गोवर्धन पूजा के अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण को लगने वाले भोग के लिए जानें 10 से अधिक मौसमी सब्जियों से बनने वाली पारंपरिक अन्नकूट की सब्जी की आसान विधि।
गोवर्धन पूजा के पवित्र अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण को विभिन्न प्रकार के व्यंजनों का भोग अर्पित किया जाता है, जिनमें अन्नकूट की सब्जी का विशेष महत्व माना गया है। यह व्यंजन सर्दियों के मौसम में उपलब्ध होने वाली कई प्रकार की ताजा मौसमी सब्जियों का मिश्रण होता है, जो पारंपरिक रूप से पूजा के बाद प्रसाद के रूप में वितरित किया जाता है।
धार्मिक मान्यताओं और परंपरा के अनुसार, गोवर्धन पूजा के दिन बनने वाली इस विशेष सब्जी में प्रकृति की विभिन्न उपजों का समावेश किया जाता है। इसमें आलू, बैंगन, फूलगोभी, मटर, गाजर, मूली, कद्दू और लौकी जैसी आम सब्जियों के अलावा कई घरों में शकरकंद और सेम की फलियां भी मिलाई जाती हैं। इस पारंपरिक व्यंजन को घर पर तैयार करने की विधि बेहद सरल है और इसे सही तरीके से पकाने पर इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है.
अन्नकूट की सब्जी के लिए आवश्यक सामग्री
इस पारंपरिक व्यंजन को बनाने के लिए रसोई में आसानी से मिलने वाली मौसमी सब्जियों और मसालों की आवश्यकता होती है। मुख्य सामग्री इस प्रकार है:
- 2 मध्यम आकार के आलू
- 1 छोटा बैंगन
- 1 कप फूलगोभी के टुकड़े
- आधा कप ताजे मटर के दाने
- 1 गाजर और 1 मूली
- 1 कप कद्दू और 1 कप लौकी
- आधा कप शकरकंद और आधा कप सेम की फली
- 2 पक्के टमाटर बारीक कटे हुए
- 1 इंच अदरक का टुकड़ा और 2 हरी मिर्च
- आधा छोटा चम्मच जीरा और एक चुटकी हींग
- आधा छोटा चम्मच हल्दी पाउडर
- 1 छोटा चम्मच धनिया पाउडर
- आधा छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर
- आधा छोटा चम्मच गरम मसाला
- स्वादानुसार नमक
- 2 बड़े चम्मच शुद्ध घी या तेल
- बारीक कटा हुआ हरा धनिया
सब्जी तैयार करने और पकाने की चरणबद्ध विधि
सब्जियों की तैयारी: सबसे पहले सभी सब्जियों को स्वच्छ पानी से अच्छी तरह धो लें। इसके बाद आलू, गाजर, मूली, लौकी, कद्दू और शकरकंद के छिलके उतारकर उन्हें मध्यम आकार के टुकड़ों में काट लें। फूलगोभी और बैंगन को भी उचित आकार में काट कर अलग रख लें। ताजे मटर और सेम को छीलकर व साफ करके तैयार रखें।
मसाला भूनना: एक भारी तले की कड़ाही में तेल या घी गरम करें। इसमें जीरा और हींग का तड़का लगाएं। इसके बाद कद्दूकस किया हुआ अदरक और बारीक कटी हुई हरी मिर्च डालकर हल्का भूनें। अब कटे हुए टमाटर डालें और उनके नरम होने तक पकाएं। इसके बाद हल्दी, धनिया पाउडर और लाल मिर्च पाउडर डालकर मसाले को अच्छी तरह से भून लें जब तक कि वह तेल न छोड़ने लगे।
सख्त सब्जियों को पहले पकाना: तैयार मसाले में सबसे पहले आलू, गाजर, मूली और शकरकंद डालें। चूंकि इन सब्जियों को पकने में अधिक समय लगता है, इसलिए इन्हें मसाले के साथ मिलाकर कुछ देर पहले पकाना आवश्यक होता है।
शेष सब्जियां मिलाना: अब कड़ाही में फूलगोभी, बैंगन, कद्दू, लौकी, मटर और सेम को भी शामिल कर दें। सभी सब्जियों को मसालों के साथ अच्छी तरह मिला लें और स्वादानुसार नमक डालें। आवश्यकतानुसार थोड़ा सा पानी छिड़कें ताकि सब्जियां नीचे से जलें नहीं।
धीमी आंच पर पकाना: कड़ाही को ढक्कन से ढककर सब्जी को धीमी आंच पर पकने दें। बीच-बीच में इसे चलाते रहें ताकि सभी सामग्रियां एकरस हो जाएं। जब सभी सब्जियां पूरी तरह नरम हो जाएं और मसाला उनमें अच्छी तरह रच-बस जाए, तब आंच बंद कर दें।
परोसने का तरीका: अंत में सब्जी के ऊपर गरम मसाला और बारीक कटा हुआ हरा धनिया छिड़ककर हल्के हाथ से मिला लें। गोवर्धन पूजा के विशेष भोग के रूप में इस पौष्टिक अन्नकूट की सब्जी को गरमागरम पूरी, सादी रोटी या पारंपरिक कढ़ी-चावल के साथ परोसा जाता है।