नासिक जिला परिषद की अनूठी पहल से पांच एकल महिलाओं ने सामूहिक विवाह समारोह में सूत्रबद्ध होकर अपने जीवन की नई शुरुआत की है। इस अनूठे आयोजन में राज्य के मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों ने खुद आगे आकर विवाह की रस्में पूरी कराईं और नवदंपत्तियों को आर्थिक सहायता प्रदान की।
विवाह को जीवन का एक महत्वपूर्ण और आनंदमयी क्षण माना जाता है। इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए नासिक जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ओंकार पवार की विशेष पहल पर इस सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन जिला परिषद मुख्यालय के प्रांगण में किया गया। राज्य सरकार की नीतियों के अनुरूप विधवा और परित्यक्ता जैसी एकल महिलाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें सम्मानजनक जीवन देने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।
महात्मा फुले की जयंती के अवसर पर हुआ आयोजन
यह सामूहिक विवाह समारोह महात्मा फुले की 200वीं जयंती के विशेष अवसर पर आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में कुल पांच महिलाओं ने समाज के तमाम बंधनों को पीछे छोड़ते हुए पुनर्विवाह के जरिए अपने जीवन की एक नई पारी की शुरुआत की। समारोह के दौरान जब मंगलाष्टक की गूंज और फूलों की खुशबू फैली, तो वर्षों से एकाकी जीवन बिता रही इन महिलाओं की आंखों में खुशी के आंसू छलक आए। इस गरिमामय आयोजन ने न केवल उन्हें समाज में एक नई पहचान दिलाई, बल्कि उनके आत्मविश्वास को भी मजबूत किया है।
दिग्गज मंत्रियों और अधिकारियों ने निभाई बाराती की भूमिका
इस सामूहिक विवाह समारोह की सबसे बड़ी विशेषता जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी रही। समारोह में स्कूली शिक्षा मंत्री दादा भुसे, अन्न एवं औषधि प्रशासन मंत्री नरहरी झिरवाल, सांसद भास्कर भगरे, विधायक हिरामण खोसकर और शिवसेना उपनेता अजय बोरस्ते ने बाराती की भूमिका निभाई। मंत्रियों और अन्य गणमान्य लोगों ने खुद अंतरपाट यानी पर्दा पकड़कर मंगलाष्टक पढ़े। इसके अलावा, जिला कलेक्टर आयुष प्रसाद और जिला परिषद सीईओ ओंकार पवार सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुनों पर थिरकते हुए अपनी खुशी का इजहार किया।
नवदंपत्तियों और उनके बच्चों के लिए आर्थिक मदद
समाज में इन महिलाओं के पुनर्विवाह को आर्थिक संबल प्रदान करने के लिए जिला प्रशासन और सरकार की ओर से ठोस कदम उठाए गए। समारोह के दौरान पुनर्विवाह करने वाली ग्रामीण महिलाओं के बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने के वास्ते 1-1 लाख रुपए के बचत पत्र वितरित किए गए। इसके साथ ही, नवदंपत्तियों को अपनी नई गृहस्थी बसाने और जरूरी सामान खरीदने के लिए 31-31 हजार रुपए के चेक भी भेंट किए गए। इस पहल से न केवल नवविवाहित जोड़ों को आर्थिक संबल मिला है, बल्कि समाज में इस तरह के पुनर्विवाहों को लेकर सकारात्मक संदेश भी गया है।