Breaking
► UP PET परीक्षा: परीक्षार्थियों के लिए मुरादाबाद, लखनऊ, शाहजहांपुर और बिजनौर के बीच चलेंगी स्पेशल ट्रेनें ► प्रसिद्ध शेफ और पद्म श्री विजेता के. दामोदरन का 72 वर्ष की आयु में निधन ► कांग्रेस और सपा ने मुसलमानों को नफरत सिखाई: ओम प्रकाश राजभर ► मंडी के दो सगे भाइयों की एक साथ सरकारी नौकरी, शिक्षा विभाग में टीजीटी आर्ट्स पद पर हुए तैनात ► भिवानी में खेत में काम करते समय किसान की करंट लगने से मौत, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ ► भारतीय संग्रहालय में 212 साल में पहली बार सजे मां दुर्गा के बेशकीमती स्वर्ण आभूषण ► उत्तराखंड: दुल्हन की अनोखी मांग लाई रंग, उदांवा गांव तक सड़क निर्माण जल्द ► हॉनर ने लॉन्च किया नया Honor Pad X10 Mini टैबलेट, 8000 mAh बैटरी और 90Hz डिस्प्ले ► मुंबई में अभिनेता गुरफतेह पीरजादा का अनोखा आशियाना, मार्बल से लेकर फिनिश रेनडियर फर तक ► भारत अंतरराष्ट्रीय चावल सम्मेलन 2026: किसानों के लिए प्रोसेसिंग और निर्यात से आय बढ़ाने का रोडमैप ► UP PET परीक्षा: परीक्षार्थियों के लिए मुरादाबाद, लखनऊ, शाहजहांपुर और बिजनौर के बीच चलेंगी स्पेशल ट्रेनें ► प्रसिद्ध शेफ और पद्म श्री विजेता के. दामोदरन का 72 वर्ष की आयु में निधन ► कांग्रेस और सपा ने मुसलमानों को नफरत सिखाई: ओम प्रकाश राजभर ► मंडी के दो सगे भाइयों की एक साथ सरकारी नौकरी, शिक्षा विभाग में टीजीटी आर्ट्स पद पर हुए तैनात ► भिवानी में खेत में काम करते समय किसान की करंट लगने से मौत, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ ► भारतीय संग्रहालय में 212 साल में पहली बार सजे मां दुर्गा के बेशकीमती स्वर्ण आभूषण ► उत्तराखंड: दुल्हन की अनोखी मांग लाई रंग, उदांवा गांव तक सड़क निर्माण जल्द ► हॉनर ने लॉन्च किया नया Honor Pad X10 Mini टैबलेट, 8000 mAh बैटरी और 90Hz डिस्प्ले ► मुंबई में अभिनेता गुरफतेह पीरजादा का अनोखा आशियाना, मार्बल से लेकर फिनिश रेनडियर फर तक ► भारत अंतरराष्ट्रीय चावल सम्मेलन 2026: किसानों के लिए प्रोसेसिंग और निर्यात से आय बढ़ाने का रोडमैप

महाराष्ट्र के स्कूलों में शिक्षकों की डिजिटल हाजिरी अनिवार्य, स्विफ्टचैट बॉट का होगा इस्तेमाल

महाराष्ट्र के स्कूलों में शिक्षकों की डिजिटल हाजिरी अनिवार्य, स्विफ्टचैट बॉट का होगा इस्तेमाल

शैक्षणिक वर्ष 2026-27 से लागू हुई नई डिजिटल व्यवस्था, प्रिंसिपलों को सौंपी गई जिम्मेदारी

महाराष्ट्र के स्कूली शिक्षा विभाग ने राज्यभर के विद्यालयों में कक्षा 1 से लेकर 12वीं तक पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए उपस्थिति दर्ज करने की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल कर दिया है। अब पारंपरिक कागजी रजिस्टरों की बजाय शिक्षकों को अपनी रोजाना की हाजिरी ऑनलाइन दर्ज करानी होगी। इस नई व्यवस्था के तहत 'स्विफ्टचैट' ऐप पर तैयार किए गए विशेष 'स्मार्ट अटेंडेंस बॉट' का उपयोग किया जाएगा, जिससे शिक्षकों की उपस्थिति का सटीक और पारदर्शी रिकॉर्ड रखा जा सके।

