छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका गर्भाशयमुख (सर्वाइकल) कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी (HPV) टीकाकरण अभियान को गति देने जा रहा है। इसके तहत समाज में फैली अफवाहों और भ्रांतियों को दूर करने के लिए दिवाली के बाद लगभग 300 शिक्षकों और प्रधानाचार्यों के लिए विशेष कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा।
छत्रपति संभाजीनगर में बेटियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए मनपा प्रशासन ने एचपीवी टीकाकरण को व्यापक स्तर पर फैलाने की ठोस योजना बनाई है। महापौर समीर राजूरकर और मनपा आयुक्त अमोल येडगे के नेतृत्व में यह पहल शुरू की गई है। अधिकारियों का मानना है कि टीकाकरण को लेकर समाज में मौजूद गलत धारणाओं को वैज्ञानिक और तथ्यात्मक जानकारी के माध्यम से ही समाप्त किया जा सकता है।
शिक्षकों के जरिए अभिभावकों तक पहुंचेगी सही जानकारी
महापौर समीर राजूरकर ने कहा कि गर्भाशयमुख का कैंसर महिलाओं के स्वास्थ्य के सामने एक गंभीर चुनौती है, जिसके कारण देश भर में हर साल हजारों महिलाओं की जान जाती है। इसके बावजूद एचपीवी टीके को लेकर कई प्रकार की भ्रांतियां फैली हुई हैं। चूंकि शिक्षक समाज में एक सम्मानित स्थान रखते हैं और उनका विद्यार्थियों व अभिभावकों से सीधा संपर्क होता है, इसलिए वे लोगों की शंकाओं का समाधान करने में सबसे प्रभावी भूमिका निभा सकते हैं। इसी उद्देश्य से मनपा और निजी विद्यालयों के शिक्षकों और प्रधानाचार्यों के लिए अलग-अलग कार्यशालाएं तय की गई हैं।
दिवाली के बाद 300 शिक्षकों की कार्यशाला और छुट्टियों में टीकाकरण सुविधा
मनपा आयुक्त अमोल येडगे ने जानकारी दी कि महानगरपालिका विद्यालयों के लगभग 300 कक्षाध्यापकों और प्रधानाचार्यों के लिए दिवाली की छुट्टियां समाप्त होने के बाद यह कार्यशाला आयोजित होगी। इसमें निजी विद्यालयों के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाएगा। कार्यशालाओं के सुचारू रूप से चलने तक मनपा प्रशासन विभिन्न माध्यमों से जनजागरण अभियान जारी रखेगा। इसके अलावा, दिवाली की छुट्टियों के दौरान भी इच्छुक और पात्र लड़कियों (मुख्यतः 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग) के लिए मनपा के स्वास्थ्य केंद्रों पर टीकाकरण की सुविधा लगातार उपलब्ध रहेगी।
भारत में कैंसर के आंकड़े और बचाव के उपाय
अभियान के दौरान प्रस्तुत आंकड़ों के मुताबिक, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का कहना है कि गर्भाशयमुख कैंसर के लगभग सभी मामले उच्च जोखिम वाले एचपीवी संक्रमण से जुड़े होते हैं, और सही उम्र में लगाया गया टीका इस बीमारी से बचाव का सबसे असरदार उपाय है। ग्लोबोकैन 2022 के अनुमानों के अनुसार, भारत में हर वर्ष सर्वाइकल कैंसर के लगभग 1.27 लाख नए मामले सामने आते हैं, जबकि इस बीमारी से करीब 79,900 महिलाओं की सालाना मौत हो जाती है। समय पर टीकाकरण और जन-जागरूकता से इस खतरे को काफी हद तक टाला जा सकता है।
टीका लगवाने वाली छात्राओं का सम्मान
अभियान की शुरुआत के दौरान वेणुताई चव्हाण कन्या विद्यालय की 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की उन छात्राओं का विशेष सम्मान किया गया, जिन्होंने पहले ही एचपीवी का टीका लगवा लिया है। इस दौरान उपस्थित अतिथियों ने अन्य अभिभावकों से भी अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों या अधूरी जानकारी पर भरोसा न करें, बल्कि अधिकृत चिकित्सकों और स्वास्थ्य विभाग से मार्गदर्शन प्राप्त करें।
इस पूरी पहल और पूर्व आयोजित बैठकों में स्थायी समिति सभापति अनिल मकरिये, स्वास्थ्य समिति सभापति डॉ. सुनीता सालुंके, विरोधी पक्षनेता अब्दुल समीर साजिद, उपमहापौर राजेंद्र जंजाल, मनपा आयुक्त अमोल येडगे, अतिरिक्त आयुक्त कल्पिता पिंपले, स्वास्थ्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. उज्ज्वला भांबरे और स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मेघा जोगदंड सहित कई प्रमुख अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी ने इस सामूहिक जिम्मेदारी को निभाते हुए अभियान को सफल बनाने का संकल्प लिया है।