वर्धा जिले के तलेगांव (शा.पं.) प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है, जहां पुलिस सुरक्षा के बीच मेडिकल जांच के लिए लाए गए एक आरोपी ने ड्यूटी पर मौजूद महिला डॉक्टर को थप्पड़ जड़ दिया।
यह घटना बुधवार शाम को प्रकाश में आई, जिसके बाद से चिकित्सा जगत और स्थानीय स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोपी की पहचान कदीर अली रज्जाक अली के रूप में हुई है, जिसे पुलिस किसी अन्य मामले में स्वास्थ्य जांच के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) लेकर आई थी। इस दौरान आरोपी के साथ दो पुलिसकर्मी और तीन होमगार्ड भी मौजूद थे।
कैबिन में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई घटना
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जब आरोपी का मेडिकल परीक्षण पूरा हो गया और संबंधित दस्तावेजों पर हस्ताक्षर की प्रक्रिया चल रही थी, तभी आरोपी ने अचानक महिला वैद्यकीय अधिकारी के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करना शुरू कर दिया। केबिन में लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज में यह स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि महिला डॉक्टर आरोपी से कागजात पर हस्ताक्षर करने के लिए कह रही हैं, जिस पर वह गालीगलौज कर रहा है। इसी दौरान जैसे ही वहां मौजूद एक पुलिसकर्मी केबिन से बाहर गया, नशे में धुत आरोपी ने आगे बढ़कर महिला डॉक्टर को तमाचा मार दिया। उस समय केबिन के भीतर एक होमगार्ड भी मौजूद था, जबकि अन्य कर्मी बाहर खड़े थे।
सूत्रों के अनुसार, आरोपी कदीर अली रज्जाक अली ने नशे की हालत में किसी व्यक्ति पर ब्लेड से हमला किया था, और इसी मामले में कानूनी प्रक्रिया के तहत उसे मेडिकल जांच के लिए पीएचसी लाया गया था। तलेगांव शापं पुलिस इस पूरे मामले की आगे की जांच कर रही है।
पुलिस की कार्यप्रणाली और सुरक्षा पर उठे सवाल
पुलिस बल और होमगार्ड्स की मौजूदगी के बावजूद एक आरोपी द्वारा स्वास्थ्यकर्मी पर इस तरह का हमला किए जाने से डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की जा रही है। घटना के समय ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की कथित लापरवाही को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं और उनके खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की मांग की जा रही है।
स्वास्थ्य कर्मियों का ठिय्या आंदोलन और ज्ञापन
इस घटना की जानकारी मिलते ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अन्य स्वास्थ्य कर्मी आक्रोशित हो गए। उन्होंने तुरंत पीएचसी परिसर में इकट्ठा होकर घटना का पुरजोर विरोध किया और इसके बाद तलेगांव थाने पहुंचकर ठिय्या आंदोलन शुरू कर दिया। महिला डॉक्टर की औपचारिक शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विभिन्न सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
घटना के विरोध में महाराष्ट्र राज्य वैद्यकीय अधिकारी महासंघ ने गुरुवार को जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और जिला परिषद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को आधिकारिक रूप से मांगों का ज्ञापन सौंपा है। विरोधस्वरूप स्वास्थ्य अधिकारियों और कर्मचारियों ने काली पट्टी (रिबीन) बांधकर अपना रोष प्रकट किया। महासंघ ने चेतावनी दी है कि यदि आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं की गई और डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए पुख्ता कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में और अधिक तीव्र आंदोलन किया जाएगा।