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मुंबई के शिवाजी पार्क में गरजी कॉकरोच जनता पार्टी, मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग पर अड़े प्रदर्शनकारी

मुंबई के शिवाजी पार्क में गरजी कॉकरोच जनता पार्टी, मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग पर अड़े प्रदर्शनकारी

देश की आर्थिक राजधानी मुंबई आज एक बड़े राजनीतिक और प्रशासनिक संघर्ष का गवाह बन रही है। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों और चुनाव आयुक्तों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने मुंबई के ऐतिहासिक शिवाजी पार्क में जोरदार विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है। हालांकि इस प्रदर्शन के लिए मुंबई प्रशासन या पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक अनुमति नहीं दी गई है, इसके बावजूद पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक भारी संख्या में शिवाजी पार्क के गेट नंबर 6 के बाहर जुटने लगे हैं। इस हाई-वोल्टेज ड्रामे को देखते हुए पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है।

गांधी जयंती के दिन आंदोलन का शंखनाद

आज 2 अक्टूबर यानी गांधी जयंती के पवित्र अवसर को चुनते हुए CJP के नेताओं ने देश के युवाओं से सड़कों पर उतरने की अपील की है। पार्टी के सह-संयोजक सौरव दास ने आंदोलन की रूपरेखा स्पष्ट करते हुए कहा कि यदि महात्मा गांधी भी अंग्रेजों से दांडी मार्च की अनुमति मांगते, तो शायद देश को कभी आजादी न मिलती। उन्होंने साफ किया कि पार्टी ने पुलिस से अनुमति मांगने के बजाय उन्हें अपने कार्यक्रम की सूचना दे दी है। मुंबई पुलिस के पेशेवर रवैये पर भरोसा जताते हुए उन्होंने कहा कि देश का युवा एक बार फिर जंतर-मंतर 1.0 की तर्ज पर CJP 2.0 के साथ एकजुट होकर एक बड़ा बदलाव लाने के लिए तैयार है।

मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ नारेबाजी और कड़े तेवर

शिवाजी पार्क और उसके आसपास के इलाकों में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ तीखी नारेबाजी गूंज रही है। प्रदर्शनकारियों के हाथों में तख्तियां हैं और वे चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवालिया निशान लगा रहे हैं। हालात की गंभीरता को भांपते हुए CJP ने अपने कार्यकर्ताओं के लिए एक मजबूत लीगल सपोर्ट टीम का भी ऐलान किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए पार्टी ने यह संदेश दिया है कि यदि किसी भी कार्यकर्ता को प्रदर्शन के दौरान अवैध तरीके से हिरासत में लिया जाता है, तो उनकी लीगल टीम तुरंत सहायता के लिए उपलब्ध रहेगी। इसके अलावा, अप्रत्याशित मेडिकल आपातकाल से निपटने के लिए डॉक्टरों की एक विशेष टीम भी विरोध स्थल पर पहुंच चुकी है।

राजनीतिक पारा हाई: सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने

इस पूरे घटनाक्रम पर महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। राज्य के उप-मुख्यमंत्री और दिग्गज नेता देवेंद्र फडणवीस ने इस प्रदर्शन को सिरे से खारिज करते हुए इसे विपक्ष की एक 'झूठी कहानी' करार दिया है। फडणवीस का कहना है कि तीनों चुनाव आयुक्त पहले ही एक विस्तृत प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए सारे तथ्यों को देश के सामने रख चुके हैं और इस तरह के प्रायोजित विरोध प्रदर्शनों से सच्चाई को नहीं बदला जा सकता।

दूसरी ओर, विपक्षी दलों, खासकर उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) ने CJP के इस आंदोलन को खुला समर्थन दिया है। विपक्षी खेमे का आरोप है कि देश की चुनावी प्रणाली से आम जनता का भरोसा उठ रहा है और चुनावों में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई बेहद जरूरी हो गई है.

स्थानीय लोगों की चिंता और पुलिस का कड़ा पहरा

एक तरफ जहां CJP के कार्यकर्ता और समर्थक अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं, वहीं दादर और शिवाजी पार्क के स्थानीय निवासी इस अचानक हुए हंगामे से खासे परेशान नजर आ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के बिना अनुमति वाले बड़े प्रदर्शनों से इलाके की शांति व्यवस्था भंग होती है और आम नागरिकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। एक स्थानीय नागरिक ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि यदि विरोध प्रदर्शन तय नियमों के तहत आजाद मैदान जैसी निर्धारित जगहों पर हो, तो किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए, लेकिन आवासीय इलाके के पास इस प्रकार की भीड़ जुटाना उचित नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट में आगामी सुनवाई पर टकटकी

इस विरोध प्रदर्शन के समानांतर कानूनी मोर्चे पर भी सरगर्मी तेज हो गई है। आगामी 5 अक्टूबर को देश की सर्वोच्च अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट एसआईआर (SIR) प्रक्रिया से जुड़ी उन याचिकाओं पर सुनवाई करेगा, जिनमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार द्वारा लिए गए फैसलों को चुनौती दी गई है। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ इस संवेदनशील मामले की सुनवाई करेगी। इन याचिकाओं में एक सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट जज की अध्यक्षता में एसआईटी (SIT) जांच बिठाने और मामले के निस्तारण तक CEC को उनके पद के कर्तव्यों से रोकने की मांग भी शामिल है।

देशभर में आंदोलन विस्तार की चेतावनी

कॉकरोच जनता पार्टी ने साफ कर दिया है कि मुंबई का यह प्रदर्शन केवल एक शुरुआत मात्र है। पार्टी की योजना इस विरोध लहर को गोवा, बेंगलुरु, कोलकाता और देश के अन्य प्रमुख महानगरों तक ले जाने की है। अंत में इस आंदोलन का समापन दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक बड़े धरने के साथ होगा। फिलहाल, शिवाजी पार्क के चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बलों का कड़ा पहरा है और प्रशासन हर एक गतिविधि पर पैनी नजर बनाए हुए है।

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निवेदिता ठाकुर

निवेदिता ठाकुर

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निवेदिता ठाकुर जमीनी पत्रकारिता के मजबूत स्तंभ हैं। वे स्थानीय स्तर की उन खबरों को सामने लाते हैं, जो अक्सर बड़े प्लेटफॉर्म पर नजर अंदाज हो जाती है...

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