मिठाई का नाम लेते ही मुंह में पानी आ जाना बहुत आम बात है, खासकर जब बात गुलाब जामुन की हो। चाशनी में डूबे हुए, नरम और रसीले गुलाब जामुन का नाम सुनते ही हर किसी का मन उसे खाने का हो जाता है। लेकिन, क्या आपने कभी यह सोचा है कि जिस गुलाब जामुन को आप अब तक सिर्फ मीठे के रूप में खाते आए हैं, उससे एक शानदार और मसालेदार सब्जी भी तैयार की जा सकती है? जी हां, यह सुनकर भले ही आपको थोड़ा अजीब लगे, लेकिन यह सौ फीसदी सच है।
राजस्थान के शाही शहर जोधपुर में एक ऐसी अनोखी डिश बनाई जाती है, जिसके बारे में जानकर अच्छे-अच्छे फूड लवर्स भी हैरान रह जाते हैं। आज के इस दौर में जहां लोग नई-नई और एक्सपेरिमेंटल डिशेज ट्राई करने के शौकीन हैं, वहां 'गुलाब जामुन की सब्जी' ने सोशल मीडिया पर भी काफी सुर्खियां बटोरी हैं। आइए जानते हैं कि आखिर यह अनोखी सब्जी कैसे बनती है और इसकी खासियत क्या है।
क्या है जोधपुरी गुलाब जामुन की सब्जी की खासियत?
राजस्थान का खानपान अपनी अनोखी और तीखी-चटपटी शैली के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है। यहाँ के मारवाड़ क्षेत्र में मेहमाननवाजी के दौरान कई ऐसे प्रयोग किए जाते हैं जो स्वाद की दुनिया में मील का पत्थर साबित होते हैं। जोधपुरी गुलाब जामुन की सब्जी भी इसी रचनात्मकता का एक बेहतरीन उदाहरण है।
इस डिश की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें बाजार में मिलने वाले चाशनी वाले मीठे गुलाब जामुन का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं किया जाता है। अगर आप ऐसा सोच रहे हैं कि चाशनी में डूबे गोले पर ग्रेवी डाल दी जाती है, तो आप गलत हैं। इस शाही सब्जी के लिए खास तौर पर बिना चाशनी वाले यानी फीके गुलाब जामुन के गोले तैयार किए जाते हैं।
इन गोलों को बिल्कुल कोफ्ते की तरह इस्तेमाल किया जाता है। जिस तरह से मलाई कोफ्ता या लौकी के कोफ्ते की ग्रेवी बनाई जाती है, ठीक उसी तर्ज पर इस डिश की भी ग्रेवी तैयार होती है। अंतर सिर्फ इतना होता है कि कोफ्ते की जगह यहाँ अनूठे और मुलायम गुलाब जामुन के पकोड़े या बॉल्स इस्तेमाल होते हैं, जो ग्रेवी में जाते ही मुंह में घुल जाते हैं।
कैसे तैयार की जाती है यह शाही और अनोखी सब्जी?
