दिवाली के त्योहारी सीजन में महानगरपालिका के अतिक्रमण हटाओ अभियान पर अस्थायी रोक लगने से छत्रपति संभाजीनगर के छोटे व्यापारियों, हाथगाड़ी चालकों और फेरीवालों ने राहत की सांस ली है। पूर्व विधायक संजय केनेकर की ओर से इस संबंध में प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा गया था, जिसके बाद महापौर और स्थायी समिति के सभापति ने त्योहार की अवधि तक इस मुहिम को स्थगित रखने का सकारात्मक आश्वासन दिया है।
छत्रपति संभाजीनगर शहर में दिवाली का पर्व नजदीक आते ही बाजारों में चहल-पहल बढ़ गई है। ऐसे समय में महानगरपालिका की ओर से चलाई जाने वाली अतिक्रमण विरोधी कार्रवाईयों के कारण गरीब और मेहनतकश तबके के कारोबारियों के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया था। इस स्थिति को संज्ञान में लेते हुए पूर्व विधायक संजय केनेकर ने महापौर समीर राजूरकर और महानगरपालिका आयुक्त अमोल येडगे से औपचारिक मुलाकात कर एक निवेदन सौंपा। उन्होंने मांग की कि दिवाली के इस प्रमुख त्योहारी समय में अतिक्रमण हटाओ मुहिम को पूरी तरह से अस्थायी रूप से रोक दिया जाए।
आजीविका और मानवीय दृष्टिकोण का सवाल
पूर्व विधायक संजय केनेकर ने अपने निवेदन में स्पष्ट किया कि दिवाली रोशनी, आनंद और उत्साह का त्योहार है। समाज का हर वर्ग इस पर्व को उल्लास के साथ मनाना चाहता है। छोटे व्यापारियों, पथ विक्रेताओं और हाथगाड़ी चालकों के लिए सालभर में आने वाला यह त्योहारी सीजन कमाई का सबसे महत्वपूर्ण जरिया होता है। इसी अवधि में होने वाली बिक्री से वे अपने परिवार का भरण-पोषण, बच्चों की शिक्षा का खर्च और अन्य जरूरी आवश्यकताएं पूरी करते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि शहर की स्वच्छता, सुचारू यातायात व्यवस्था और व्यवस्थित विकास अपनी जगह महत्वपूर्ण कार्य हैं, लेकिन प्रशासनिक कदमों के दौरान गरीब परिवारों की आजीविका की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए। त्योहार के दिनों में की जाने वाली सख्त कार्रवाई से इन परिवारों के घरों के चूल्हे बुझने का खतरा पैदा हो जाता है। इसलिए प्रशासन को पूरी स्थिति पर मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए त्योहार संपन्न होने तक इन छाेटे कारोबारियों को बिना किसी बाधा के व्यापार करने की अनुमति देनी चाहिए।
प्रशासन का आश्वासन और व्यापारियों की अपेक्षाएं
पूर्व विधायक की इस पहल पर प्रतिक्रिया देते हुए महापौर समीर राजूरकर और स्थायी समिति सभापति अनिल मकरिये ने उचित कदम उठाने का भरोसा दिया। उन्होंने आश्वासन दिया कि दिवाली के त्योहार को ध्यान में रखते हुए महानगरपालिका की ओर से चलाई जा रही अतिक्रमण हटाओ मुहिम को फिलहाल अस्थायी रूप से रोक दिया जाएगा।
प्रशासन की ओर से मिले इस आश्वासन के बाद शहर के छोटे व्यापारियों और फेरीवालों में खुशी की लहर दौड़ गई है। हालांकि, स्थानीय कारोबारियों और उनके संगठनों का यह भी कहना है कि त्योहार का समय बीत जाने के बाद जब भी प्रशासन अपनी मुहिम दोबारा शुरू करे, तो उन्हें उजाड़ने के बजाय उनके पुनर्वास या वैकल्पिक व्यवस्था पर भी गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए, ताकि गरीब तबके के लोगों का रोजगार लगातार सुरक्षित रह सके।