शिक्षा आयुक्त कार्यालय द्वारा इस संबंध में 4 अक्टूबर 2026 को आधिकारिक परिपत्र जारी किया गया था। राष्ट्रीय विद्या समीक्षा केंद्र के अंतर्गत रियल टाइम सूचना बोर्ड के माध्यम से शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज करने की यह प्रणाली शैक्षणिक वर्ष 2026-27 से प्रभावी कर दी गई है। इस पूरी प्रक्रिया को विद्यालयों में सफलतापूक लागू करने और डेटा की शुद्धता सुनिश्चित करने की मुख्य जिम्मेदारी संबंधित स्कूलों के प्रधानाध्यापकों यानी प्रिंसिपलों को सौंपी गई है।

मोबाइल ऐप डाउनलोड करने और रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया

इस डिजिटल हाजिरी प्रणाली का उपयोग करने के लिए सबसे पहले स्कूलों के प्रिंसिपलों को अपने मोबाइल फोन में 'स्विफ्टचैट' एप्लीकेशन डाउनलोड करना होगा। ऐप डाउनलोड करने के पश्चात अपने मोबाइल नंबर के माध्यम से इसमें रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य है। स्कूल की आधिकारिक पहचान के लिए 11 अंकों के यूनिक कोड का प्रयोग किया जाएगा। इसके अलावा, प्रत्येक शिक्षक की व्यक्तिगत जानकारी की पुष्टि करने के लिए 'शालार्थ आईडी' (Shalarth ID) या 'राष्ट्रीय शिक्षक कोड' का उपयोग किया जाना तय किया गया है।

इस तकनीकी व्यवस्था के माध्यम से विद्यालय में कार्यरत हर एक शिक्षक की उपस्थिति और अनुपस्थिति का सटीक हिसाब रखा जा सकेगा। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि हाजिरी से जुड़े सभी विवरणों को पूरी सतर्कता और सही तरीके से पोर्टल पर भरना अनिवार्य होगा, ताकि किसी भी प्रकार की त्रुटि से बचा जा सके।

छुट्टी और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का भी रखना होगा रिकॉर्ड

यह स्मार्ट अटेंडेंस बॉट केवल रोजाना की उपस्थिति दर्ज करने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसके जरिए शिक्षकों के अवकाश और विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों का पूरा विवरण भी ऑनलाइन अपडेट किया जाएगा। यदि कोई शिक्षक आधे दिन के अवकाश पर है, पूरे दिन की छुट्टी पर है, अथवा किसी आधिकारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम या कार्यशाला में हिस्सा ले रहा है, तो उसका पूरा ब्योरा इस बॉट के माध्यम से दर्ज किया जाएगा।

निर्धारित सभी जानकारियों को दर्ज करने के बाद उसे विधिवत सबमिट करना आवश्यक है। फॉर्म सबमिट होने के बाद ही शिक्षक की उपस्थिति या अवकाश का रिकॉर्ड सिस्टम में सुरक्षित रूप से सेव होगा। स्कूल प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी प्रक्रियाएं समय पर और नियमों के अनुसार पूरी की जाएं।

पारदर्शिता और निगरानी में होगी आसानी

शिक्षा विभाग के अनुसार, इस ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली के शुरू होने से स्कूलों में प्रशासनिक कामकाज अधिक व्यवस्थित होगा और शिक्षकों की उपस्थिति में पारदर्शिता आएगी। डिजिटल रिकॉर्ड एक ही केंद्रीय मंच पर उपलब्ध होने से उच्च स्तर पर निगरानी रखना बेहद आसान हो जाएगा। इसके अलावा, छुट्टियों और ट्रेनिंग का ब्योरा अलग से रखने की आवश्यकता नहीं होगी, क्योंकि सारा डेटा एक ही डिजिटल प्रणाली के अंतर्गत दर्ज हो जाएगा।

About the Author

रोशनी गुप्ता

रोशनी गुप्ता

Writer

रोशनी गुप्ता जमीनी पत्रकारिता के मजबूत स्तंभ हैं। वे स्थानीय स्तर की उन खबरों को सामने लाते हैं, जो अक्सर बड़े प्लेटफॉर्म पर नजर अंदाज हो जाती हैं।...

Read More

ज़रूर पढ़ें (You May Also Like)

अगली खबर पढ़ें:

आगे पढ़ें →