उदयपुर रिश्वत कांड में बड़ा एक्शन: एसीपी और दलाल भेजे गए न्यायिक हिरासत में
राजस्थान के उदयपुर जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई में एक नया और सनसनीखेज मोड़ सामने आया है। दो करोड़ रुपये जैसी भारी-भरकम रकम की रिश्वत मांगने और लेने के मामले में गिरफ्तार किए गए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) और उनके दलाल को आखिरकार जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया गया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले ने पूरे प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है और आम जनता के बीच भी यह चर्चा का मुख्य विषय बन गया है।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की टीम इस पूरे प्रकरण की बेहद बारीकी से जांच कर रही है। अदालत में पेश किए जाने के बाद दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है, जबकि इस पूरे खेल के तीसरे अहम किरदार यानी फरार चल रहे रीडर की तलाश में पुलिस और एसीबी की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।
क्या है पूरा मामला? जानिए कैसे हुआ दो करोड़ के खेल का पर्दाफाश
यह पूरा मामला एक सनसनीखेज शिकायत से शुरू हुआ था। पीड़ित पक्ष ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से संपर्क कर यह शिकायत दर्ज कराई थी कि एक बड़े मामले को रफा-दफा करने और राहत देने की एवज में भारी रिश्वत की मांग की जा रही है। सौदा दो करोड़ रुपये की अकूत राशि पर तय हुआ था। इतनी बड़ी रकम सुनकर किसी के भी होश उड़ सकते हैं, और जब इस खेल में खाकी वर्दी पहनने वाले ही शामिल हों, तो यह न्याय व्यवस्था के लिए एक गंभीर चुनौती बन जाता है।
एसीबी ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया और ट्रैप की कार्रवाई को अंजाम दिया। इस दौरान दलाल के माध्यम से पैसों के लेन-देन की पुष्टि हुई, जिसके बाद केंद्रीय और स्थानीय स्तर पर हड़कंप मच गया। प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई कि इस पूरी साजिश के पीछे सिर्फ दलाल या रीडर नहीं, बल्कि पद की गरिमा को तार-तार करने वाले जिम्मेदार अधिकारी भी सीधे तौर पर संलिप्त थे।
फरार रीडर की तलाश तेज, कई ठिकानों पर दबिश
इस रिश्वत कांड में जैसे-जैसे परतें खुल रही हैं, नए खुलासे होते जा रहे हैं। मुख्य आरोपियों के जेल जाने के बाद अब एसीबी की नजरें फरार चल रहे पुलिस रीडर पर टिकी हैं। जांच अधिकारियों का मानना है कि रीडर के पास इस पूरे घूसकांड से जुड़े कई अहम दस्तावेज, डिजिटल सबूत और पैसों के बंटवारे का कच्चा चिट्ठा हो सकता है।
रीडर की गिरफ्तारी के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि इस दो करोड़ के खेल में और कौन-कौन से बड़े चेहरे शामिल थे। एसीबी की अलग-अलग टीमें उदयपुर और उसके आसपास के जिलों में लगातार संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही फरार रीडर को भी दबोच लिया जाएगा।
प्रशासनिक हलकों में मचा हड़कंप, जनता में आक्रोश
इस घटना के सामने आने के बाद से ही उदयपुर के प्रशासनिक और पुलिस महकमे में भारी तनाव का माहौल है। जिस पद की जिम्मेदारी कानून व्यवस्था को बनाए रखने और भ्रष्टाचार पर लगाम कसने की थी, जब वही अधिकारी इस तरह के मामलों में लिप्त पाए जाएं, तो यह व्यवस्था पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है।
स्थानीय नागरिकों और विभिन्न संगठनों ने इस मामले में कड़ी से कड़ी सजा की मांग की है। लोगों का कहना है कि ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों के कारण ईमानदार पुलिसकर्मियों की छवि भी धूमिल होती है। अदालत में मामला पहुंचने के बाद अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि इस हाई-प्रोफाइल भ्रष्टाचार के मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया किस दिशा में आगे बढ़ती है और क्या अन्य संलिप्त, छिपे हुए चेहरों पर भी कानून का शिकंजा कसेगा।