चंद्रपुर के सावरकर चौक पर रामनगर पुलिस ने 20.62 लाख रुपए का प्रतिबंधित तंबाकू जब्त किया। इसी खेप को लेकर तीन लाख रुपए की फिरौती मांगने का भी आरोप लगा है।
चंद्रपुर में 20.62 लाख का प्रतिबंधित तंबाकू जब्त, फिरौती के आरोपों से मामला उलझा
महाराष्ट्र के चंद्रपुर शहर में प्रतिबंधित सुगंधित तंबाकू के अवैध कारोबार को लेकर एक ही प्रकरण में दो अलग-अलग शिकायतें सामने आने के बाद मामला पूरी तरह उलझ गया है। रामनगर पुलिस ने एक नवंबर को शहर के सावरकर चौक परिसर में कार्रवाई करते हुए 20.62 लाख रुपए मूल्य का प्रतिबंधित सुगंधित तंबाकू और इसके परिवहन में इस्तेमाल किया जा रहा पिकअप वाहन जब्त किया है। इस कार्रवाई के बाद जहां एक ओर पुलिस ने वाहन चालक और माल के मालिक के खिलाफ मामला दर्ज किया है, वहीं दूसरी ओर इसी खेप को लेकर वाहन चालक से तीन लाख रुपए की फिरौती मांगने का एक अन्य मामला भी दर्ज कराया गया है। आरोपित पक्ष ने फिरौती के सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए दावा किया है कि उन्होंने खुद तंबाकू पकड़कर पुलिस को सौंपा था।
पुलिस की कार्रवाई और जब्ती का विवरण
रामनगर पुलिस थाने से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, एक नवंबर को मुखबिर से मिली गुप्त सूचना के आधार पर सहायक पुलिस निरीक्षक शिवाजी बी. नागवे के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। इस टीम ने सावरकर चौक के पास जाल बिछाकर एक संदिग्ध पिकअप वाहन को रोका। वाहन की गहन तलाशी ली गई तो उसमें से भारी मात्रा में प्रतिबंधित सुगंधित तंबाकू बरामद हुआ। जब्त किए गए माल में ईगल ब्रांड के 330 पैकेट, अन्य विभिन्न ब्रांडों के 400 पैकेट और एक-एक किलो वजन वाले 120 पैकेट शामिल हैं। पुलिस ने कुल 10 लाख 59 हजार 500 रुपए कीमत का तंबाकू, 10 लाख रुपए कीमत का पिकअप वाहन और अन्य सामग्री मिलाकर कुल 20 लाख 62 हजार रुपए की जब्ती बनाई है।
पकड़े गए वाहन चालक समीर शेख कासिम कुरैशी (41) से पूछताछ की गई, जो अष्टभुजा वार्ड, चंद्रपुर का निवासी है। पूछताछ में यह बात सामने आई कि यह अवैध खेप वसीम झिमरी नामक व्यक्ति की है। इस प्रकरण के आधार पर रामनगर थाने में विभिन्न कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। इस मामले की आगे की जांच पुलिस उपनिरीक्षक हिराचंद नीलकंठ गव्हारे द्वारा की जा रही है।
फिरौती वसूली और धमकी का दूसरा प्रकरण
इस पूरी घटना से जुड़े एक अन्य घटनाक्रम में वाहन चालक समीर सलीम कुरैशी ने रामनगर थाने में दूसरी शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के मुताबिक, एक नवंबर को एमआईडीसी के एक गोदाम से सुगंधित तंबाकू के 20 बोरे भरकर सिंदेवाही की ओर ले जाते समय अजयपुर के निकट रबाज मुब्बशिर शेख और इरफान शेख ने उसका वाहन रोका। आरोप है कि दोनों युवक जबरन वाहन में बैठ गए और चालक को गाड़ी आगे बढ़ाने के लिए मजबूर किया। इसके बाद उससे तीन लाख रुपए की फिरौती की मांग की गई। शिकायत में यह भी कहा गया है कि यदि रकम नहीं दी गई तो पिकअप वाहन को सीधे पुलिस अधीक्षक कार्यालय के प्रांगण में खड़ा करवा देने की धमकी दी गई। इतना ही नहीं, आरोपितों ने तत्काल 50 हजार रुपए की नकदी का प्रबंध करने का दबाव भी बनाया। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने रबाज मुब्बशिर शेख और इरफान शेख के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 126(2), 308(4) और 3(5) के तहत गंभीर मामला दर्ज किया है।
आरोपित पक्ष का दावा और पुलिस जांच की मांग
दूसरी तरफ, इस मामले में आरोपी बनाए गए इरफान शेख ने एक पत्रकार परिषद को संबोधित करते हुए अपने और अपने साथी पर लगे फिरौती के सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। उनका दावा है कि उन्होंने स्वयं 20 लाख रुपए से अधिक मूल्य की प्रतिबंधित सुगंधित तंबाकू की खेप को पकड़ा था और उसे रामनगर पुलिस थाने तक पहुंचाया था। इरफान के अनुसार, थाने पहुंचने से पहले सावरकर चौक पर वसीम झिमरी और उनके कुछ सहयोगियों ने जबरन वह माल छुड़ाने का प्रयास किया था तथा शिकायतकर्ताओं के साथ मारपीट व बदसलूकी की थी। इरफान ने यह भी आरोप लगाया कि शहर में प्रतिबंधित तंबाकू के अवैध कारोबार में संलिप्त मुख्य लोगों के खिलाफ पुलिस द्वारा कड़ी कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने, संलिप्त आरोपियों के खिलाफ सख्त मकोका या मिनी मकोका के तहत कार्रवाई करने तथा उनके खिलाफ दर्ज किए गए फिरौती के झूठे मामले को तुरंत वापस लेने की मांग की है।