Parivartini Ekadashi 2026: व्रत नहीं रख पा रहे? इन आसान उपायों से पाएं श्रीहरि की कृपा
Breaking
► RRB ALP 2026: 11 हजार से ज्यादा पदों पर परीक्षा का शेड्यूल जारी, जानें पैटर्न और जरूरी नियम ► बीजेपी के 10 पार्षद, फिर भी प्रत्याशी को मिले 'शून्य' वोट; राजस्थान में सियासी उलटफेर ► मिडिल-ईस्ट में महासंग्राम की आहट! ईरान के IRGC की अमेरिका-इजरायल को सीधी चुनौती ► जब नेशनल अवॉर्ड मिलते ही मिथुन चक्रवर्ती को हो गया था घमंड, खुद को समझने लगे थे हॉलीवुड स्टार! ► संयुक्त राष्ट्र में एस जयशंकर का बड़ा कूटनीतिक दांव, दुनिया भर के दिग्गजों से हुई मुलाकात ► Parivartini Ekadashi 2026: व्रत नहीं रख पा रहे? इन आसान उपायों से पाएं श्रीहरि की कृपा ► धुले के दूरदराज आदिवासी गांवों तक पहुंचेगा सेवा चित्ररथ, सरकार का मेगा प्लान शुरू ► 22 सितंबर का इतिहास: जब लंदन के 21 व्यापारियों ने लिखी भारत की बर्बादी की इबारत ► Asian Games 2026: वुशू में भारत की धमाकेदार शुरुआत, आर्यन और रोशिबिना मेडल के करीब ► पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर विधानसभा: जनसंपर्क में छाए मुकेश कुमार शर्मा ► RRB ALP 2026: 11 हजार से ज्यादा पदों पर परीक्षा का शेड्यूल जारी, जानें पैटर्न और जरूरी नियम ► बीजेपी के 10 पार्षद, फिर भी प्रत्याशी को मिले 'शून्य' वोट; राजस्थान में सियासी उलटफेर ► मिडिल-ईस्ट में महासंग्राम की आहट! ईरान के IRGC की अमेरिका-इजरायल को सीधी चुनौती ► जब नेशनल अवॉर्ड मिलते ही मिथुन चक्रवर्ती को हो गया था घमंड, खुद को समझने लगे थे हॉलीवुड स्टार! ► संयुक्त राष्ट्र में एस जयशंकर का बड़ा कूटनीतिक दांव, दुनिया भर के दिग्गजों से हुई मुलाकात ► Parivartini Ekadashi 2026: व्रत नहीं रख पा रहे? इन आसान उपायों से पाएं श्रीहरि की कृपा ► धुले के दूरदराज आदिवासी गांवों तक पहुंचेगा सेवा चित्ररथ, सरकार का मेगा प्लान शुरू ► 22 सितंबर का इतिहास: जब लंदन के 21 व्यापारियों ने लिखी भारत की बर्बादी की इबारत ► Asian Games 2026: वुशू में भारत की धमाकेदार शुरुआत, आर्यन और रोशिबिना मेडल के करीब ► पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर विधानसभा: जनसंपर्क में छाए मुकेश कुमार शर्मा

Parivartini Ekadashi 2026: व्रत नहीं रख पा रहे? इन आसान उपायों से पाएं श्रीहरि की कृपा

Parivartini Ekadashi 2026: व्रत नहीं रख पा रहे? इन आसान उपायों से पाएं श्रीहरि की कृपा

सनातन संस्कृति में एकादशी व्रत का बहुत बड़ा महत्व है। आज यानी 22 सितंबर 2026 को परिवर्तिनी एकादशी का व्रत रखा जा रहा है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, इस पवित्र दिन भगवान विष्णु अपनी योगनिद्रा के दौरान करवट बदलते हैं, इसलिए इसे परिवर्तिनी या पद्मा एकादशी भी कहा जाता है। इस दिन जो लोग व्रत रखते हैं, उन्हें बैकुंठ धाम की प्राप्ति होती है और उनके समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं।

लेकिन क्या हो अगर स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं, व्यस्तता या अन्य किसी कारणवश आप आज एकादशी का व्रत नहीं रख पा रहे हैं? क्या ऐसे में आपको श्रीहरि की कृपा नहीं मिलेगी? इस सवाल का जवाब बेहद सकारात्मक है। धर्म शास्त्रों और पुराणों में स्पष्ट रूप से बताया गया है कि यदि कोई भक्त शारीरिक अक्षमता या अन्य बाधाओं के कारण व्रत नहीं रख सकता, तो वह विधि-विधान से पूजा और कुछ खास उपायों को अपनाकर व्रत जितना ही पुण्य फल प्राप्त कर सकता है।

