वाराणसी के शैक्षिक गलियारों में इन दिनों तकनीकी नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति की गूंज साफ सुनाई दे रही है। मौका था माइक्रोटेक कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी के संकट मोचन परिसर में आयोजित दो दिवसीय भव्य SIH 2026 Innovation & Entrepreneurship Festival का, जिसका शनिवार को शानदार समापन हुआ। इस दो दिवसीय महाकुंभ में युवाओं ने अपनी तकनीकी प्रतिभा, रचनात्मक सोच और बिजनेस विजन से सभी को अचंभित कर दिया।
इस आयोजन को दो अलग-अलग और बेहद रोमांचक चरणों में बांटा गया था। पहले दिन यानी 18 सितंबर को InnoHack 3.0-IT Hackathon का सफल आयोजन हुआ, जबकि दूसरे दिन 19 सितंबर को Startup Forge 1.0 के मंच पर युवाओं ने अपने भविष्य के व्यावसायिक सपनों को शब्दों और प्रस्तुतियों के जरिए जीवंत किया। इस पूरे आयोजन का मुख्य उद्देश्य छात्रों को किताबी ज्ञान से आगे निकालकर वास्तविक दुनिया की समस्याओं के व्यावहारिक तकनीकी और व्यावसायिक समाधान खोजने के लिए एक सशक्त मंच प्रदान करना था।
InnoHack 3.0: जब कोडिंग और लॉजिक से बदली तस्वीर
फेस्टिवल के पहले दिन आयोजित आईटी हैकथॉन ने कॉलेज के माहौल को पूरी तरह से टेक-फ्रेंडली बना दिया। यहां विद्यार्थियों ने समाज और उद्योग जगत की वास्तविक समस्याओं पर आधारित डिजिटल समाधान विकसित किए। छात्रों ने अपने बनाए गए सॉफ्टवेयर प्रोजेक्ट्स और कार्यशील प्रोटोटाइप (Prototypes) ज्यूरी के सामने पेश किए।
इस दौरान छात्रों के उत्साह को बढ़ाने के लिए संस्थान के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. विजय पाठक मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। उन्होंने एक-एक स्टॉल पर जाकर युवाओं के प्रोजेक्ट्स को बारीकी से परखा और उनसे संवाद किया। डॉ. पाठक ने छात्रों के तकनीकी प्रयासों और उनके अनूठे दृष्टिकोण की खुलकर सराहना की, जिससे प्रतिभागियों का आत्मविश्वास सातवें आसमान पर पहुंच गया।
Startup Forge 1.0: विचारों को मिला कारोबार का जामा
कार्यक्रम के दूसरे दिन यानी 19 सितंबर को माहौल पूरी तरह से बिजनेस और आंत्रप्रेन्योरशिप के रंग में रंगा नजर आया। 'Startup Forge 1.0' के तहत विद्यार्थियों ने कृषि, तकनीक, और विभिन्न अन्य क्षेत्रों से जुड़े अपने अनूठे स्टार्टअप आइडिया और बिजनेस पिच ज्यूरी के सामने रखे। इस सत्र में प्रबंधन की बारीकियों और बाजार की वास्तविकताओं पर खासा जोर दिया गया।
प्रबंधन अतिथि के तौर पर एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. गिरधर गोपाल और असिस्टेंट प्रोफेसर अनूप कुमार सिंह ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। उन्होंने न केवल छात्रों के आइडियाज का अवलोकन किया, बल्कि उन्हें यह भी समझाया कि कैसे एक साधारण सा विचार आगे चलकर एक सफल यूनिकॉर्न या बड़ी कंपनी का रूप ले सकता है। उन्होंने युवाओं को जोखिम उठाने और नवाचार के रास्ते पर लगातार आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
कौन रहा इस महामुकाबले का सिकंदर? विजेताओं की पूरी सूची
दो दिनों तक चले कड़े मुकाबले और बेहतरीन प्रस्तुतियों के बाद परिणामों की घोषणा की गई, जिसने हर किसी की धड़कनों को बढ़ा दिया था। इस प्रतियोगिता में अलग-अलग टीमों ने अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया:
- विजेता (Winner): 'एग्रो मैट' (Agro Mat) टीम ने बाजी मारी, जिसकी टीम लीडर श्रेया चतुर्वेदी थीं। उनके कृषि आधारित स्टार्टअप आइडिया ने सभी को प्रभावित किया।
- प्रथम उपविजेता (First Runner-up): 'इंडस्ट्रिया' (Industria) टीम के श्रीयांश सेठ ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दूसरा स्थान हासिल किया।
- द्वितीय उपविजेता (Second Runner-up): 'हैक स्मिथ' (Hack Smith) टीम के विष्णु मिश्रा तृतीय स्थान पर रहे।
- बेस्ट स्टार्टअप आइडिया (Best Startup Idea): यह प्रतिष्ठित पुरस्कार 'टेक मैट्रिक्स' (Tech Matrix) की झोली में गया।
- बेस्ट पिच अवार्ड (Best Pitch Award): अपनी बेहतरीन संवाद शैली और प्रस्तुति के दम पर 'वॉयस अनबाउंड' (Voice Unbound) ने यह खिताब अपने नाम किया।
विजेता टीमों को कॉलेज की ओर से आकर्षक ट्रॉफियां, प्रशस्ति पत्र (Certificates) और नकद पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। वहीं, विशेष श्रेणियों में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले अन्य प्रतिभागियों को भी ट्रॉफी और प्रमाणपत्र देकर प्रोत्साहित किया गया।
पर्दे के पीछे की मेहनत: टीम वर्क की मिसाल
किसी भी बड़े आयोजन की सफलता के पीछे एक मजबूत टीम और कुशल नेतृत्व का हाथ होता है। माइक्रोटेक कॉलेज का यह फेस्टिवल भी इसका एक बेहतरीन उदाहरण पेश करता है। इस पूरे कार्यक्रम को एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. पंकज राजहंस और डॉ. भावना सिंह का निरंतर मार्गदर्शन और अमूल्य सहयोग प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम के सफल संचालन और समन्वय की जिम्मेदारी मैनेजर विपुल तिवारी और कोऑर्डिनेटर अभिजीत सिंह ने बखूबी निभाई। इसके अलावा, कॉलेज के तमाम फैकल्टी मेंबर्स और आयोजन टीम ने विद्यार्थियों को मेंटॉरशिप प्रदान करने और लॉजिस्टिक्स को संभालने में दिन-रात एक कर दिया। छात्र स्वयंसेवकों (Student Volunteers) ने पंजीकरण से लेकर टीम समन्वय, तकनीकी गतिविधियों और मेहमानों के सत्कार तक में अपनी अहम भूमिका निभाई, जिससे पूरा कार्यक्रम बिना किसी बाधा के संपन्न हुआ।
भविष्य की नींव रख रहा है वाराणसी का यह संस्थान
कार्यक्रम के समापन पर कॉलेज प्रबंधन ने राहत की सांस लेते हुए सभी अतिथियों, न्यायकर्ताओं (Mentors), फैकल्टी सदस्यों और ऊर्जावान विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस तरह के आयोजन यह साबित करते हैं कि अब देश के टियर-2 और टियर-3 शहरों के युवा भी ग्लोबल लेवल पर सोचने और स्टार्टअप क्रांति का हिस्सा बनने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। माइक्रोटेक कॉलेज का यह मंच आने वाले समय में देश को कई बेहतरीन आंत्रप्रेन्योर और टेक-गुरु देने की पूरी क्षमता रखता है।