नई टिहरी के शैक्षणिक और सांस्कृतिक गलियारों में इन दिनों उत्साह और ऊर्जा का माहौल है। मौका था जिलेभर के शिशु मंदिरों की दो दिवसीय जिला स्तरीय खेलकूद एवं बौद्धिक प्रतियोगिता का, जहाँ छात्र-छात्राओं ने अपनी प्रतिभा का ऐसा प्रदर्शन किया कि देखने वाले दंग रह गए। विभिन्न स्कूलों के बीच कड़ी टक्कर के बाद अंततः शिशु मंदिर बौराड़ी ने बौद्धिक और सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में सर्वाेत्तम प्रदर्शन करते हुए विजेता का प्रतिष्ठित खिताब अपने नाम कर लियाकड़ी प्रतिस्पर्धा और विभिन्न श्रेणियों में जलवा
- रविवार को बौराड़ी में आयोजित इस दो दिवसीय महाकुंभ का शुभारंभ नगर पालिका अध्यक्ष मोहन सिंह रावत ने दीप प्रज्वलित कर किया। प्रतियोगिता के दौरान बच्चों ने खेल के मैदान से लेकर बौद्धिक मंच तक अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। परिणामों की बात करें तो:बौद्धिक और सांस्कृतिक प्रतियोगिता: शिशु मंदिर बौराड़ी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।विज्ञान व अंताक्षरी प्रतियोगिता: नागणी के छात्रों ने बाजी मारी और पहला स्थान हासिल किया।
- मूर्ति कला: जडधार गांव के छात्र ने अपनी उंगलियों के जादू से पहला स्थान प्राप्त किया।
- खो-खो और कबड्डी: खो-खो प्रतियोगिता में चंबा ने और कबड्डी में भवान ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान हासिल किया।
खेलों के साथ शारीरिक और मानसिक विकास पर जोर
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि पालिकाध्यक्ष मोहन सिंह रावत ने विद्यार्थियों को जीवन में खेलों के महत्व को गहराई से समझाया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि छात्र जीवन में अनुशासन, कड़ी मेहनत और सकारात्मक सोच ही सफलता की असली कुंजी हैं। इन गुणों के बिना किसी भी क्षेत्र में शिखर तक पहुँचना असंभव है।
कार्यक्रम में उपस्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सह प्रांत सेवा प्रमुख राकेश बड़ोनी और नगर संघचालक सतीश थपलियाल ने विद्या भारती की शिक्षा पद्धति की सराहना की। उन्होंने कहा कि विद्या भारती केवल किताबी ज्ञान नहीं देती, बल्कि यह छात्रों के भीतर संस्कार और राष्ट्रप्रेम की भावना जागृत कर व्यक्ति निर्माण का कार्य करती है।खेलकूद से लेकर पत्र वाचन तक दिखी विविधता
इस दो दिवसीय आयोजन में केवल पारंपरिक खेल ही नहीं, बल्कि बौद्धिक विकास से जुड़ी अनगिनत प्रतियोगिताएं भी शामिल थीं। छात्र-छात्राओं ने निम्नलिखित विधाओं में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया:
- 100 मीटर, 200 मीटर और 400 मीटर की दौड़
- लंबी कूद, ऊँची कूद और गोला फेंक
- कुश्ती, खो-खो और कबड्डी के रोमांचक मुकाबले
- गणित और विज्ञान प्रश्नमंच (Quiz)
- सामूहिक गीत, भाषण, चित्रकला और मूर्ति कला
- पीपीटी (PPT) के माध्यम से डिजिटल पत्र वाचन
विद्या भारती के जिला निरीक्षक राकेश बहुगुणा ने इस दौरान संस्था के अब तक के सफर, शिक्षण व्यवस्था और छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास पर विस्तार से अपने विचार रखे। उन्होंने बताया कि किस प्रकार ग्रामीण और दूर-दराज के क्षेत्रों से आए बच्चों को एक ऐसा मंच दिया जा रहा है, जो उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करता है।
विजेताओं को मिला सम्मान, गूंजे उत्साह के नारे
प्रतियोगिता के समापन और पुरस्कार वितरण समारोह में विजेता तथा उप-विजेता छात्र-छात्राओं को मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। आयोजक विद्यालय के प्रधानाचार्य शीशराम कोठियाल ने सफल आयोजन की रूपरेखा रखी और सभी का आभार व्यक्त किया।
विद्यालय के व्यवस्थापक अनुसूया नौटियाल ने अपने हाथों से विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कृत किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में प्रधानाचार्य अनिल नैथानी, पूरण सिंह, कमलेश्वर, राजेश पंचपुरी, धनवीर, पिचपन सिंह, शांति स्वरूप, महावीर सिंह, मकान लाल, शीशपाल, दीपक, आनंद सिंह, जसवीर और हरिकृष्ण समेत कई शिक्षकों व कार्यकर्ताओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
यह आयोजन एक बार फिर यह साबित कर गया कि यदि सही मार्गदर्शन और उचित मंच मिले, तो पर्वतीय क्षेत्रों के बच्चे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का परचम लहरा सकते हैं।