटी ऑफ़ पुलिस (SPUP) जोधपुर के प्रोफेसर देवेन्द्र कुमार बिश्नोई की विशेष उपस्थिति भी दर्ज होगी। अधिकारियों की यह मौजूदगी इस बात का प्रतीक है कि राजस्थान पुलिस अपने नए जवानों को किस स्तर की प्राथमिकता और प्रोत्साहन देती है।
1418 नव आरक्षक लेंगे शपथ
आरपीटीसी जोधपुर के प्रधानाचार्य डॉ. महावीर सिंह राणावत ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि इस संयुक्त दीक्षान्त परेड में कुल 1418 नव आरक्षक हिस्सा ले रहे हैं। ये सभी जवान कड़े शारीरिक और मानसिक प्रशिक्षण के दौर से गुजरे हैं।
समारोह का सबसे मुख्य आकर्षण वह पल होगा जब ये 1418 युवा एक सुर में राजस्थान पुलिस सेवा के प्रति अपनी अटूट निष्ठा, कर्तव्य और अनुशासन की शपथ लेंगे। यह शपथ सिर्फ कुछ शब्दों का उच्चारण नहीं होगी, बल्कि आने वाले दशकों के लिए उनके जीवन का सबसे बड़ा संकल्प होगी।
सांस्कृतिक और कौशल प्रदर्शन का होगा जलवा
केवल मार्च पास्ट ही नहीं, बल्कि इस दीक्षान्त समारोह को यादगार बनाने के लिए प्रशिक्षणार्थियों ने कई तरह की विशेष प्रस्तुतियां तैयार की हैं। समारोह के दौरान निम्नलिखित आकर्षक कार्यक्रम देखने को मिलेंगे:
- भव्य परेड: तालमेल और अनुशासन का बेहतरीन नमूना पेश करती टुकड़ियों की मार्च पास्ट।
- लेजिम डांस: शारीरिक संतुलन और लयबद्धता का अनूठा प्रदर्शन।
- सेल्फ डिफेंस (आत्मरक्षा कौशल): विषम परिस्थितियों में खुद की और आम जनता की सुरक्षा करने के आधुनिक गुर।
- बैंड प्रदर्शन: जोश और देशभक्ति की भावनाओं को जगाने वाली सुमधुर धुनें।
इन तमाम प्रस्तुतियों के जरिए यह साफ हो जाएगा कि इन युवाओं ने अपनी ट्रेनिंग अवधि के दौरान किस स्तर की शारीरिक दक्षता, मानसिक दृढ़ता और समन्वय को आत्मसात किया है।
चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार हो रही है नई फौज
आज के दौर में पुलिसिंग के मायने पूरी तरह बदल चुके हैं। अपराधियों के बदलते तौर-तरीकों और तकनीकी अपराधों के बीच एक सिपाही की भूमिका बेहद अहम हो जाती है। यह प्रशिक्षण सत्र केवल शारीरिक रूप से मजबूत बनाने तक सीमित नहीं था, बल्कि इसमें विधि एवं व्यवस्था (Law and Order), नागरिक सुरक्षा, और जनसेवा के दायित्वों को निभाने के गुर भी सिखाए गए हैं।
जब ये नव आरक्षक मैदान से बाहर निकलेंगे, तो वे केवल एक पुलिसकर्मी नहीं होंगे, बल्कि समाज के संरक्षक बनकर उभरेंगे। आम जनता की सुरक्षा और न्याय की उम्मीदों को पंख देने के लिए यह नई फौज पूरी तरह से तैयार है।
परिजनों और शहरवासियों में गर्व का माहौल
अपने बेटे-बेटियों को खाकी वर्दी में देश सेवा की शपथ लेते देखना किसी भी माता-पिता के लिए गर्व का सबसे बड़ा पल होता है। जोधपुर के सुल्तान सिंह स्टेडियम में कल सुबह होने वाले इस आयोजन का गवाह बनने के लिए बड़ी संख्या में प्रशिक्षणार्थियों के परिजन भी दूर-दूर से पहुंचे हैं।
यह दीक्षान्त परेड सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह इस बात का प्रमाण है कि राजस्थान पुलिस का भविष्य सुरक्षित हाथों में है। 1418 नए जवानों का यह जत्था जब सड़कों पर उतरेगा, तो कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूती मिलेगी।