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अकोला में FDA का बड़ा छापा: 4 लाख से ज्यादा का एक्सपायर्ड घी जब्त, दो दुकानों के लाइसेंस रद्द

अकोला में FDA का बड़ा छापा: 4 लाख से ज्यादा का एक्सपायर्ड घी जब्त, दो दुकानों के लाइसेंस रद्द

त्योहारों के इस मौसम में अगर आप भी बाजार से घी खरीदने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके होश उड़ा सकती है। महाराष्ट्र के अकोला शहर से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसे जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे कि कैसे चंद रुपयों के मुनाफे के लिए लोगों की सेहत से सरेआम खिलवाड़ किया जा रहा है। अन्न व औषधि प्रशासन (FDA) ने शहर में एक विशेष और गोपनीय अभियान के तहत ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए दो प्रतिष्ठित दुकानों से भारी मात्रा में एक्सपायर्ड (कालबाह्य) घी बरामद किया है। इस कार्रवाई ने खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

अमरावती विभाग और अकोला एफडीए की संयुक्त कार्रवाई

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई अमरावती विभाग के सह आयुक्त (अन्न) एस. डी. केदारे और अकोला के सहाय्यक आयुक्त (अन्न) डी. जी. वीर के सख्त मार्गदर्शन में अंजाम दी गई। एफडीए की विशेष जांच टीम ने शहर के विभिन्न इलाकों में खाद्य प्रतिष्ठानों की औचक जांच शुरू की थी। इस दौरान विभाग के सतर्क अन्न सुरक्षा अधिकारियों—आर. डी. सोलंके और के. एच. बोरचाटे की टीम ने अपनी पैनी नजर रखते हुए दो बड़ी फर्मों पर शिकंजा कसा, जहां बड़े पैमाने पर नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही थीं।

प्रशासन की इस दो दिवसीय विशेष मुहिम (16 और 17 सितम्बर 2026) के दौरान जो खुलासे हुए, उन्होंने अधिकारियों को भी चौंका दिया। दुकानों के भीतर ग्राहकों को परोसने के लिए ऐसा घी खुलेआम रखा गया था, जिसकी एक्सपायरी डेट बहुत पहले ही निकल चुकी थी। आम जनता अनजाने में इस जहरनुमा घी को अपने घरों में खरीदकर ले जा रही थी और अपने बच्चों तथा बुजुर्गों को खिला रही थी।

पूर्वा मार्केटिंग पर एफडीए का बड़ा छापा

जांच अभियान के पहले चरण में एफडीए की टीम ने स्थानीय 'पूर्वा मार्केटिंग' प्रतिष्ठान पर धावा बोला। जब अधिकारियों ने दुकान के स्टॉक की बारीकी से जांच की, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। इस दुकान में कोई एक या दो नहीं, बल्कि पूरे 15 अलग-अलग प्रकार के ब्रांड्स का एक्सपायर्ड घी डंप किया गया था। यह सारा माल बाजार में बेचने की तैयारी में था।

प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पूर्वा मार्केटिंग से कुल 458 किलोग्राम कालबाह्य घी को अपने कब्जे में ले लिया। जब्त किए गए इस मिलावटी और सड़े हुए घी की बाजार में अनुमानित कीमत करीब 3,34,093 रुपये आंकी गई है। इतनी भारी मात्रा में एक्सपायर्ड माल का मिलना यह साबित करता है कि यहां लंबे समय से उपभोक्ताओं की जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा था।

मेसर्स लीलाधर जगजीवन पर भी चला हंटर

कार्रवाई का सिलसिला यहीं नहीं थमा। अगले दिन यानी 17 सितम्बर 2026 को एफडीए की टीम ने अपनी खुफिया सूचना के आधार पर 'मेसर्स लीलाधर जगजीवन' नामक फर्म पर अचानक छापा मारा। यहां भी हालात कुछ अलग नहीं थे। जांच के दौरान दुकान के अंदर 'वटुला प्रीमियम घी' ब्रांड का भारी मात्रा में एक्सपायर्ड स्टॉक बिक्री के लिए सजाकर रखा गया था।

अधिकारियों ने बिना किसी देरी के इस प्रतिष्ठान से 135 किलो कालबाह्य घी तुरंत जब्त कर लिया। जब्त किए गए इस स्टॉक की कुल कीमत लगभग 81,000 रुपये बताई जा रही है। इस प्रकार, इन दोनों छापों को मिलाकर कुल 593 किलोग्राम सड़ा हुआ और एक्सपायर्ड घी पकड़ा गया, जिसकी कुल सम्मिलित कीमत 4,15,093 रुपये बैठती है।

दोनों प्रतिष्ठानों के अन्न लाइसेंस तत्काल निलंबित

खाद्य सुरक्षा मानकों का इस स्तर पर खुला उल्लंघन देखकर एफडीए प्रशासन बेहद सख्त मूड में नजर आया। अधिकारियों ने इन दोनों फर्मों की गंभीर लापरवाही को देखते हुए बिना कोई नरमी बरते उनके अन्न लाइसेंस (Food License) तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए हैं। प्रशासन का साफ कहना है कि इस प्रकार की घोर लापरवाही को किसी भी कीमत पर माफ नहीं किया जाएगा।

लाइसेंस रद्द होने से दोनों दुकानदारों को तगड़ा झटका लगा है। अब वे आगामी आदेशों तक अपनी दुकानों पर किसी भी प्रकार के खाद्य पदार्थ की बिक्री नहीं कर सकेंगे। इसके अलावा, जब्त किए गए घी के सैंपल को परीक्षण के लिए प्रयोगशाला में भेज दिया गया है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद आगे की और भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन की सख्त चेतावनी: सेहत से समझौता बर्दाश्त नहीं

घटना के बाद एफडीए के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रेस को संबोधित करते हुए दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि आम नागरिकों के स्वास्थ्य और जीवन के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ उनका यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि:

  • खाद्य पदार्थों की शुद्धता और गुणवत्ता पर विभाग की पैनी नजर बनी हुई है।
  • आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए शहर की अन्य डेयरियों और किराना स्टोर्स की भी औचक जांच की जाएगी।
  • यदि भविष्य में किसी भी प्रतिष्ठान में एक्सपायर्ड या मिलावटी खाद्य सामग्री पाई जाती है, तो उनके खिलाफ फौजदारी मुकदमे दर्ज किए जाएंगे।
  • दुकानदारों का यह नैतिक दायित्व है कि वे ग्राहकों को केवल फ्रेश और वैध सामान ही बेचें।

आम जनता से अपील: सतर्क रहें

इस पूरी घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि बाजार से कोई भी सामान खरीदते वक्त ग्राहकों को खुद भी बेहद सतर्क रहने की जरूरत है। एफडीए ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी खाद्य उत्पाद को खरीदने से पहले उसकी निर्माण तिथि (Manufacturing Date) और समाप्ति तिथि (Expiry Date) की जांच जरूर करें। यदि किसी भी दुकान पर संदेहजनक या एक्सपायर्ड सामान बिकता नजर आए, तो तुरंत इसकी शिकायत अन्न व औषधि प्रशासन के टोल-फ्री नंबर या स्थानीय कार्यालय में दर्ज कराएं। आपकी एक छोटी सी जागरूकता किसी बड़े खतरे को टाल सकती है।

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नसीम अहमद

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नसीम अहमद जमीनी पत्रकारिता के मजबूत स्तंभ हैं। वे स्थानीय स्तर की उन खबरों को सामने लाते हैं, जो अक्सर बड़े प्लेटफॉर्म पर नजर अंदाज हो जाती हैं। उन...

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