वैनगंगा-नलगंगा नदी जोड़ परियोजना के लिंक-1 के तहत आने वाली धारगांव उपसा सिंचाई योजना को राज्य सरकार ने प्रशासनिक मंजूरी दे दी है। इस महत्वपूर्ण परियोजना पर 976 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च की जाएगी, जिससे भंडारा जिले के तीन तहसीलों के दर्जनों गांवों के किसानों को सिंचाई का स्थायी लाभ मिलेगा।
भंडारा जिले के किसानों को खेती के लिए वर्षा पर निर्भरता से पूरी तरह मुक्त करने और स्थायी जल संसाधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लंबे समय से प्रयास किए जा रहे थे। इसी कड़ी में वैनगंगा-नलगंगा नदी जोड़ परियोजना के लिंक-1 के अंतर्गत प्रस्तावित धारगांव उपसा सिंचाई योजना के लिए सरकार ने 976.69 करोड़ रुपये के वित्तीय प्रावधान को मंजूरी दी है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और विधायक नाना पटोले के प्रयासों से इस महत्वाकांक्षी योजना को प्रशासनिक स्वीकृति मिलने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
गोसीखुर्द बांध के बैकवाटर का होगा उपयोग
जलसंपदा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, इस उपसा सिंचाई योजना के संचालन के लिए गोसीखुर्द बांध के बैकवाटर के पानी का उपयोग किया जाएगा। इसके लिए तिडडी गांव के समीप वैनगंगा नदी के बाएं तट पर एक आधुनिक पंपगृह का निर्माण किया जाएगा। इस पंपगृह के जरिए पानी को ऊपर उठाकर दो स्वतंत्र बंद पाइपलाइन वितरण प्रणालियों के माध्यम से अंतिम छोर तक के खेतों तक पहुंचाया जाएगा।
योजना में बंद पाइपलाइन प्रणाली का उपयोग करने का मुख्य लाभ यह होगा कि पारंपरिक खुली नहरों और नालों में वाष्पीकरण या रिसाव के कारण होने वाली पानी की बर्बादी को रोका जा सकेगा। इसके अलावा, इस तकनीकी व्यवस्था से वनभूमि पर पड़ने वाला संभावित नकारात्मक प्रभाव भी न्यूनतम रहेगा, जिससे पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी।
कितना होगा लाभक्षेत्र और कहां तक फैलेगा दायरा
धारगांव उपसा सिंचाई योजना का कुल भौगोलिक लाभक्षेत्र 14,820 हेक्टेयर तय किया गया है। इसमें से 11,917 हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि को प्रत्यक्ष रूप से सिंचाई का लाभ मिल सकेगा। इस परियोजना के दायरे में भंडारा तहसील के 17, साकोली तहसील के 18 और लाखनी तहसील के 31 गांव आएंगे, जिससे कुल 66 गांवों के किसानों को सीधा फायदा होगा।
योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए इसे दो अलग-अलग वितरण प्रणालियों में बांटा गया है। वितरण प्रणाली क्रमांक-1 के तहत भंडारा तहसील के 17 और लाखनी तहसील के 7 गांवों सहित कुल 24 गांवों को शामिल किया गया है। इस हिस्से के लिए 11,905 मीटर लंबी और 950 मिलीमीटर व्यास की पाइपलाइन बिछाई जाएगी, जिससे 3,644 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र सिंचित होगा।
वितरण प्रणाली क्रमांक-2 के अंतर्गत लाखनी तहसील के 24 और साकोली तहसील के 18 गांवों यानी कुल 42 गांवों में सिंचाई का प्रबंध किया जाएगा। इस दूसरी प्रणाली के लिए 26,901 मीटर लंबी और 1400 मिलीमीटर व्यास की बड़ी पाइपलाइन प्रस्तावित की गई है, जिसके जरिए 8,273 हेक्टेयर क्षेत्र में पानी पहुंचाया जाएगा।
तीनों कृषि मौसमों के लिए पानी का विशेष नियोजन
इस सिंचाई योजना की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें साल के तीनों प्रमुख कृषि सत्रों को ध्यान में रखते हुए पानी का वैज्ञानिक नियोजन किया गया है। योजना के अनुसार खरीफ मौसम की फसलों के लिए 87 प्रतिशत पानी का प्रबंध रहेगा। इसके साथ ही रबी मौसम के लिए 48 प्रतिशत और ग्रीष्मकालीन यानी जायद मौसम के लिए 7 प्रतिशत सिंचाई का स्पष्ट नियोजन किया गया है ताकि किसानों को वर्षभर जल उपलब्धता का लाभ मिल सके।
वितरण प्रणाली के पहले चरण में भंडारा तहसील के चांदोरी, चिखलीहमेशा, धारगांव, गुंथारा, खुर्शीपार, खुटसावरी, नवेगांव, राजेगांव, टेकेपार और लाखनी तहसील के चिखलाबोडी, दैतमांगली, गडेगांव, गराडा, कैसलवाडा (वाघ), किन्ही, उपसा गडेगांव व सोनेखारी जैसे गांव लाभान्वित होंगे। वहीं दूसरे चरण के तहत लाखनी, लाखोरी, मानेगांव, नोरगांव, पिंपलगांव, सिंगोरी, सोमलवाडा, येटेवाही, आमगांव (खु.), आतेगांव, बाम्हणी, बोरगांव, चिचगांव, धानोड, गिरोला, नांदगांव, गुड़ी, मुडीपार, निपरटोला और एकोडी सहित अन्य गांवों के किसानों को सिंचाई का पानी मिलेगा।