देवास के कथित जहरीली शराब कांड में पुलिस जांच के दौरान एक नया और अहम मोड़ सामने आया है। मामले की कड़ियां जोड़ते हुए पुलिस ने कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता आनंद कासलीवाल के बेटे अमन को हिरासत में लिया है। शुरुआती जांच में केमिकल सप्लाई के नेटवर्क से उसकी संलिप्तता होने का अंदेशा जताया जा रहा है, जिसकी पुलिस बारीकी से पड़ताल कर रही है। इस घटनाक्रम के बाद से राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है और विपक्षी दल लगातार सवाल उठा रहे हैं।
मध्य प्रदेश के देवास जिले के चंदाना क्षेत्र में अवैध रूप से तैयार की गई शराब पीने से हुई मौतों के बाद से ही पुलिस और प्रशासन हरकत में है। अक्टूबर महीने के मध्य में यानी 15 और 18 अक्टूबर को हुई इन मौतों के बाद से ही अवैध शराब के निर्माण, भंडारण और उसकी आपूर्ति के स्रोतों की गहन जांच की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कार्रवाई का दायरा बढ़ाया और मुख्य आरोपियों की धरपकड़ शुरू की।
अब तक दस आरोपी गिरफ्तार, भारी मात्रा में शराब और सामग्री जब्त
इस बहुचर्चित मामले में पुलिस अब तक विनोद जायसवाल समेत कुल 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। जांच के दौरान पुलिस ने छापेमारी कर करीब 54 लीटर देशी अवैध शराब के साथ-साथ शराब निर्माण में इस्तेमाल होने वाली अन्य संदिग्ध सामग्रियां भी बरामद की थीं। पुलिस द्वारा की गई इस जब्ती की कुल अनुमानित कीमत करीब 7.25 लाख रुपये आंकी गई थी। पुलिस का दावा है कि अवैध शराब के इस पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए हर एक लिंक की कड़ाई से जांच की जा रही है।
केमिकल सप्लाई और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल
शुरुआती दौर में प्रशासनिक और आधिकारिक स्तर पर इन मौतों को सीधे तौर पर जहरीली शराब से जोड़ने से बचा जा रहा था, जिससे प्रशासनिक रुख पर भी सवाल खड़े हुए थे। स्थानीय स्तर पर यह बड़ा सवाल बना हुआ है कि यदि अवैध शराब तैयार करने में खतरनाक रसायनों या केमिकल का इस्तेमाल हो रहा था, तो इसकी भनक समय रहते स्थानीय आबकारी और अन्य संबंधित एजेंसियों को क्यों नहीं लगी। क्या इस अवैध कारोबार की जड़ें काफी गहरी थीं, या फिर निगरानी तंत्र में कोई बड़ी चूक हुई थी? इन सभी बिंदुओं के स्पष्ट उत्तर पुलिस जांच के अंतिम निष्कर्ष आने के बाद ही मिल सकेंगे।
राजनीतिक पारा चढ़ा: बीजेपी ने कांग्रेस से मांगा जवाब
कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता आनंद के बेटे अमन को हिरासत में लिए जाने के बाद इस मामले ने पूरी तरह से राजनीतिक रंग ले लिया है। भारतीय जनता पार्टी ने इस प्रकरण को लेकर कांग्रेस पार्टी और उसके शीर्ष नेतृत्व पर तीखा हमला बोला है। बीजेपी प्रवक्ता राकेश यादव ने इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी से सीधा सवाल किया है कि क्या वे इस मामले में भी कांग्रेस नेता के घर जाकर धरना प्रदर्शन करेंगे या इस पर चुप्पी साधेंगे।
हालांकि, अमन कासलीवाल की इस पूरे जहरीली शराब कांड और मौतों से वास्तविक रूप से कितनी और कैसी संलिप्तता है, इसे लेकर अभी पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक और अंतिम विस्तृत बयान सामने आना बाकी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों और केमिकल सप्लाई के वित्तीय व भौतिक लेन-देन की जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ हो पाएगी।