शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर बाराबंकी जिले के रामनगर और मसौली क्षेत्रों में साहित्य और संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिला। अमोली कला और मसौली बाजार स्थित दुर्गा मंदिर परिसरों में आयोजित भव्य कवि सम्मेलनों में कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से श्रोताओं को कभी भक्ति भाव से ओतप्रोत कर दिया, तो कभी वीर रस और हास्य-व्यंग्य से सराबोर कर दिया। देर रात तक चले इन सांस्कृतिक कार्यक्रमों में तालियों की गड़गड़ाहट गूंजती रही।
रामनगर तहसील क्षेत्र के अमोली कला गांव में मां नव दुर्गा पूजा महोत्सव के तहत कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं भाजपा नेता गौरीकांत दीक्षित ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर और माल्यार्पण करके किया। इसके पश्चात कृपा संगम ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत कर पूरे परिवेश को भक्तिमय बना दिया।
अमोली कला में काव्य प्रवाह
अमोली कला के आयोजन में विभिन्न कवियों ने अपनी प्रस्तुतियां दीं। कवि मोहित शौर्य, अभय सिंह निर्भीक, प्रियांशु गजेंद्र, सुनहरे लाल, प्रख्यात मिश्रा और सोहन आजाद ने अपनी चुनिंदा रचनाओं से उपस्थित जनसमूह को बांधे रखा। इस पूरे कार्यक्रम की अध्यक्षता रमाकांत शुक्ला ने की, जबकि मंच संचालन का दायित्व विकास बौखल ने प्रभावी रूप से निभाया।
मसौली बाजार में सजी दुर्गा अष्टमी की महफिल
दूसरी ओर, मसौली बाजार स्थित दुर्गा मंदिर परिसर में दुर्गा अष्टमी के पावन पर्व पर कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ। इस संध्या की शुरुआत कवि समीर शुक्ला द्वारा मां भगवती की वंदना के साथ हुई। इसके तुरंत बाद हास्य कवि मधुप श्रीवास्तव ने अपनी तीखी और मनोरंजक व्यंग्यात्मक रचनाओं से श्रोताओं को लोटपोट कर दिया।
कवयित्री पल्लवी गुप्ता ने अपने सुरीले गीतों से उपस्थित लोगों को भावविभोर कर दिया। वहीं, वीर रस के प्रख्यात कवि दुष्यंत सिंह सिंहनादी ने अपनी ओजस्वी और देशभक्ति से परिपूर्ण रचनाओं के माध्यम से श्रोताओं के भीतर जबरदस्त जोश और उत्साह भर दिया। इस काव्य संध्या की अध्यक्षता रामेश्वर प्रसाद द्विवेदी ने की, जबकि संचालन नीरज पांडे ने किया।