वाराणसी में विकास कार्यों की गति को तेज करने और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रशासनिक तंत्र अब पूरी तरह से सक्रिय हो गया है। शनिवार को सर्किट हाउस सभागार में जिला स्तरीय विकास कार्य अनुश्रवण समिति 'दृष्टि' की एक उच्चस्तरीय पहली बैठक आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता प्रदेश के श्रम एवं सेवायोजन समन्वय मंत्री अनिल राजभर ने की, जिसमें विभिन्न विभागों के कामकाज की गहन समीक्षा की गई और कई सख्त निर्देश जारी किए गए।
पर्यटन परियोजनाओं के लिए तय की गई नवंबर की समयसीमा
काशी आने वाले देश-विदेश के पर्यटकों और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए पर्यटन विकास से जुड़ी परियोजनाओं पर विशेष जोर दिया जा रहा है। बैठक के दौरान पर्यटन विभाग की निर्माणाधीन परियोजनाओं की धीमी रफ्तार पर मंत्री ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने संयुक्त निदेशक पर्यटन को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी चल रहे निर्माण कार्य आगामी नवंबर महीने तक हर हाल में पूरे कर लिए जाएं। धीमी प्रगति वाली योजनाओं पर विशेष निगरानी रखने को कहा गया है ताकि तय समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरे हो सकें।
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और संचारी रोगों पर कड़ा पहरा
जनस्वास्थ्य के मुद्दों पर गंभीरता दिखाते हुए मंत्री अनिल राजभर ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में चेताया कि सेवाओं में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जननी सुरक्षा योजना के तहत संस्थागत प्रसव (Institutional Deliveries) की संख्या बढ़ाने और पात्र लाभार्थियों को बिना किसी अड़चन के इसका लाभ सुनिश्चित करने को कहा।
वर्तमान मौसम और संचारी रोगों के खतरे को देखते हुए संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान को युद्ध स्तर पर चलाने के निर्देश दिए गए हैं। डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों की रोकथाम के लिए:
- शहर और ग्रामीण इलाकों में प्राथमिकता से फॉगिंग कराई जाए।
- जलभराव वाले स्थानों पर एंटी लार्वा और चूने का छिड़काव किया जाए।
- नियमित रूप से जन आरोग्य मेलों का आयोजन हो, जहां लोगों की स्वास्थ्य जांच कर मुफ्त दवाइयां और चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराई जाएं।
सड़क निर्माण और गड्ढामुक्त अभियान में तेजी
सड़कें किसी भी क्षेत्र की विकास की धुरी होती हैं। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के निर्माण एवं प्रांतीय खंड की समीक्षा के दौरान मंत्री ने सड़कों के निर्माण, चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण के कार्यों को विशेष अभियान चलाकर पूरा करने का आदेश दिया। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी को निर्देश दिए गए कि वे सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने से जुड़े प्रस्तावों को तत्काल स्वीकृति प्रदान करें।
इसके साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे जल जीवन मिशन के कार्यों को लेकर भी सख्त हिदायत दी गई। पाइपलाइन बिछाने के बाद खोदी गई सड़कों की तत्काल और गुणवत्तापूर्ण बहाली (Road Restoration) सुनिश्चित करने के लिए अधिशासी अभियंता को प्राथमिकता के आधार पर काम करने को कहा गया है, ताकि आम जनता को धूल और कीचड़ की समस्याओं से न जूझना पड़े.
कृषि, पशुपालन और ग्रामीण विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत
बैठक केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसमें ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले कृषि, पशुपालन और पंचायती राज विभागों की भी बारीकी से समीक्षा की गई। शासन से मिले लक्ष्यों के सापेक्ष भौतिक और वित्तीय प्रगति का विस्तृत ब्योरा अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत किया गया।
समीक्षा के मुख्य बिंदु इस प्रकार रहे:
- गोवंश संरक्षण और पशुधन: निराश्रित गोवंश के संरक्षण, पशुओं के शत-प्रतिशत टीकाकरण, बैकयार्ड पोल्ट्री और भेड़ पालन योजनाओं की प्रगति।
- कृषि और सिंचाई: दलहन बीज मिनीकिट का समय पर वितरण, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ, नहरों की सिल्ट सफाई और टेल (छोर) तक सिंचाई का पानी पहुंचाना।
- ग्रामीण आजीविका और बुनियादी ढांचा: पंचायत भवन, डिजिटल लाइब्रेरी, स्वच्छ भारत मिशन और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत चल रहे कार्यों की अद्यतन स्थिति।
- मत्स्य पालन: मत्स्य विभाग को मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना, निषादराज बोट सब्सिडी योजना और मत्स्य कल्याण कोष का व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा गया ताकि अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हो सकें।
पेंशन और जनसमस्याओं के निस्तारण में देरी पर चेतावनी
- बैठक के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की जमीनी समस्याएं प्रमुखता से रखीं। मंत्री अनिल राजभर ने सभी संबंधित विभागों को इन समस्याओं के त्वरित और प्रभावी निस्तारण के निर्देश दिए। विशेष तौर पर, राष्ट्रीय सामाजिक सहायता योजना के अंतर्गत वृद्धावस्था पेंशन, दिव्यांग पेंशन और विधवा पेंशन मिलने में हो रही देरी पर गहरी चिंता जताई गई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पेंशन वितरण प्रक्रिया में आ रही तकनीकी या प्रशासनिक बाधाओं को तुरंत दूर किया जाए ताकि बुजुर्गों और जरूरतमंदों को परेशानी न उठानी पड़े।
- बैठक के अंत में यह भी स्पष्ट किया गया कि भविष्य में होने वाली बैठकों में सभी विभागों के जिम्मेदार अधिकारियों का स्वयं उपस्थित होना अनिवार्य है, ताकि किसी भी नीतिगत फैसले में देरी न हो।
- इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या, विधायक टी. राम, विधायक प्रतिनिधि अदिति सिंह, मुख्य विकास अधिकारी (CDO) प्रखर कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के तमाम वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन के इन सख्त तेवरों से यह साफ है कि आने वाले हफ्तों में वाराणसी में विकास कार्यों की रफ्तार और गुणवत्ता दोनों में बड़ा सुधार देखने को मिल सकता है।