महाराष्ट्र राज्य मार्ग परिवहन महामंडल के 83 हजार कर्मचारियों को 10,000 रुपये अनुदान, 12,500 रुपये अग्रिम और 2% महंगाई भत्ते की सौगात।
महाराष्ट्र राज्य मार्ग परिवहन महामंडल (MSRTC) के करीब 83 हजार अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए दिवाली का त्योहार इस बार आर्थिक राहत लेकर आया है। राज्य सरकार और महामंडल प्रशासन ने कर्मचारियों के लिए सानुग्रह अनुदान, त्योहार अग्रिम और महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी का एक साथ ऐलान किया है, जिससे त्योहारी सीजन में उनकी वित्तीय जरूरतें पूरी हो सकें।
महाराष्ट्र सरकार के इस फैसले के तहत MSRTC के सभी पात्र कर्मचारियों को 10,000 रुपये का सानुग्रह अनुदान दिया जाएगा। इसके साथ ही, कर्मचारियों को त्योहार के दौरान आने वाले खर्चों से निपटने के लिए 12,500 रुपये का त्योहार अग्रिम भी उपलब्ध कराया जाएगा। यह राशि कर्मचारियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी ताकि वे अपने परिवार के साथ दीपोत्सव का पर्व बेहतर तरीके से मना सकें।
महंगाई भत्ते में दो फीसदी की बढ़ोतरी
त्योहारी घोषणाओं के बीच कर्मचारियों के नियमित वेतन से जुड़ा एक और लाभ बढ़ाया गया है। सरकार ने महंगाई भत्ते (DA) में दो प्रतिशत की ठोस वृद्धि की है। इस संशोधन के बाद कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 58 प्रतिशत से बढ़कर सीधे 60 प्रतिशत हो गया है। महंगाई भत्ते में हुई इस बढ़ोतरी से कर्मचारियों के मासिक वेतन में स्थायी रूप से इजाफा होगा, जिससे बढ़ती महंगाई के दौर में उन्हें राहत मिलेगी।
महामंडल पर आएगा 160 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार
परिवहन मंत्री और MSRTC महामंडल के अध्यक्ष प्रताप सरनाईक ने गुरुवार को इन सभी आर्थिक लाभों की आधिकारिक घोषणा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि सानुग्रह अनुदान, त्योहार अग्रिम और महंगाई भत्ते में दो प्रतिशत की वृद्धि करने से एसटी महामंडल के वित्तीय ढांचे पर लगभग 160 करोड़ रुपये का अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ेगा।
मंत्री प्रताप सरनाईक ने यह भी स्वीकार किया कि वर्तमान में महामंडल कुछ वित्तीय संकट और चुनौतियों से गुजर रहा है, इसके बावजूद कर्मचारियों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए यह सुनिश्चित किया गया है कि कर्मचारियों की दिवाली फीकी न पड़े और उनके त्योहार पर किसी प्रकार की आर्थिक बाधा न आए।
कर्मचारी संगठनों के साथ उच्चस्तरीय चर्चा
इन तमाम वित्तीय लाभों और राहत पैकेजों को अंतिम रूप देने से पहले राज्य प्रशासन और परिवहन विभाग ने विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रमुख प्रतिनिधियों के साथ एक अहम बैठक की थी। इस बैठक में कर्मचारियों की मौजूदा वित्तीय स्थिति और मांगों पर विचार-विमर्श किया गया, जिसके बाद आम सहमति से इन लाभों को लागू करने का निर्णय लिया गया। सरकार के इस कदम से राज्यभर के बस डिपो और कार्यलयों में कार्यरत हजारों परिवहन कर्मचारियों में संतोष का माहौल है।