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ठाणे में गणेश विसर्जन की तैयारियां तेज, मेयर पिंपोलकर ने दिए सख्त निर्देश

ठाणे में गणेश विसर्जन की तैयारियां तेज, मेयर पिंपोलकर ने दिए सख्त निर्देश

महाराष्ट्र में गणेशोत्सव की धूम के बीच प्रशासनिक तैयारियां भी युद्ध स्तर पर शुरू हो चुकी हैं। मुंबई से सते ठाणे शहर में गणेश उत्सव के दौरान आने वाली भारी भीड़ और भक्तों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए स्थानीय प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। इसी सिलसिले में ठाणे की मेयर शर्मिला पिंपोलकर ने मोर्चा संभालते हुए शहर के विभिन्न विसर्जन घाटों का जमीनी निरीक्षण किया। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को दो टूक शब्दों में निर्देश दिए हैं कि गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन से जुड़े सभी जरूरी निर्माण और व्यवस्थाएं तय समय यानी 13 सितंबर तक हर हाल में पूरी कर ली जाएं।

प्रमुख विसर्जन स्थलों का औचक निरीक्षण

मेयर शर्मिला पिंपोलकर ने मंगलवार को शहर के प्रमुख विसर्जन स्थलों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने मसुंदा झील के दत्ता घाट, रायलादेवी की कृत्रिम (आर्टिफिशियल) झील और गायमुख स्थित विसर्जन घाट का बारीकी से जायजा लिया। इससे पहले शुक्रवार को भी उन्होंने कोपरी, कोलशेत और पारसिक क्षेत्रों के विसर्जन घाटों का दौरा कर वहां चल रहे कार्यों की समीक्षा की थी। इस निरीक्षण के दौरान उनके साथ कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे, जिन्हें मौके पर ही जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए।

निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि बप्पा के विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े। मेयर ने अधिकारियों से साफ शब्दों में कहा कि कृत्रिम तालाबों के निर्माण, विद्युत व्यवस्था और सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरों लगाने जैसे अहम कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए ताकि कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में रहे।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं पर विशेष जोर

गणेशोत्सव के दौरान डेढ़ दिन के बप्पा के विसर्जन से लेकर अनंत चतुर्दशी तक लगातार घाटों पर भक्तों का तांता लगा रहता है। इस भारी भीड़ को नियंत्रित करना और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करना प्रशासन के लिए किसी चुनौती से कम नहीं होता है। इसे ध्यान में रखते हुए मेयर ने कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं:

  • सुरक्षा घेरा और बैरिकेडिंग: सभी प्रमुख झीलों और तालाबों के आसपास मजबूत बैरिकेडिंग करने को कहा गया है ताकि कोई गहरे पानी में न जा सके।
  • मौसम से बचाव: बारिश की संभावना को देखते हुए विसर्जन घाटों पर वाटरप्रूफ शेड (वेदर शेड) बनाए जा रहे हैं।
  • बुनियादी सुविधाएं: भक्तों के लिए मोबाइल टॉयलेट, पीने का शुद्ध पानी, लाउडस्पीकर सिस्टम और सूचनापट (इन्फॉर्मेशन बोर्ड) तत्काल लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
  • साफ-सफाई और निर्मल्य संकलन: घाटों पर साफ-सफाई के विशेष प्रबंध करने के साथ ही पूजा सामग्री के विसर्जन के लिए निर्मल्य कलश की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।

मसुंदा झील और बड़े हाउसिंग सोसाइटियों पर फोकस

ठाणे की ऐतिहासिक मसुंदा झील के दत्त घाट पर हर साल सबसे ज्यादा संख्या में गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाता है। इसे देखते हुए मेयर ने विशेष निर्देश दिए हैं कि जिस हिस्से में मूर्तियों का विसर्जन किया जाना है, वहां का पानी बदला जाए। साथ ही घाट के चारों ओर आकर्षक सजावट कर उस पूरे क्षेत्र को सुंदर बनाने के लिए कहा गया है ताकि त्योहार का माहौल और अधिक भव्य लग सके।

इसके अलावा, ठाणे शहर में अनगिनत बड़े हाउसिंग कॉम्प्लेक्स (सोसाइटियां) हैं, जहां सामूहिक रूप से बड़ी गणेश प्रतिमाएं स्थापित की जाती हैं। सोसाइटियों में होने वाले विसर्जन के भारी दबाव को कम करने के लिए प्रशासन से कहा गया है कि वे चुनिंदा और जरूरी जगहों पर अस्थायी विसर्जन टैंकों की व्यवस्था करें, जिससे स्थानीय स्तर पर ही सुगमता से विसर्जन हो सके।

महिला, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

मेयर पिंपोलकर ने रायला देवी और अन्य कृत्रिम झीलों का दौरा करते हुए साफ निर्देश दिए कि घाटों पर पर्याप्त संख्या में सुरक्षा गार्ड और लाइफ गार्ड तैनात किए जाएं। विसर्जन के दौरान बच्चों, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा को लेकर कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि अतिसंवेदनशील घाटों पर पुलिस बल के साथ-साथ स्वयंसेवकों की भी तैनाती हो।

पर्यावरण अनुकूल विसर्जन के लिए अपील

प्रशासन केवल विसर्जन घाटों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। ठाणे म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन की ओर से विभिन्न क्षेत्रों में 'गणेश मूर्ति स्वीकार केंद्र' (विसर्जन पॉइंट) बनाए गए हैं। नगर निगम ने शहरवासियों से अपील की है कि वे इन केंद्रों का अधिक से अधिक उपयोग करें और इको-फ्रेंडली (पर्यावरण के अनुकूल) तरीके से गणेशोत्सव के समापन में अपना सहयोग दें।

फिलहाल, 13 सितंबर की डेडलाइन सामने होने के कारण ठाणे महानगरपालिका के तमाम विभाग दिन-रात युद्धस्तर पर जुटे हुए हैं ताकि तय समय सीमा के भीतर सभी घाटों को पूरी तरह तैयार किया जा सके।

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रोशनी गुप्ता

रोशनी गुप्ता

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रोशनी गुप्ता जमीनी पत्रकारिता के मजबूत स्तंभ हैं। वे स्थानीय स्तर की उन खबरों को सामने लाते हैं, जो अक्सर बड़े प्लेटफॉर्म पर नजर अंदाज हो जाती हैं।...

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