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MPSC Exam Reform: पेपर लीक पर सख्त हुई सरकार, 30 सितंबर को नासिक पहुंचेगी उच्चस्तरीय समिति

MPSC Exam Reform: पेपर लीक पर सख्त हुई सरकार, 30 सितंबर को नासिक पहुंचेगी उच्चस्तरीय समिति

महाराष्ट्र में सरकारी नौकरियों की परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए एक बेहद अहम और राहत भरी खबर सामने आ रही है। राज्यभर में हाल के दिनों में सामने आए पेपर लीक मामलों और उसके बाद भड़के जन आक्रोश के बाद अब शासन पूरी तरह से सतर्क हो चुका है। परीक्षा व्यवस्था में आमूल-चूल परिवर्तन लाने और पूरी प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने कमर कस ली है। इसी कड़ी में एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है, जो अब सीधे जमीन पर उतरकर छात्रों और अभिभावकों की राय लेगी।

अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित हुई हाई-लेवल कमेटी

सरकारी भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता को बनाए रखने और भविष्य में किसी भी तरह की धांधली या सेंधमारी को रोकने के लिए राज्य सरकार ने अपर मुख्य सचिव के नेतृत्व में एक विशेष उच्चस्तरीय समिति बनाई है। इस समिति में विभागीय आयुक्तों को भी शामिल किया गया है, ताकि प्रशासनिक स्तर पर हर छोटी-बड़ी खामी को बारीकी से परखा जा सके। यह समिति केवल दफ्तरों में बैठकर फैसले नहीं लेगी, बल्कि राज्य के अलग-अलग हिस्सों का दौरा कर जमीनी हकीकत से रूबरू होगी।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, यह हाई-लेवल कमेटी आगामी 30 सितंबर को सुबह ठीक 11 बजे महाराष्ट्र के महत्वपूर्ण शहर नासिक का दौरा करेगी। नासिक के जिलाधिकारी कार्यालय स्थित नियोजन भवन में इस उच्चस्तरीय बैठक का आयोजन किया जाएगा, जहां समिति सीधे तौर पर परीक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न घटकों के साथ संवाद स्थापित करेगी।

जिलाधिकारी आयुष प्रसाद की अपील: छात्र और अभिभावक आगे आएं

नासिक के जिलाधिकारी आयुष प्रसाद ने इस पूरी प्रक्रिया को लेकर एक महत्वपूर्ण अपील जारी की है। उन्होंने नासिक विभाग के तमाम विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले कोचिंग क्लास संचालकों, विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के प्रमुखों और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े तमाम हितधारकों से आग्रह किया है कि वे इस मुहिम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें।

जिला प्रशासन का मानना है कि जब तक परीक्षा देने वाले असली पीड़ितों यानी छात्रों और उन्हें पढ़ाने वाले शिक्षकों के सुझाव शामिल नहीं किए जाएंगे, तब तक कोई भी नियम पूरी तरह कारगर साबित नहीं हो सकता। यही वजह है कि सरकार ने जमीनी स्तर पर फीडबैक लेने का यह अनूठा और पारदर्शी तरीका अपनाया है।

सुझाव दर्ज कराने के लिए विशेष कक्ष (Special Cell) स्थापित

उच्चस्तरीय समिति के नासिक दौरे से पहले स्थानीय स्तर पर व्यापक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। जिलाधिकारी कार्यालय के भीतर एक विशेष कक्ष का गठन किया गया है, जिसका मुख्य काम परीक्षा व्यवस्था में सुधार से जुड़े अधिक से अधिक सुझावों और अभिप्रायों को एकत्र करना है।

यह विशेष कक्ष 17 सितंबर से लेकर 25 सितंबर तक कार्यालयीन समय के दौरान पूरी तरह सक्रिय रहेगा। इस दौरान कोई भी छात्र, अभिभावक या संस्थान सुबह 10 बजे से लेकर शाम 6 बजे तक इस कक्ष में आकर लिखित रूप में अपने सुझाव दर्ज करा सकता है।

  • विशेष कक्ष की कार्य अवधि: 17 सितंबर से 25 सितंबर तक
  • समय: सुबह 10:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक
  • स्थान: जिलाधिकारी कार्यालय, नासिक
  • नोडल अधिकारी: निवासी उपजिलाधिकारी (आस्थापना शाखा)

इन तमाम दिनों में जितने भी सुझाव प्राप्त होंगे, उन सभी को एक व्यवस्थित रिपोर्ट के रूप में संकलित किया जाएगा। इसके बाद, आगामी 30 सितंबर को जब उच्चस्तरीय समिति नासिक पहुंचेगी, तो इन सभी सुझावों को उनके समक्ष आधिकारिक तौर पर प्रस्तुत किया जाएगा ताकि नीतिगत फैसलों में इन्हें शामिल किया जा सके।

किन प्रमुख मुद्दों और खामियों पर दिए जा सकेंगे सुझाव?

