हल्द्वानी के तीनपानी फ्लाईओवर पर शुक्रवार दोपहर एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराई। इस दर्दनाक हादसे में इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा (जेईई) की तैयारी कर रहे दो नाबालिग छात्रों की मौत हो गई, जबकि एक छात्रा समेत दो अन्य किशोर गंभीर रूप से घायल हो गए। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के शिकार सभी चारों किशोर एक ही कोचिंग संस्थान से पढ़ाई पूरी कर अपने घर लौट रहे थे।
उत्तराखंड के हल्द्वानी शहर में हुए इस सड़क हादसे ने दो परिवारों के इकलौते चिराग बुझा दिए हैं। पुलिस और स्थानीय प्रशासन से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह दुर्घटना शुक्रवार दोपहर करीब 3:45 बजे हुई। गौलापार हाईवे से लालकुआं की ओर जा रही तेज रफ्तार कार तीनपानी फ्लाईओवर पर पहुंचते ही अचानक अनियंत्रित हो गई और पलटी खाते हुए सड़क के डिवाइडर से जा टकराई।
अस्पताल में दो को मृत घोषित किया गया
कार और डिवाइडर के बीच हुई जोरदार टक्कर की आवाज सुनकर आसपास से गुजर रहे लोग तुरंत मौके पर दौड़े और घटना की सूचना पुलिस को दी। इसके बाद स्थानीय लोगों और पुलिस के संयुक्त प्रयासों से कार में सवार सभी चारों गंभीर रूप से घायलों को तुरंत सुशीला तिवारी अस्पताल (एसटीएच) पहुंचाया गया।
अस्पताल में आपातकालीन कक्ष के चिकित्सकों ने जांच के बाद ऊंचापुल निवासी 16 वर्षीय उत्कर्ष धपोला (पुत्र डॉ. शैलेंद्र धपोला) और देवलचौड़ खाम निवासी 17 वर्षीय सिद्धांत पाठक (पुत्र रवि मोहन पाठक) को मृत घोषित कर दिया। इस दुखद समाचार के मिलते ही दोनों मृतकों के घरों में कोहराम मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
घायलों का चल रहा है उपचार
इस भीषण हादसे में दो अन्य छात्र-छात्राएं गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इनमें पीलीकोठी निवासी 17 वर्षीय भाविका (पुत्री रमेश धामी) और श्याम बिहार (बीजेपी कार्यालय के पास) निवासी 16 वर्षीय प्रांजल मावड़ी (पुत्र प्रेम सिंह मावड़ी) शामिल हैं। दोनों घायलों को पहले सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में शुक्रवार रात को घायल प्रांजल के परिजन बेहतर इलाज के लिए उन्हें एक निजी अस्पताल में ले गए, जहां उनका उपचार चल रहा है।
खास बात यह है कि दुर्घटना में जान गंवाने वाले छात्र उत्कर्ष धपोला और घायल प्रांजल मावड़ी के पिता भीमताल स्थित जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में प्रवक्ता के पद पर कार्यरत हैं। इस घटना से शिक्षा जगत और स्थानीय निवासियों में भी गहरा शोक व्याप्त है।
एसएसपी और फोरेंसिक टीम ने लिया जायजा
दुर्घटना की गंभीरता को देखते हुए नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) डॉ. मंजूनाथ टीसी तुरंत सुशीला तिवारी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने वहां चिकित्सकों से घायलों के स्वास्थ्य और उनके उपचार की व्यवस्था की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने घटनास्थल का दौरा कर हालात का जायजा लिया। हादसे के वास्तविक कारणों और तकनीकी पहलुओं की जांच के लिए पुलिस की फोरेंसिक टीम को भी तुरंत मौके पर भेजा गया था, जिसने घटनास्थल का निरीक्षण कर वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं।
घटना के संबंध में एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह हादसा कार की अत्यधिक रफ्तार (ओवरस्पीड) के कारण होना प्रतीत होता है। इसके अलावा घटनास्थल के पास मौजूद चश्मदीद गवाहों से पूछताछ में यह बात भी सामने आई है कि कार किसी अन्य वाहन को ओवरटेक करने के प्रयास में अनियंत्रित हुई थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फोरेंसिक जांच रिपोर्ट आने और पूरी छानबीन पूरी होने के बाद ही हादसे की असल वजह आधिकारिक रूप से स्पष्ट हो सकेगी।