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काशी में येलो अलर्ट के बीच झमाझम बारिश, सड़कों पर जलभराव से बढ़ी मुश्किलें

काशी में येलो अलर्ट के बीच झमाझम बारिश, सड़कों पर जलभराव से बढ़ी मुश्किलें

बुधवार, 09 सितंबर 2026 की सुबह उत्तर प्रदेश के धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र वाराणसी (काशी) में मौसम ने एक नाटकीय करवट ली। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा पहले ही जारी किए गए येलो अलर्ट के बीच, सुबह होते ही बादलों और सूरज के बीच लुकाछिपी का खेल शुरू हो गया था। देखते ही देखते आसमान पूरी तरह बादलों से घिर गया और मूसलाधार बारिश ने शहर को अपने आगोश में ले लिया। इस झमाझम बारिश ने एक तरफ जहां पिछले कई दिनों से परेशान कर रही भीषण उमस और चिलचिलाती गर्मी से शहरवासियों को बड़ी राहत दी, वहीं दूसरी तरफ कमजोर जल निकासी व्यवस्था की पोल भी खोल कर रख दी।

लंका क्षेत्र में जलभराव से राहगीर परेशान

सुबह की इस तेज बारिश के कारण शहर के कई प्रमुख इलाकों में पानी भरने की समस्याएं सामने आई हैं। विशेष रूप से लंका क्षेत्र में सड़कों पर जलभराव की स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि वाहन चालकों और पैदल यात्रियों को भारी फजीहत का सामना करना पड़ा। सड़कों पर घुटनों तक पानी भर जाने के कारण दोपहिया वाहन चालकों को अपनी गाड़ियां निकालने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। कई दोपहिया वाहन पानी में बंद भी हो गए, जिससे लोगों की मुश्किलें और बढ़ गईं।

पैदल चलने वाले राहगीरों के लिए तो स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण थी। गंदे पानी के बीच से गुजरने को मजबूर हुए लोगों ने स्थानीय प्रशासन और नगर निगम की व्यवस्थाओं पर अपनी नाराजगी भी जताई। स्थानीय निवासियों का कहना है कि जरा सी तेज बारिश होते ही शहर के कई हिस्सों में जलभराव एक आम समस्या बन गई है, जिसके चलते रोजमर्रा का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित होता है.

सड़क किनारे वाहन रुकने से लगा लंबा जाम

बारिश इतनी तेज थी कि अचानक से सड़कों पर चल रहे लोगों को शरण लेने के लिए मजबूर होना पड़ा। बारिश से बचने के चक्कर में बड़ी संख्या में दोपहिया और चौपहिया वाहन चालकों ने अपने वाहन सड़क के किनारों पर ही रोक दिए। कुछ लोग फ्लाईओवर के नीचे तो कुछ दुकानों के शेड और टीन-शेड के सहारे खड़े हो गए।

सड़क के ठीक किनारे वाहनों के इस तरह अचानक खड़े हो जाने से लंका और उसके आसपास के मुख्य मार्गों पर यातायात की गति धीमी पड़ गई। देखते ही देखते सड़क पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं और कुछ समय के लिए मिनी जाम जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। जो लोग अपने दफ्तरों, स्कूलों या अन्य जरूरी कार्यों के लिए सुबह-सुबह घर से निकले थे, उन्हें अपने गंतव्य तक पहुंचने में काफी देरी का सामना करना पड़ा। हालांकि, छाता लेकर निकल चुके लोग किसी तरह बचते-बचाते अपने रास्ते पर आगे बढ़ते दिखे।

तापमान और आद्रता का हाल

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, बुधवार सुबह करीब आठ बजे वाराणसी का तापमान 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इस दौरान हवा लगभग आठ किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बह रही थी। हालांकि, सबसे खास बात वातावरण में मौजूद नमी (Humidity) का स्तर थी, जो कि करीब 85 प्रतिशत रिकॉर्ड किया गया। हवा में इतनी अधिक नमी होने के कारण बारिश से ठीक पहले उमस अपने चरम पर थी, जिससे लोगों का हाल बेहाल हो रहा था।

जैसे ही बादलों ने बरसना शुरू किया, तापमान में अचानक गिरावट महसूस की गई और ठंडी हवाओं के झोंकों ने लोगों को उस चिपचिपी गर्मी से पूरी तरह निजात दिला दी। मौसम का यह सुहाना मिजाज भले ही तापमान में कमी लाया हो, लेकिन शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर की कमियों को भी उजागर कर गया।

अगले 24 घंटों के लिए मौसम विभाग का अलर्ट

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने वाराणसी और इसके आसपास के जिलों के लिए पहले ही येलो अलर्ट जारी कर रखा है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अभी आने वाले 24 घंटों तक बादलों का डेरा शहर में बना रह सकता है और रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रहने की पूरी संभावना है।

  • मौसम का मिजाज: येलो अलर्ट के तहत गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश के आसार।
  • तापमान: बारिश के बाद पारे में गिरावट, लोगों को मिली उमस भरी गर्मी से राहत।
  • सतर्कता: मौसम विभाग ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है।

स्थानीय लोगों की मांग और प्रशासनिक चुनौतियां

बारिश थमने के बाद अब शहर के अलग-अलग हिस्सों से पानी निकासी की मांग जोर पकड़ने लगी है। स्थानीय लोगों और दुकानदारों का कहना है कि जब तक नगर निगम शहर के नालों की गहरी सफाई और जल निकासी के पुख्ता इंतजाम नहीं करता, तब तक हर बारिश में ऐसी ही परेशानियां आम जनता को झेलनी पड़ेंगी। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जलभराव वाले संवेदनशील इलाकों में तुरंत पंप सेट लगाकर पानी की निकासी कराई जाए, ताकि आवागमन सुचारू हो सके। बहरहाल, काशी में हुई इस पहली झमाझम बारिश ने मौसम को भले ही खुशनुमा बना दिया हो, लेकिन प्रशासनिक तैयारियों की परीक्षा जरूर ले ली है।

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निवेदिता ठाकुर

निवेदिता ठाकुर

Writer (स्थानीय खबरें)

निवेदिता ठाकुर जमीनी पत्रकारिता के मजबूत स्तंभ हैं। वे स्थानीय स्तर की उन खबरों को सामने लाते हैं, जो अक्सर बड़े प्लेटफॉर्म पर नजर अंदाज हो जाती है...

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