छत्रपति संभाजीनगर में प्रस्तावित आयुष अस्पताल का निर्माण जमीन न मिलने से अटका। केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव ने महाराष्ट्र सरकार से जमीन का प्रस्ताव मांगा।
छत्रपति संभाजीनगर में प्रस्तावित आयुष अस्पताल का निर्माण जमीन उपलब्ध न होने के कारण अटका हुआ है। केंद्रीय आयुष राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रतापराव जाधव ने महाराष्ट्र सरकार से आग्रह किया है कि वे इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य परियोजना के लिए उपयुक्त जमीन का चयन कर जल्द से जल्द केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजें, ताकि निर्माण कार्य को गति मिल सके।
छत्रपति संभाजीनगर स्थित एमजीएम विश्वविद्यालय के रुक्मिणी सभागार में विश्व फार्मासिस्ट दिवस और राष्ट्रीय फार्मेसी सप्ताह के अवसर पर एक राज्यस्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए केंद्रीय आयुष राज्यमंत्री प्रतापराव जाधव ने संवाददाताओं से बातचीत के दौरान यह जानकारी दी। पत्रकारों द्वारा अस्पताल के निर्माण में हो रही देरी के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य स्तर पर जमीन का मामला अभी तक सुलझ नहीं पाया है। राज्य सरकार की ओर से उपयुक्त भूमि आवंटित किए जाने के बाद ही आगे की प्रशासनिक और निर्माण प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सकेगा।
देशभर में आयुर्वेद संस्थानों के विस्तार की योजना
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ने देश में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थानों (AIIA) की संख्या बढ़ाने की चल रही योजनाओं पर भी प्रकाश डाला। वर्तमान में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और गोवा में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान पूरी तरह से कार्यरत हैं। इस वर्ष प्रस्तुत किए गए केंद्रीय बजट में सरकार ने तीन नए आयुर्वेद संस्थान स्थापित करने की घोषणा की है। इनमें से तीसरे संस्थान के लिए देश के विभिन्न राज्यों से कुल 22 प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
महाराष्ट्र सहित अन्य दावेदार राज्यों की प्रस्तुतियां और समीक्षा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इस तीसरे संस्थान की स्थापना के लिए अंतिम निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्तर पर लिया जाएगा। केंद्र सरकार की दीर्घकालिक योजना के तहत देश के विभिन्न हिस्सों में कुल 10 अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
जीवनशैली से जुड़े रोगों पर रोकथाम और पारंपरिक चिकित्सा
आधुनिक स्वास्थ्य चुनौतियों पर बात करते हुए केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव ने कहा कि आज के समय में मानसिक तनाव, हृदय रोग, मोटापा और कैंसर जैसी जीवनशैली से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। इनकी रोकथाम के लिए संतुलित आहार, नियमित दिनचर्या और जन-जागरूकता अभियानों पर विशेष जोर दिया जा रहा है। सरकार की प्राथमिकता पारंपरिक आयुष चिकित्सा पद्धतियों को आधुनिक वैज्ञानिक शोध, औषधियों की उच्च गुणवत्ता और कठोर परीक्षणों के साथ जोड़कर आम जनता तक पहुंचाना है।