Breaking
► सिनेमाघरों में रिलीज हुई रजनीकांत की 'जेलर 2', पहले दिन शानदार शुरुआत और कैमियो ने मचाया धमाल ► नवरात्रि गरबा के लिए छोटे बालों की 5 आसान और आकर्षक हेयरस्टाइल ► BCCI के नए मुख्य चयनकर्ता की रेस में रमेश पोवार आगे, पार्थिव पटेल रहे दूर ► स्मृति मंधाना बनीं भारतीय महिला क्रिकेट टीम की नई पूर्णकालिक कप्तान ► पीएमआरडीए का सख्त कदम: लेआउट की अंदरूनी सड़कों के 7/12 पर नाम और कब्जा रसीद अनिवार्य ► कटिहार में विजिलेंस की बड़ी कार्रवाई, ग्रामीण कार्य विभाग के इंजीनियर के घर छापा ► मुंबई पुलिस ने अभिनेता इमरान खान को दिया 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का नोटिस ► पटना स्नातक चुनाव: अनंत सिंह के विरोध पर विजय सिन्हा का पलटवार, कहा- जनता तय करेगी परिणाम ► घरेलू गैस सिलेंडर बुकिंग में बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती ► राहुल गांधी का आरोप, अंकिता भंडारी के माता-पिता को इंडिया गेट से हिरासत में लिया गया ► सिनेमाघरों में रिलीज हुई रजनीकांत की 'जेलर 2', पहले दिन शानदार शुरुआत और कैमियो ने मचाया धमाल ► नवरात्रि गरबा के लिए छोटे बालों की 5 आसान और आकर्षक हेयरस्टाइल ► BCCI के नए मुख्य चयनकर्ता की रेस में रमेश पोवार आगे, पार्थिव पटेल रहे दूर ► स्मृति मंधाना बनीं भारतीय महिला क्रिकेट टीम की नई पूर्णकालिक कप्तान ► पीएमआरडीए का सख्त कदम: लेआउट की अंदरूनी सड़कों के 7/12 पर नाम और कब्जा रसीद अनिवार्य ► कटिहार में विजिलेंस की बड़ी कार्रवाई, ग्रामीण कार्य विभाग के इंजीनियर के घर छापा ► मुंबई पुलिस ने अभिनेता इमरान खान को दिया 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का नोटिस ► पटना स्नातक चुनाव: अनंत सिंह के विरोध पर विजय सिन्हा का पलटवार, कहा- जनता तय करेगी परिणाम ► घरेलू गैस सिलेंडर बुकिंग में बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती ► राहुल गांधी का आरोप, अंकिता भंडारी के माता-पिता को इंडिया गेट से हिरासत में लिया गया

भंडारा में डेंगू का डंक: मिले 7 नए मरीज, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

भंडारा में डेंगू का डंक: मिले 7 नए मरीज, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

महाराष्ट्र के भंडारा जिले में वेक्टर जनित बीमारियों ने एक बार फिर अपनी दस्तक दे दी है। साल 2026 के शुरुआती महीनों में ही डेंगू और मलेरिया के मामलों ने स्वास्थ्य प्रशासन की नींद उड़ा दी है। हाल ही में सामने आए आंकड़ों के मुताबिक, जिले में डेंगू के 7 और मलेरिया के 5 पॉजिटिव मरीज पाए गए हैं। इन मामलों के सामने आते ही जिला स्वास्थ्य विभाग ने एहतियातन और प्रतिबंधात्मक उपायों को युद्धस्तर पर तेज कर दिया है ताकि संक्रमण को शुरुआती दौर नहीं रोका जा सके और यह महामारी का रूप न ले।

बारिश के बाद बढ़ा संक्रमण का खतरा

मौसम में बदलाव और हालिया बारिश के बाद मच्छरों के पनपने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन गई हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून के बाद के इस दौर में डेंगू फैलाने वाले एडीज मच्छर और मलेरिया फैलाने वाले एनोफिलीज मच्छर तेजी से प्रजनन करते हैं। भंडारा जिले के ग्रामीण और शहरी दोनों ही इलाकों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर सर्वे कर रही हैं। पानी के संभावित स्रोतों की जांच की जा रही है ताकि लार्वा को पनपने से पहले ही नष्ट किया जा सके।

प्रशासन की ओर से जारी रिपोर्ट में बताया गया है कि संदिग्ध मरीजों की पहचान के लिए बड़े पैमाने पर रक्त नमूनों (Blood Samples) की जांच की जा रही है। जिला अस्पताल और स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को हाई अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी मरीज को समय पर उचित उपचार मिल सके।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा उठाए गए कड़े कदम

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी और जिला कलेक्टर कार्यालय ने संयुक्त रूप से कई बड़े कदम उठाए हैं:

  • घर-घर सर्वेक्षण अभियान: स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की विशेष टीमें घर-घर जाकर कूलर, टंकी, जीमेल और पुराने टायरों में जमा पानी की जांच कर रही हैं।
  • फागिंग और एंटी-लार्वल स्प्रे: प्रभावित इलाकों और उसके आसपास के क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर फॉगिंग (धुंआ छिड़काव) और एंटी-लार्वल कैमिकल का छिड़काव किया जा रहा है।
  • रक्त नमूनों की जांच में तेजी: बुखार के हर मरीज की विशेष निगरानी की जा रही है और तुरंत मलेरिया-डेंगु की टेस्टिंग सुनिश्चित की जा रही है।
  • जागरूकता अभियान: नुक्कड़ नाटकों, पंपलेट और स्थानीय मीडिया के जरिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है कि वे अपने आसपास पानी जमा न होने दें।

नागरिकों के लिए चेतावनी और जरूरी सावधानियां

प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे जरा सी भी लापरवाही न बरतें। डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियां जानलेवा साबित हो सकती हैं यदि समय पर इनका इलाज न कराया जाए। विशेषज्ञों का कहना है कि बचाव ही सबसे बड़ा इलाज है।

अपने घरों के आसपास पानी इकट्ठा न होने दें। गमलों, पक्षियों के पीने के पानी के बर्तनों और कूलरों के पानी को हफ्ते में कम से कम एक बार जरूर बदलें। सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करें और शरीर को पूरी तरह ढकने वाले कपड़े पहनें। यदि किसी को तेज बुखार, जोड़ों में दर्द, सिरदर्द या शरीर पर लाल चकत्ते जैसे लक्षण दिखाई देते हैं, तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें और डॉक्टर की सलाह के बिना कोई भी दवा न लें।

प्रशासन की अपील: घबराएं नहीं, सतर्क रहें

जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है, लेकिन जनता का सहयोग बेहद जरूरी है। घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है, बशर्ते लोग साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार जमीनी स्तर पर काम कर रही हैं और हर एक मामले पर पैनी नजर रखी जा रही है ताकि संक्रमण की चेन को तोड़ा जा सके।

About the Author

निवेदिता ठाकुर

निवेदिता ठाकुर

Writer

निवेदिता ठाकुर जमीनी पत्रकारिता के मजबूत स्तंभ हैं। वे स्थानीय स्तर की उन खबरों को सामने लाते हैं, जो अक्सर बड़े प्लेटफॉर्म पर नजर अंदाज हो जाती है...

Read More

अगली खबर पढ़ें:

आगे पढ़ें →