परिवर्तिनी एकादशी 2026: व्रत न कर पाने पर ऐसे करें श्रीहरि की आराधना

यदि आप उपवास करने में असमर्थ हैं, तो निराश होने की बिल्कुल आवश्यकता नहीं है। आप कुछ खास नियमों का पालन करके भगवान विष्णु की कृपा के पात्र बन सकते हैं:

1. सुबह स्नान और सूर्योदय से पहले की तैयारी

भले ही आप व्रत न रख रहे हों, लेकिन इस पावन तिथि की पवित्रता को बनाए रखना बेहद जरूरी है। आज सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत्त हो जाएं। इसके बाद साफ-सुथरे वस्त्र (विशेषकर पीले रंग के कपड़े पहनना अत्यंत शुभ माना जाता है) धारण करें। अपने घर के मंदिर को अच्छी तरह साफ करें और श्रीहरि की प्रतिमा या तस्वीर के सामने शुद्ध घी का दीया प्रज्वलित करें।

2. भगवान विष्णु को प्रिय चीजें करें अर्पित

भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए उनकी प्रिय वस्तुएं उन्हें समर्पित करना सबसे आसान और अचूक तरीका है। पूजा के दौरान श्रीहरि को पीले फूल, पीला चंदन, पीले वस्त्र और तुलसी दल अवश्य अर्पित करें।

विशेष नोट: शास्त्रों के अनुसार एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते तोड़ना वर्जित माना गया है। इसलिए तुलसी के पत्तों को हमेशा एक दिन पहले यानी दशमी तिथि को ही तोड़कर सुरक्षित रख लेना चाहिए। आज उन्हींित तुलसी दलों का उपयोग भगवान को भोग लगाने में करें।

3. तुलसी के पौधे के सामने जलाएं घी का दीपक

हिन्दू धर्म में तुलसी के पौधे को मां लक्ष्मी का स्वरूप और अत्यंत पवित्र माना गया है। परिवर्तिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु के साथ-साथ तुलसी के पौधे के सामने भी शुद्ध घी का दीया जरूर जलाएं। मान्यता है कि तुलसी के पास दीया जलाने से घर मेंार सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और मां लक्ष्मी के साथ-साथ भगवान विष्णु का भी आशीर्वाद प्राप्त होता है।

4. पीली वस्तुओं का दान (दान का महत्व)

दान को हमारे शास्त्रों में सबसे बड़ा पुण्यकर्म बताया गया है। यदि आप व्रत नहीं रख पा रहे हैं, तो अपनी क्षमता के अनुसार पीली वस्तुओं का दान अवश्य करें। आप पीले वस्त्र, पीला चंदन, पीले फल (जैसे केला या आम), बेसन के लड्डू या हल्दी का दान किसी जरूरतमंद या मंदिर में कर सकते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, एकादशी के दिन पीली चीजों का दान करने से कुंडली में गुरु (बृहस्पति) ग्रह मजबूत होता है, जिससे जीवन में आ रही आर्थिक तंगी और धन से जुड़ी समस्याएं दूर होने लगती हैं।

मानसिक स्मरण और सात्विक आचरण का महत्व

व्रत केवल भूखे रहने का नाम नहीं है, बल्कि यह मन, वचन और कर्म की पवित्रता का पर्व है। यदि आप शारीरिक रूप से उपवास नहीं भी कर पा रहे हैं, तो पूरे दिन अपने मन में भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप (जैसे 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय') करते रहें। किसी के प्रति मन में द्वेष न रखें, झूठ बोलने से बचें और पूरी तरह से सात्विक आहार का पालन करें।

भक्ति भाव और सच्ची श्रद्धा से किया गया छोटा सा प्रयास भी भगवान विष्णु तक आसानी से पहुंच जाता है। इसलिए, यदि इस परिवर्तिनी एकादशी पर आपका व्रत छूट भी गया है, तो इन आसान उपायों को अपनाकर आप श्रीहरि की असीम अनुकंपा प्राप्त कर सकते हैं।

About the Author

रोशनी गुप्ता

रोशनी गुप्ता

Writer (स्थानीय खबरें)

रोशनी गुप्ता जमीनी पत्रकारिता के मजबूत स्तंभ हैं। वे स्थानीय स्तर की उन खबरों को सामने लाते हैं, जो अक्सर बड़े प्लेटफॉर्म पर नजर अंदाज हो जाती हैं।...

Read More

ज़रूर पढ़ें (You May Also Like)

अगली खबर पढ़ें:

आगे पढ़ें →