यह विशेष कक्ष केवल औपचारिकता नहीं है, बल्कि इसमें परीक्षा प्रणाली की हर उस नस को टटोला जाएगा जो अक्सर गड़बड़ियों की वजह बनती है। छात्रों और विशेषज्ञों के पास अपनी बात रखने का यह सुनहरा मौका है। मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर विस्तृत सुझाव आमंत्रित किए गए हैं:

1. प्रश्नपत्र निर्माण से लेकर परिणाम तक फुलप्रूफ व्यवस्था

पेपर लीक की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए प्रश्नपत्रों के मुद्रण (Printing), उनकी पैकेजिंग, एक स्थान से दूसरे स्थान पर ट्रांसपोर्टेशन और अंत में कॉपियों के मूल्यांकन तथा परिणाम घोषणा तक की पूरी चेन को कैसे पूरी तरह सुरक्षित किया जाए, इस पर ठोस सुझाव दिए जा सकेंगे।

2. सूचना प्रौद्योगिकी (IT) का प्रभावी और आधुनिक उपयोग

आज के डिजिटल दौर में तकनीक का इस्तेमाल करके सुरक्षा घेरे को कैसे मजबूत किया जा सकता है, इस पर विशेष जोर रहेगा। बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन, ऑनलाइन मॉनिटरिंग और एन्क्रिप्टेड डिजिटल कम्युनिकेशन जैसे तकनीकी पहलुओं पर एक्सपर्ट्स और छात्र अपनी राय दे सकते हैं।

3. परीक्षा केंद्रों के लिए कड़े और नए न्यूनतम मानक

कई बार परीक्षा केंद्रों पर बुनियादी सुरक्षा व्यवस्था और सिटिंग अरेंजमेंट में खामियों का फायदा उठाकर नकल या गड़बड़ी की जाती है। इसे रोकने के लिए परीक्षा केंद्रों के चयन हेतु कड़े और पारदर्शी न्यूनतम मानक तय करने के संबंध में भी सुझाव स्वीकार किए जाएंगे।

4. मजबूत शिकायत निवारण प्रणाली (Grievance Redressal)

परीक्षा के दौरान या परिणाम आने के बाद यदि छात्रों को कोई शिकायत होती है, तो उसका समाधान बेहद धीमी गति से होता है। एक ऐसी सक्षम और फास्ट-ट्रैक शिकायत निवारण प्रणाली विकसित करने पर जोर दिया जाएगा जो कम से कम समय में छात्रों की समस्याओं का समाधान कर सके।

युवाओं के भविष्य के लिए एक निर्णायक कदम

महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले लाखों युवाओं के लिए यह प्रक्रिया बेहद अहम है। बार-बार होने वाले पेपर लीक से न केवल छात्रों का कीमती वक्त बर्बाद होता है, बल्कि उनके मानसिक स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति पर भी गहरा असर पड़ता है।

शासन और प्रशासन की यह पहल यदि जमीन पर पूरी ईमानदारी से लागू होती है, तो आने वाले समय में सरकारी नौकरियों की परीक्षाओं में पारदर्शिता की एक नई मिसाल कायम हो सकती है। नासिक के छात्रों और अभिभावकों के पास यह एक सुनहरा मौका है कि वे आगे आएं और अपनी आवाज सीधे उच्चस्तरीय समिति तक पहुंचाएं, ताकि भविष्य में किसी भी युवा के सपनों के साथ खिलवाड़ न हो सके।

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निवेदिता ठाकुर

निवेदिता ठाकुर

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निवेदिता ठाकुर जमीनी पत्रकारिता के मजबूत स्तंभ हैं। वे स्थानीय स्तर की उन खबरों को सामने लाते हैं, जो अक्सर बड़े प्लेटफॉर्म पर नजर अंदाज हो जाती है...

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