अगर आप अपने घर पर कुछ हटकर और मेहमानों को हैरान कर देने वाली रेसिपी ट्राई करना चाहते हैं, तो जोधपुरी गुलाब जामुन की सब्जी एक परफेक्ट विकल्प है। आइए जानते हैं इसे बनाने की पूरी प्रक्रिया को स्टेप-बाय-स्टेप:

स्टेप 1: गुलाब जामुन के गोले (कोफ्ते) तैयार करना
- सबसे पहले एक बर्तन में खोया (मावा) और पनीर को अच्छी तरह मिला लें। आप चाहें तो बाजार में मिलने वाले रेडीमेड 'गुलाब जामुन मिक्स' का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
- इसमें थोड़ा सा मैदा याारारोट और चुटकीभर बेकिंग सोडा मिलाएं ताकि बॉल्स सॉफ्ट बनें।
- मिश्रण को अच्छे से गूंथकर छोटे-छोटे और चिकने गोले तैयार कर लें। ध्यान रहे कि इनमें दरारें नहीं होनी चाहिए, वरना तलते वक्त ये फट सकते हैं।
- अब एक कढ़ाई में तेल या शुद्ध घी गर्म करें और इन गोलों को धीमी आंच पर सुनहरा भूरा होने तक तल लें। इन्हें चाशनी में बिल्कुल न डालें।
स्टेप 2: मसालेदार रिच ग्रेवी बनाना
- ग्रेवी तैयार करने के लिए एक अलग पैन में तेल या घी गर्म करें।
- इसमें जीरा, खड़े मसाले (तेज पत्ता, दालचीनी, छोटी इलायची) का तड़का लगाएं।
- बारीक कटे हुए प्याज, अदरक-लहसुन का पेस्ट डालकर अच्छी तरह भूनें जब तक कि वह तेल न छोड़ दे।
- इसके बाद इसमें टमाटर की प्यूरी और काजू का पेस्ट मिलाएं। काजू का पेस्ट ग्रेवी को एक शाही और मखमली टेक्सचर देता है।
- अब इसमें हल्दी पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर और स्वादानुसार नमक डालकर मसालों को तब तक पकाएं जब तक किनारों से तेल अलग न होने लगे।
- ग्रेवी के स्वाद को थोड़ा खट्टा-मीठा और क्रीमी बैलेंस देने के लिए इसमें फेंटा हुआ ताजा दही या थोड़ी सी ताजी मलाई (क्रीम) मिलाएं। दही मिलाते वक्त गैस की आंच धीमी रखें ताकि दही फटे नहीं।
- अंत में आवश्यकतानुसार पानी डालकर एक गाढ़ी और समृद्ध ग्रेवी तैयार कर लें और इसे 5 मिनट तक उबलने दें।
स्टेप 3: सर्व करने का सही तरीका
यह सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। गुलाब जामुन की सब्जी को परोसने का एक खास नियम होता है। अगर आप पहले से ही सारे गुलाब जामुन ग्रेवी के अंदर डालकर रख देंगे, तो वे पूरी तरह से घुल जाएंगे और हलवा बन जाएंगे।
इसलिए, जब आपको खाना सर्व करना हो, तब एक प्लेट में पहले से तैयार किए गए गर्म-गर्म फीके गुलाब जामुन के गोले रखें। इसके ऊपर से उबलती हुई गरमा-गरम शाही ग्रेवी डालें। ऊपर से बारीक कटा हरा धनिया और थोड़ी सी कटी हुई हरी मिर्च से गार्निश करें। बस, आपकी जोधपुर की मशहूर गुलाब जामुन की सब्जी तैयार है!
खाने में कैसी लगती है यह अनोखी डिश?
पहली बार इस सब्जी का नाम सुनकर कई लोगों के मन में यह सवाल आता है कि क्या यह मीठी लगेगी? लेकिन यकीन मानिए, जब आप इसे चखेंगे तो इसका स्वाद आपके सभी भ्रम को दूर कर देगा। चूंकि इसमें चीनी या चाशनी का इस्तेमाल नहीं होता और ग्रेवी तीखी, चटपटी, खट्टी-मीठी (टमाटर और दही के कारण) होती है, इसलिए यह खाने में बेहद लाजवाब लगती है।
मुंह में जाते ही घुल जाने वाले ये कोफ्ते जैसी बॉल्स जब मसालों से भरपूर क्रीमी ग्रेवी के साथ मिलते हैं, तो स्वाद का एक अलग ही स्तर अनुभव होता है। इसे आप गरमा-गरम नान, तंदूरी रोटी या पराठों के साथ परोस सकते हैं। वीकेंड हो या कोई खास मेहमान का आना, यह डिश डाइनिंग टेबल की शान बढ़ा देगी।
निष्कर्ष
भारतीय व्यंजन अपनी विविधता के लिए पूरी दुनिया में जाने जाते हैं। हर कोने में कोई न कोई ऐसा सीक्रेट या अनोखा व्यंजन छिपा है जो हैरान कर देता है। जोधपुर की गुलाब जामुन की सब्जी इसी परंपरा का एक जीवंत उदाहरण है। तो देर किस बात की? इस बार अपने किचन में कुछ नया और रोमांचक ट्राई करें और अपने परिवार व दोस्तों को इस सरप्राइज डिश से हैरान कर दें। हमें यकीन है कि एक बार इसे बनाने के बाद आपके घर में इसकी डिमांड बार-बार की जाएगी!