परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक की अध्यक्षता में ठाणे जिलाधिकारी कार्यालय में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में जिले के नागरिक बुनियादी ढांचे और लंबित विकास परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए हैं।
ठाणे जिले में जनहित से जुड़ी नागरिक सुविधाओं को मजबूत करने और विभिन्न विकास कार्यों में आ रही अड़चनों को दूर करने के उद्देश्य से यह बैठक आयोजित की गई थी। बैठक के दौरान भाईंदर पश्चिम के उत्तन क्षेत्र में श्मशान घाट के निर्माण कार्य को तत्काल प्रभाव से शुरू करने पर विशेष जोर दिया गया। परिवहन मंत्री ने स्थानीय नागरिकों की आवश्यकता को सर्वोपरि बताते हुए स्पष्ट किया कि आवश्यक बुनियादी सुविधाओं से जुड़े इन कार्यों में किसी भी प्रकार की प्रशासनिक या अनावश्यक देरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मीरा-भाईंदर में महिला छात्रावास और उमेद मॉल का मार्ग प्रशस्त
बैठक में मीरा-भाईंदर महानगरपालिका क्षेत्र के नागरिकों के कल्याण और उत्थान से जुड़ी दो बड़ी परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। महानगरपालिका क्षेत्र में कामकाजी और अन्य महिलाओं के लिए सुरक्षित व सुलभ आवासीय सुविधा उपलब्ध कराने के लिए एक आधुनिक महिला छात्रावास के निर्माण का प्रस्ताव है। इसके लिए प्रशासन को उपयुक्त और सुरक्षित भूखंड तलाशने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके साथ ही, स्थानीय अर्थव्यवस्था और कारीगरों को बढ़ावा देने के लिए प्रस्तावित ‘उमेद मॉल’ के निर्माण के लिए भी जमीन उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किए गए हैं। मंत्री सरनाईक ने संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को भूमि की उपलब्धता की त्वरित जांच करने और इन दोनों महत्वपूर्ण परियोजनाओं से जुड़े प्रस्तावों पर बिना किसी विलंब के आगामी कार्रवाई करने को कहा है।
प्रशासनिक समन्वय और समयबद्धता पर जोर
समीक्षा बैठक में ठाणे और मीरा-भाईंदर महानगरपालिका क्षेत्रों के अंतर्गत चल रहे विभिन्न विकास कार्यों, नागरिक सुविधाओं के विस्तार और लंबे समय से लंबित मामलों की गहन समीक्षा की गई। परिवहन मंत्री ने सभी संबंधित विभागों को आपसी तालमेल और बेहतर समन्वय के साथ काम करने की हिदायत दी। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी प्रशासनिक प्रक्रियाओं को तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए ताकि जनता को समय पर विकास योजनाओं का लाभ मिल सके।
इस उच्चस्तरीय बैठक में ठाणे के जिलाधिकारी, ठाणे महानगरपालिका आयुक्त, मीरा-भाईंदर महानगरपालिका आयुक्त के अलावा विभिन्न संबंधित विभागों के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे, जिन्होंने परियोजनाओं को जमीन पर उतारने की रूपरेखा पर चर्चा की।