वाराणसी में सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं का दायरा बढ़ाने और अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने की दिशा में जिला प्रशासन ने तैयारी तेज कर दी है। इसी कड़ी में काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के स्वतंत्रता भवन सभागार में आगामी एक नवंबर को एक विशाल मेगा कैंप का आयोजन किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के विशेष निर्देशों के तहत आयोजित होने वाले इस शिविर का मुख्य उद्देश्य समाज के जरूरतमंद और पात्र लाभार्थियों को चिह्नित कर उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं से सीधे तौर पर जोड़ना है। इस आयोजन के माध्यम से लोगों को सरकारी सहायता प्राप्त करने में आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों और दफ्तरों के चक्कर लगाने से राहत मिलने की उम्मीद है।
कचहरी परिसर में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक
मेगा कैंप की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए बुधवार को कचहरी परिसर स्थित मनोरंजन कक्ष सभागार में एक महत्वपूर्ण विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता अपर जिला जज एवं मेगा कैंप के नोडल अधिकारी आलोक कुमार ने की, जिसमें विभिन्न विभागों के प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए।
बैठक के दौरान शिविर के सफल संचालन, पात्र लाभार्थियों की सटीक पहचान करने और उन्हें तय समयसीमा के भीतर योजनाओं का लाभ दिलाने की कार्ययोजना पर विस्तार से मंथन किया गया। नोडल अधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय बनाकर पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।
विभागों को सौंपी गई लाभार्थियों की सूची तैयार करने की जिम्मेदारी
समीक्षा बैठक में प्रशासनिक स्तर पर स्पष्ट निर्देश दिए गए कि सभी विभाग अपने-अपने क्षेत्र से जुड़ी योजनाओं के पात्र लाभार्थियों को प्राथमिकता के आधार पर चिह्नित करें। इसके बाद इन लाभार्थियों की सत्यापित सूची जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, वाराणसी के कार्यालय को उपलब्ध कराई जाएगी।
प्रशासन का मानना है कि इस अग्रिम तैयारी से शिविर के दिन अनावश्यक भीड़ और असमंजस की स्थिति से बचा जा सकेगा तथा अधिक से अधिक वास्तविक जरूरतमंदों को एक ही छत के नीचे योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।
ग्रामीण स्तर पर प्रचार-प्रसार और प्री-कैंप का आयोजन
मेगा कैंप के व्यापक प्रचार-प्रसार और अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए ग्रामीण अंचलों में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव राजीव मुकुल पाण्डेय ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि मेगा कैंप को सफल बनाने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर प्री-कैंप आयोजित किए जा रहे हैं।
इन प्री-कैंप के माध्यम से गांवों के लोगों को एक नवंबर को बीएचयू में लगने वाले मुख्य शिविर की जानकारी दी जा रही है। साथ ही, सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए आवश्यक दस्तावेज और आवेदन प्रक्रिया को पूरा करने में भी ग्रामीणों की सहायता की जा रही है, ताकि वे शिविर में सभी औपचारिकताओं के साथ पहुंच सकें।
बुधवार को हुई इस उच्चस्तरीय बैठक में अपर जिला जज प्रथम संध्या श्रीवास्तव, अपर जिला जज सर्वजीत सिंह, अपर जिला जज युगल किशोर विक्रम सिंह सहित विभिन्न विभागों के तमाम जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।