गोरखपुर में गोड़धोइया नाला के दोनों किनारों पर आवागमन को सुगम बनाने के लिए 3.75-3.75 मीटर चौड़ी पक्की सड़कों का निर्माण किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर लगभग 68 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा बनाई जाने वाली इन सड़कों का शिलान्यास अगले महीने होने की संभावना है, जिसके तुरंत बाद धरातल पर काम शुरू हो जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विशेष निर्देशों पर महानगर के इस सबसे बड़े गोड़धोइया नाला के जीर्णोद्धार का कार्य 1 अप्रैल 2023 से चल रहा है। इस पूरी जल निकासी और जीर्णोद्धार परियोजना पर अब तक 495 करोड़ 24 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं। बाबा राघवदास (बीआरडी) मेडिकल कॉलेज के पीछे से शुरू होकर यह नाला हरसेवकपुर नंबर एक व दो और जेल बाईपास से गुजरते हुए रामगढ़ताल के किनारे तक बनाया गया है। परियोजना के तहत यहीं 38 मिलियन लीटर प्रतिदिन (एमएलडी) क्षमता का एक आधुनिक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) भी स्थापित किया गया है.
सड़क और सीवर लाइन की तकनीकी रूपरेखा
अधिकारियों के अनुसार, गोड़धोइया नाला की कुल लंबाई 9.7 किलोमीटर है। नाला निर्माण के लिए जमीन का अधिग्रहण करते समय जल निगम ने दोनों तरफ 4.25-4.25 मीटर जगह छोड़ी थी। अब इसी छोड़ी गई जगह पर नाला की दीवार से सटकर 3.75 मीटर चौड़ाई में सड़क का निर्माण होगा। इन सड़कों के ठीक नीचे जल निगम की सीवर लाइन बिछाई जाएगी, जिससे आसपास के रिहायशी इलाकों का गंदा पानी सीधे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचेगा।
यात्रियों की सुरक्षा और प्रकाश की विशेष व्यवस्था
नाले के दोनों किनारों पर बनने वाली इन नई सड़कों पर हल्के और भारी दोनों तरह के वाहन आसानी से आ-जा सकेंगे। सफर को सुरक्षित बनाने के लिए पीडब्ल्यूडी ने विशेष इंतजाम तय किए हैं। सड़क से गुजरने वाले वाहन अनियंत्रित होकर नाले की दीवार से न टकराएं, इसके लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। इसके साथ ही दोनों सड़कों पर स्ट्रीट लाइट यानी पथ प्रकाश की व्यवस्था भी होगी ताकि स्थानीय नागरिक सुबह और शाम के समय सुरक्षित माहौल में टहल सकें।
अतिक्रमण पर चलेगा बुलडोजर, साफ रूट पर पहले शुरू होगा काम
नाला और सड़क निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी संबंधित भूस्वामियों को मुआवजा दिया जा चुका है। हालांकि, मुआवजा मिलने के बावजूद कुछ लोगों ने अधिग्रहीत हिस्सा खाली नहीं किया है या फिर खाली पड़ी जमीन पर दोबारा निर्माण कर लिया है। प्रशासन ने ऐसे अवैध निर्माणों को गिराने की चेतावनी दी है। इसके बावजूद लोक निर्माण विभाग के अभियंता निर्माण कार्य में देरी से बचने के लिए रणनीति के तहत काम करेंगे। सबसे पहले उन इलाकों में सड़क बनाई जाएगी जहां पूरा रूट अतिक्रमण मुक्त और साफ मिलेगा। जिन हिस्सों में अतिक्रमण या विवाद है, वहां सड़क का निर्माण सबसे आखिर में कराया जाएगा।
जल निगम शुरू करेगा दूसरे चरण का काम
इस पूरी परियोजना के तहत जल निगम अगले महीने से दूसरे चरण का काम भी शुरू करने जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य शहर के घरों से निकलने वाले गंदे पानी को गोड़धोइया नाला के दोनों तरफ बिछाई जा रही सीवर लाइन से जोड़ना है। सीवर के जरिए यह गंदा पानी एसटीपी में पहुंचेगा, जहां इसे पूरी तरह शुद्ध किया जाएगा। इसके बाद शोधित पानी को रामगढ़ताल में गिराया जाएगा, जिससे ताल की स्वच्छता भी बनी रहे। शिलान्यास के बाद चार से पांच महीने के भीतर सड़क निर्माण का काम पूरा होने की उम्मीद जताई जा रही है।