आगरा खंड स्नातक एवं शिक्षक विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) चुनाव के दौरान मतदान के बीच राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। समाजवादी पार्टी के शिक्षक प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल ने भारतीय जनता पार्टी और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए हैं। मीडिया से बातचीत के दौरान डॉ. अग्रवाल भावुक हो गए और फूट-फूटकर रोने लगे। उन्होंने दावा किया कि जिले के कई मतदान केंद्रों पर खुलेआम बूथ कैप्चरिंग की गई, लेकिन बार-बार शिकायत करने के बावजूद उनकी बात नहीं सुनी गई।
खेरागढ़, फतेहाबाद और छत्ता समेत कई अन्य क्षेत्रों में मतदान प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर गड़बड़ी किए जाने का आरोप लगाया गया है। सपा प्रत्याशी का कहना है कि कुछ बूथों पर मनमानी के जरिए मतदान को प्रभावित किया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि खाने-पीने के बहाने कमरे बंद कर दिए गए और इस दौरान निर्वाचन नियमों की अनदेखी हुई। डॉ. अग्रवाल के मुताबिक, उन्होंने धांधली की कई शिकायतें दर्ज कराईं, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर उन्हें कोई अपेक्षित राहत या सुनवाई नहीं मिली।
वायरल वीडियो और प्रशासनिक प्रतिक्रिया
मतदान के दौरान फतेहाबाद ब्लॉक से कथित तौर पर बूथ कैप्चरिंग से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है। इस वायरल वीडियो की सत्यता और समयावधि की अभी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है। इस बीच, आगरा के मंडलायुक्त और रिटर्निंग ऑफिसर नागेंद्र प्रताप ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि सपा प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल की ओर से शिकायत प्राप्त हुई है और प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है। वायरल वीडियो के संबंध में उन्होंने स्पष्ट किया कि मामला उनके संज्ञान में आ चुका है तथा जांच के बाद तथ्यों के आधार पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
'अग्रवाल होने का दंश झेलना पड़ रहा है'
मीडिया के सामने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए डॉ. आकाश अग्रवाल ने कहा कि यदि उन्हें पहले से इन परिस्थितियों का अंदेशा होता, तो वे इस चुनाव में अपनी उम्मीदवारी नहीं उतारते। उन्होंने प्रशासनिक मशीनरी पर निष्पक्ष न रहने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें अपनी जातिगत पहचान के कारण भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। भावुकता में उन्होंने यहां तक कह डाला कि उन्हें अग्रवाल होने का दंश झेलना पड़ रहा है और इस पूरी प्रक्रिया से उनका व्यवस्था पर से भरोसा उठ गया है। इसके अलावा उन्होंने विवादित टिप्पणी करते हुए कहा कि वे शाही जामा मस्जिद जाकर इस्लाम कबूल कर लेंगे तथा प्रशासनिक अधिकारियों से कहा कि यदि उनके आरोपों पर कार्रवाई करनी है, तो उनके पूरे परिवार को जेल में डाल दिया जाए।
मतदाताओं और सीटों का गणित
आगरा खंड स्नातक एवं शिक्षक एमएलसी चुनाव के तहत कुल 12 जिलों के मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग कर रहे हैं। निर्वाचन आंकड़ों के अनुसार, इस चुनाव में कुल 2,41,527 मतदाता पंजीकृत हैं, जिनमें स्नातक सीट के लिए 1,90,725 और शिक्षक सीट के लिए 50,802 मतदाता शामिल हैं। दोनों ही सीटों के लिए मतदान बैलेट पेपर के माध्यम से संपन्न कराया जा रहा है। मतदान से पहले जिला प्रशासन की ओर से शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव कराने के दावे किए गए थे, लेकिन सपा प्रत्याशी द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों और उनके विरोध प्रदर्शन ने चुनावी माहौल को गर्मा दिया है।